दिल्ली और नोएडा में बाढ़ की स्थिति, फंसे हुए जानवरों को बचाने गैर सरकारी संगठन आए आगे

नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फाॅर्स (NDRF) पिछले कुछ दिनों में दिल्ली और नोएडा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 900 से अधिक जानवरों को बचाने के लिए आगे आया. इसके अलावा, दो गैर सरकारी संगठनों ने भी 400 से अधिक कुत्तों को इन इलाकों से सुरक्षित निकाला.
राजधानी दिल्ली में यमुना के जलस्तर में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बाढ़ की वजह से दिल्ली के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया है. जलस्तर में वृद्धि के कारण निचले इलाकों में संपत्तियों को नुकसान हुआ है तथा बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए जटिल स्थिति पैदा हो गई है. यमुना में आई बाढ़ के बाद बचावकर्मियों की प्राथमिकता ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रभावित इलाकों से निकालने की रही. हालांकि, कई मामलों में आवारा कुत्तों, बेसहारा गायों, सांड़ और बिल्ली जैसे जानवरों को वहीं छोड़ दिया गया.
नेशनल डिजास्टर रेस्पॉन्स फाॅर्स (एनडीआरएफ) पिछले कुछ दिनों में दिल्ली और नोएडा के बाढ़ प्रभावित इलाकों से 900 से अधिक जानवरों को बचाने के लिए आगे आया. इसके अलावा, दो गैर सरकारी संगठनों ने भी 400 से अधिक कुत्तों को इन इलाकों से सुरक्षित निकाला. फ्रेंडिकोज और नोएडा स्थित हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल्स नामक गैर-सरकारी संगठनों (NGO) ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अभियान चलाया और यमुना के जलस्तर में वृद्धि से प्रभावित निचले इलाकों में फंसे सैकड़ों कुत्तों को बचाया. दिल्ली में कहर बरपाने के बाद यमुना का जलस्तर शनिवार सुबह से कम होने लगा, लेकिन यह अभी भी खतरे के निशान 205.33 मीटर से दो मीटर ऊपर बह रही है.
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फ्रेंडिकोज के एक सदस्य ने बचाव अभियान के बारे में बताया कि उनके स्वयंसेवक समूह ने पिछले तीन दिनों के भीतर बाढ़ प्रभावित इलाकों से 150 से अधिक कुत्तों और 10 से अधिक गायों तथा अन्य संबंधित जानवरों को बचाया. उन्होंने कहा कि फ्रेंडिकोज़ स्वयंसेवक राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फैले हुए हैं और बचाव अभियान चला रहे हैं. संबंधित संगठन के सदस्य ने कहा, हमने मयूर विहार, डीएनडी रोड, पूर्वी दिल्ली, नोएडा सेक्टर-135 से कुत्तों को बचाया. हमने जितना संभव हो सका, दिल्ली-एनसीआर में यमुना के पूरे हिस्से को कवर करने की कोशिश की. पिछले तीन दिनों में 150 से अधिक कुत्तों को बचाया गया है.
हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल्स नामक एनजीओ ने राष्ट्रीय राजधानी के निचले इलाकों में फंसे संकटग्रस्त जानवरों को बचाने के लिए अभियान चलाया और कम से कम 300 कुत्तों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. एनजीओ ने बचाए गए जानवरों के लिए नोएडा के सेक्टर 135 में एक चिकित्सा शिविर भी स्थापित किया है. एनजीओ के संस्थापक संजय महापात्र ने कहा, हमने निचले इलाकों में फंसे जानवरों को बचाया और कम से कम 300 कुत्तों को वहां से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया. हमने नोएडा सेक्टर 135 से 10-12 भैंसों को भी बचाया. बचाए गए जानवरों के इलाज के लिए एक चिकित्सा शिविर स्थापित किया गया है.
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मौसम विभाग ने दिल्ली में और अधिक बारिश की संभावना व्यक्त की है. विशेषज्ञों की मानें तो अधिक बारिश की वजह से यमुना विकराल रूप ले सकती है और बाढ़ का पानी निकलने में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है तथा सड़कों पर जलभराव से दिल्लीवासियों की समस्या और भी बढ़ सकती है. दिल्ली पिछले एक सप्ताह से बाढ़ और जलभराव से जूझ रही है.
राजधानी दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है लेकिन, अभी भी नदी खतरे के निशान के ऊपर ही है. बाढ़ की वजह से दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भरा हुआ है और उसे बाहर निकालने में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है. कई इलाकों में अभी भी बाढ़ के हालात बने ही हुए हैं. दिल्ली सरकार के साथ-साथ एनडीआरएफ और पुलिस प्रशासन हालातों को सामान्य करने की कोशिश में लगातार लगे हुए हैं. सामने आयी जानकारी के अनुसार बाढ़ की वजह से रेड फोर्ट, आईटीओ, सुप्रीम कोर्ट, निगम बोध घाट समेत कई जगहों पर पानी लबालब भरा हुआ है. आईएमडी ने भी इस हफ्ते राजधानी में बारिश की संभावना व्यक्त की है.
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यमुना नदी के जलस्तर में कमी आने के बाद उत्तरी दिल्ली के लोग अपनी दुकानों और घरों की तरफ लौटने लगे हैं. ये लोग बाढ़ आने के कारण अपने घरों और दुकानों को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए थे. सामने आयी जानकारी के मुताबिक, कुछ लोग कश्मीरी गेट के पास मॉनेस्ट्री बाजार में अपनी दुकानों का जायजा लेने के लिए लौटे, जहां पिछले हफ्ते भारी बारिश के बाद बाढ़ आ गई थी और निवासियों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी. (भाषा इनपुट के साथ)
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