दिल्ली-NCR में मिली निर्माण और तोड़फोड़ की इजाजत, स्टेज 3 की रोक हटी, कम हुआ वायु प्रदूषण

Published by : Pritish Sahay Updated At : 04 Jan 2023 9:13 PM

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New Delhi: Vehicles ply on a road amid low visibility due to a thick layer of smog, in New Delhi, Saturday, Nov. 05, 2022. Air quality in the national capital continues to remain in the 'severe' category. (PTI Photo/Kamal Kishore)(PTI11_05_2022_000032A)

वायु गुणवत्ता सूचकांक के मंगलवार को 343 पर आ जाने से वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन के तहत लगाए गए निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक को हटा दिया है. हालांकि ग्रेडेड रिस्पांस एक और दो को अभी जारी रखा है.

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गैस चैंबर बनी दिल्ली-एनसीआर को फिलहाल प्रदूषण से राहत दिख रही है. दरअसल दिल्ली-एनसीआर में बीते कुछ समय से वायु प्रदूषण में सुधार देखने को मिल रहा है. इस सुधार के कारण आज यानी बुधवार को केंद्र सरकार के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के चरण तीन के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने के निर्देश दिए हैं. इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में गैर जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ कार्य पर रोक थी.

दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार: गौरतलब है कि दिल्ली का बीते 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) मंगलवार को 385 से सुधर कर शाम चार बजे तक 343 पर आ गया था. ऐसे में केन्द्र की वायु गुणवत्ता आयोग ने बुधवार को प्राधिकारों को चरणबद्ध कार्रवाई कार्ययोजना के तीसरे चरण के तहत गैर जरूरी निर्माण और तोड़फोड़ गतिविधियों पर रोक समेत लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने का निर्देश दिया.

बता दें, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मंगलवार को 343 पर आ जाने से यह रोक हटी है. बता दें, एक्यूआई को 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बेहद खराब और 401 और 500 के बीच गंभीर माना जाता है. वहीं, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) का कहना है कि भारत मौसम विज्ञान विभाग और भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान का अनुमान है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई गंभीर श्रेणी में नहीं जाएगा. इसलिए नियमों में यह ढील दी गई.

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जारी रहेगी यह रोक: वायु गुणवत्ता सूचकांक में सुधार और आने वाले समय में भी इसके गंभीर श्रेणी में नहीं जाने के अनुमान को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से सख्त प्रतिबंधों में ढील देने और जीआरएपी के चरण-तीन को वापस लेने का आदेश दिया है. वहीं, दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक और दो को अभी जारी रखा है.
भाषा इनपुट के साथ

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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