Liquor Policy Case: मनीष सिसोदिया को मिलेगी बेल! जमानत याचिका पर आज सुनवाई, 3 अप्रैल तक बढ़ा न्यायिय हिरासत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 21 Mar 2023 7:42 AM

विज्ञापन

New Delhi: Delhi Dy CM Manish Sisodia arrives at the CBI headquarters for questioning in connection with the excise policy probe, in New Delhi, Monday, Oct 17, 2022. (PTI Photo/Shahbaz Khan) (PTI10_17_2022_000047A)

Liquor Policy Case: आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में ईडी ने बीते 9 मार्च को मनीष सिसोदिया को तिहाड़ जेल में गिरफ्तार किया था.

विज्ञापन

Liquor Policy Case: मनीष सिसोदिया बेल पर रिहा होंगे या उन्हें अभी तिहाड़ में ही दिन गुजारने होंगे आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में इसका फैसला होगा. दरअसल, आज दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई होगी. दिल्ली की नयी आबकारी नीति मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर सिसोदिया फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में हैं. इससे पहले सोमवार को सिसोदिया को कोर्ट में पेश किया गया था. जहां सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 14 दिनों के लिए बढ़ा दी. इसके बाद वो 3 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में हैं.

तिहाड़ जेल में बंद है सिसोदिया: आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद हैं. दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में ईडी ने बीते 9 मार्च को मनीष सिसोदिया को तिहाड़ जेल में गिरफ्तार किया था. यहां वे दिल्ली सरकार की 2021-22 के लिए आबकारी नीति बनाने और उसे लागू करने में कथित भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद से बंद हैं. सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है. बता दें, दिल्ली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 अब रद्द की जा चुकी है.

सिसोदिया ने लगाई जमानत की गुहार: गौरतलब है कि मनीष सिसोदिया की न्यायिक हिरासत 3 अप्रैल 2023 तक बढ़ा दी है. आज उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होगी. इससे पहले सिसोदिया ने जमानत को लेकर कहा कि अब उन्हें हिरासत में रखने का कोई सार्थक कारण नहीं है. उन्होंने कहा कि इस मामले में सारी पूछताछ हो चुका है, सभी बरामदगी पहले ही हो चुकी है. इस मामले में अन्य आरोपियों की जमानत पहले ही हो चुकी है. ऐसे में उन्होंने भी कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई है.

आबकारी नीति मामले में ईडी की पूछताछ जारी: बता दे, आबकारी नीति मामले में ईडी लगातार पूछताछ कर रही है.  दिल्ली आबकारी नीति से जुड़े धन शोधन मामले में ईडी ने बीआरएस की नेता के. कविता से बी कल यानी सोमवार को पूछताछ की थी. इससे पहले कविता से 11 मार्च को ईडी ने पूछताछ की थी. बता दें, कविता तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी एवं विधान परिषद की सदस्य है. 

विज्ञापन
Pritish Sahay

लेखक के बारे में

By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola