ePaper

Bokaro News : सात माह में कई हार्डकोर सहित एक दर्जन नक्सली ढेर

Updated at : 16 Jul 2025 10:53 PM (IST)
विज्ञापन
Bokaro News : सात माह में कई हार्डकोर सहित एक दर्जन नक्सली ढेर

Bokaro News : बोकारो जिला के गोमिया में नक्सलियों पर पुलिस व सुरक्षाबल हावी है. सात माह में एक दर्जन नक्सलियों को मार गिराया गया है.

विज्ञापन

राकेश वर्मा, बेरमो, बोकारो जिला के गोमिया में नक्सलियों पर पुलिस व सुरक्षाबल हावी है. सात माह में एक दर्जन नक्सलियों को मार गिराया गया है. इसमें कई हार्डकोर नक्सली शामिल हैं. 21 अप्रैल 2025 को गोमिया प्रखंड में ही ललपनिया से सटे चोरगांवां के सोसो टोला के निकट लुगू पहाड़ की तलहटी में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस एक करोड़ रुपये का इनामी विवेक उर्फ प्रयाग मांझी (केंद्रीय कमेटी सदस्य), तीन लाख रुपये का इनामी अरविंद यादव (स्पेशल एरिया कमेटी सदस्य), 10 लाख रुपये का इनामी साहब राम मांझी (जोनल कमेटी मेंबर) सहित आठ नक्सली मारे गये थे. बाद में एक महिला नक्सली ने बोकारो एसपी के समक्ष सरेंडर किया था. साथ ही भारी मात्रा में हथियार एवं दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद किये गये थे. 209 कोबरा, बोकारो पुलिस, झारखंड जगुआर और सीआरपीएफ द्वारा चलाये गये इस अभियान का नाम “डाकाबेड़ा ” दिया गया था.

इससे पहले 22 जनवरी 2025 को बोकारो जिला के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरिया पंचायत के बंसी गांव की जरवा बस्ती में हुई मुठभेड़ में एरिया कमांडर शांति देवी व सदस्य मनोज टुडू को मार गिराया गया था. मुठभेड स्थल से एके-47, इंसास राइफल व भारी मात्रा में कारतूस बरामद किया गया था. इससे एक दिन पहले 21 जनवरी को चंद्रपुरा पुलिस ने 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली रणविजय महतो उर्फ रंजय उर्फ नेपाली महतो को गिरफ्तार किया था. मुठभेड़ में मारी गयी शांति देवी इसी की पत्नी थी. इस मुठभेड़ में जिला पुलिस, सीआरपीएफ और जगुआर के जवान शामिल थे. एसपी ने जरवा बस्ती में इनामी नक्सली अनमोल द उर्फ समर जी के घर की भी तलाशी ली थी. जानकारी के अनुसार झारखंड के सब जोनल कमांडर और एक करोड़ का इनामी नक्सली समरजी उर्फ अनमोल दा उर्फ लालचंद टूडू अपना निवास स्थान जरवा सहित अन्य स्थलों के दौरा में आने वाला था. इसके लिए रणविजय क्षेत्र का जायजा लेने ऊपरघाट भी पहुंचा था. झुमरा पहाड़ से विवेक का दस्ता पहुंचने के इंतजार में नक्सली थे.

वर्ष 2007 में भी ऊपरघाट के जरवा में पुलिस व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. उस समय पुलिस ने दावा किया था कि तीन नक्सली मारे गये हैं, लेकिन उनके साथी शवों को लेकर भाग गये. बोकारो थर्मल के तत्कालीन थाना प्रभारी शैलेश कुमार चौहान लैंड माइन की चपेट में आने के कारण घायल हो गये थे. नौ जनवरी 2011 को चतरोचटी थाना क्षेत्र के हुरलूंग पंचायत के जरिया में हुई मुठभेड़ में झुमरा क्षेत्र का एरिया कमांडर धर्मेंद्र महतो सहित तीन नक्सली मारे गये थे. अमन पहाड़ के नीचे अंबानाला नाला के पास वर्ष 2015 में नक्सली देवलाल मांझी मारा गया था.

पहले थी नक्सलियों की धमक, एक दशक में बदली हवा

बेरमो अनुमंडल के नावाडीह प्रखंड का ऊपरघाट और गोमिया प्रखंड का झुमरा व लुगू पहाड़ क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ माना जाता था. पुलिस की सक्रियता के कारण अब नक्सली काफी कमजोर हो गये हैं. एक समय इन इलाकों में नक्सलियों द्वारा किये जाने वाले बड़ी कार्रवाई से पूरा बेरमो धमक जाता था. चाहे गोमिया प्रखंड के दनिया व जगेश्वर बिहार रेलवे के बीच दर्जनों बार रेल पटरी को डायनामाइट से उड़ाने की घटना हो, या लैंड माइन विस्फोट कर पुलिस वाहन को उड़ाने की घटना. नक्सलियों ने इस क्षेत्र में पुलिस मुखबिरी के आरोप में कई लोगों को मौत के घाट उतारा है. इन क्षेत्रों के आसपास के गांवों में नक्सलियों का दहशत इस कदर ग्रामीणों में था कि एक फरमान पर पूरे इलाके में वोट बहिष्कार हो जाता था. लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भारी अर्धसैनिक बलों की तैनाती के बावजूद मतदाता घरों में ही दुबके रह जाते थे. नक्सली फरमान को नहीं मानने वाले या पुलिस की मुखबिरी करने वाले को जनअदालत लगाकर कड़ी सजा देते थे. लेकिन अब नक्सलियों की वह खौफ नहीं है. बीते एक दशक में नक्सली गतिविधियां सिमट गयी. नौजवानों का मोहभंग नक्सलियों से होता गया और संगठन से दूरी बनाने लगे. नक्सलियों के काफी प्रयास के बाद भी संगठन में युवाओं की कमी बनती गयी. पढ़ी-लिखी बच्चियां भी इन गांवों में ब्याह कर आयीं और गांवों में बदलाव की वाहक बनीं. नक्सलवाद के रास्ते बंद हुए. युवाओं ने शिक्षा व रोजगार के रास्ते को चुना. गोमिया, नावाडीह, चंद्रपुरा प्रखंड के उग्रवाद प्रभावित गांवों के हजारों युवा रोजगार की खातिर पलायन कर गये.

बेरमो अनुमंडल में अब तक की बड़ी नक्सली घटनाएं

14 अप्रैल 2003- चंद्रपुरा रेलवे स्टेशन में जीआरपी थाना राइफल लूट

27 अप्रैल 2006- बोकारो झरिया ओपी व दामोदा सीआइएसएफ कैंप पर हमला, कई जवानों की मौत, राइफल लूट

2 दिसंबर 2006- बोकारो थर्मल- कंजकिरो के बीच लैंड माइंस विस्फोट, 15 जवानों की मौत

26 जून 2006- दनिया-जगेश्वर बिहार के बीच रेलवे ट्रेक उड़ाया

7 अप्रैल 2007- सीसीएल खासमहल सीआइएसएफ बैरक पर हमला, चार की मौत, राइफल लूट

15 जुलाई 2007- गोमिया अंचल कार्यालय को लैंड माइंस विस्फोट कर उड़ाया 26 जनवरी 2007- जगेश्वर बिहार-दनिया के बीच रेलवे ट्रैक उड़ाया

वर्ष 2008- गोमो-बरकाकाना रेल खंड बिरहारटांड़ के निकट रेलवे ट्रैक उड़ाया

12 जून 2009- फुसरो मुख्य बाजार व नावाडीह के सारुबेड़ा स्थित बिडवा जंगल में नक्सलियों का हमला, 11 जवानों की मौत, राइफल की लूट

वर्ष 2009- गोमिया व नावाडीह में सामुदायिक भवन उड़ाया

12 अक्टूबर 2009- बोकारो थर्मल-जारंगडीह रेलवे स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक उड़ाया

13 अक्टूबर 2009- दनिया व जगेश्वर बिहार के बीच रेलवे ट्रैक उड़ाया और सीसीएल की खासमहल परियोजना में फुसरो की एक ट्रांसपोर्टिंग कंपनी की दो दर्जन गाड़ियों को जलाया

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JANAK SINGH CHOUDHARY

लेखक के बारे में

By JANAK SINGH CHOUDHARY

JANAK SINGH CHOUDHARY is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola