बोकारो के चिन्मय विद्यालय को बीएसएल प्रबंधन का नोटिस, 29 अगस्त तक अतिक्रमित जमीन करें खाली
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Aug 2022 8:08 AM
सेक्टर पांच स्थित चिन्मय विद्यालय 29 अगस्त तक अतिक्रमित जमीन को खाली कर दे. स्कूल प्रबंधन ने जमीन खाली नहीं किया, तो बीएसएल की ओर से डिमोलीसन ड्राइव चलाया जायेगा. साथ ही जमीन खाली कराने के एवज में प्रबंधन एक लाख रूपये भी वसूल करेगा.
सुनील तिवारी, बोकारो
Bokaro News: सेक्टर पांच स्थित चिन्मय विद्यालय 29 अगस्त तक अतिक्रमित जमीन को खाली कर दे. स्कूल प्रबंधन ने जमीन खाली नहीं किया, तो बीएसएल की ओर से डिमोलीसन ड्राइव चलाया जायेगा. साथ ही जमीन खाली कराने के एवज में प्रबंधन एक लाख रूपये भी वसूल करेगा. बीएसएल प्रबंधन की ओर से इससे संबंधित नोटिस शुक्रवार को चिन्मय विद्यालय के मुख्य द्वार व बाउंड्रावाल पर जगह-जगह चिपकाया गया है. यहां उल्लेखनीय है कि चिन्मय विद्यालय ने खेल मैदान की ओर से पांच हजार वर्ग मीटर जमीन पर लंबे अर्से से कब्जा जमा रखा है. इसको लेकर बीएसएल प्रबंधन रेस हो गया है.
बीएसएल के इस्टेट कोर्ट की टीम पहुंची स्कूल
बीएसएल के इस्टेट कोर्ट की टीम शुक्रवार को चिन्मय विद्यालय पहुंची. विद्यालय के मेन गेट सहित अन्य स्थानों पर जमीन खाली करने से संबंधित नोटिस चिपकाया. नोटिस में विद्यालय को इस माह की 29 तारीख तक जमीन खाली करने का आदेश दिया गया है. बताया जा रहा है कि चिन्मय विद्यालय ने पांच हजार वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा जमा रखा है. प्राप्त जानकारी के अनुसार चिन्मय विद्यालय प्रबंधन को इस्टेट कोर्ट की ओर से कई बार एविक्शन नोटिस भेज कर जमीन खाली करने को कहा गया था. लेकिन स्कूल प्रबंधन ने आज तक जमीन खाली नहीं किया है.
स्टील गेट व लोहे की जाली लगा कर अनाधिकृत निर्माण
बीएसएल ने चिन्मय विद्यालय को कहा है कि 29 अगस्त तक अतिक्रमित जमीन खाली कर दें. अन्यथा प्रबंधन उक्त जमीन को खाली कराने के लिए डिमोलिशन ड्राइव चलायेगा और जमीन खाली कराने के एवज में विद्यालय से एक लाख रूपया भी वसूलेगा. चिन्मय विद्यालय की ओर से अतिक्रमित पांच हजार वर्ग मीटर की जमीन पर सेल स्टील गेट व खडी लोहे की जाली लगा कर अनाधिकृत निर्माण किया गया है. उपरोक्त मामले में सार्वजनिक परिसर (अनाधिकृत कब्जाधारियो की बेदखली) अधिनियम 1971 की धारा 5 ए (2) के तहत 24.06.2022 को पहले ही पारित किया जा चुका है.
क्या है पूरा मामला
चिन्मय विद्यालय ने वर्ष 1979 में स्टाफ क्वार्टर बनाने के लिए बीएसएल प्रबंधन से अतिरिक्त जमीन की मांग की थी. प्रबंधन ने साकरात्मक पहल करते हुए एक अप्रैल 1980 को चिन्मय विद्यालय को उसके परिसर से सटी हुई. पांच हजार वर्ग मीटर जमीन इस कंडीशन में एलाट किया था कि वह तीन माह के अंदर उससे संबंधित डिजाइन व ड्राइंग जमा करेगा. उसके बाद दोनों पार्टी के बीच लीज एग्रीमेंट होगा. लेकिन चिन्मय विद्यालय ने न ड्राइंग व न ही डिजाइन जमा किया. और न ही लीज एग्रीमेंट हुआ. प्रबंधन ने कई बार रिमांइडर भेजा. वर्ष 2009 में स्कूल को इस मामले में स्पष्टीकरण किया गया. इसका भी संतोषजनक उत्तर विद्यालय प्रबंधन ने नहीं दिया. फलस्वरूप 22 अगस्त 2017 को एलाटमेंट कैंसिल कर दिया.
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