MBA के बाद खेती में उतरे छत्तीसगढ़ के ईशांश, नारियल पेड़ों से लाखों की कमाई

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नारियल की खेती (Photo: AI)

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नारियल सिर्फ फल नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की कमाई का सहारा है. भारत में सदियों से इसकी खेती होती रही है. अब छत्तीसगढ़ में भी किसान नारियल की खेती को कमाई और रोजगार के नए विकल्प के तौर पर अपना रहे हैं.

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बस्तर के पठारी इलाकों में किसान लंबे समय से धान, मक्का, मोटे अनाज और जंगल से मिलने वाली चीजों पर निर्भर रहे हैं. अब नारियल विकास बोर्ड के कोंडागांव स्थित डीएसपी फार्म की कोशिशों से यहां नारियल की खेती भी किसानों के लिए कमाई का एक नया रास्ता बन रही है. बस्तर के कोंडागांव जिले के बकावंड ब्लॉक के 36 वर्षीय ईशांश सिंह राठौर खेती में एक अलग मिसाल पेश कर रहे हैं. किसान परिवार से आने वाले ईशांश ने एमबीए की पढ़ाई की और कुछ समय तक कॉर्पोरेट सेक्टर में काम भी किया. बाद में उन्होंने खेती को अपना काम बनाने का फैसला किया. नारियल विकास बोर्ड से तकनीकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने नारियल की खेती शुरू की.

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ईशांश ने अपने खेत में लगाए करीब 2,500 नारियल के पेड़

ईशांश ने अपने खेत में करीब 2,500 नारियल के पेड़ लगाए हैं. इनमें ज्यादातर बौनी किस्म के पेड़ हैं. करीब 500 पेड़ों से अब नारियल मिलने भी लगा है. खास बात यह है कि उन्होंने सिर्फ नारियल पर निर्भर रहने के बजाय एक ही खेत में कई तरह की फसलें लगाईं. नारियल के बागान के बीच उन्होंने 4,000 अनानास, 800 ड्रैगन फ्रूट, 1,000 आम और 600 नींबू-संतरे जैसे फलदार पेड़ लगाए हैं. इसके अलावा केला, अमरूद, पपीता, लीची, कॉफी, स्ट्रॉबेरी और मौसमी सब्जियों की भी खेती करते हैं. इस तरीके से खेती करने पर उन्हें नारियल से सालाना करीब 5 से 6 लाख रुपये और दूसरी फसलों से लगभग 10 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई. उनकी खेती अब बस्तर के दूसरे किसानों के लिए भी एक उदाहरण बन रही है.

नारियल उत्पादन में भारत नंबर-1, जानें कौन सा राज्य सबसे आगे

दुनिया में नारियल की खेती के मामले में भारत की बड़ी हिस्सेदारी है. भारत नारियल उत्पादन में दुनिया में पहले स्थान पर है, जबकि नारियल की खेती के क्षेत्रफल के मामले में तीसरे नंबर पर है. वैश्विक नारियल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी करीब 31.24 फीसदी है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में देश में करीब 21.9 लाख हेक्टेयर जमीन पर नारियल की खेती हुई. इस दौरान करीब 20,301.22 मिलियन नारियल का उत्पादन हुआ. देश में प्रति हेक्टेयर औसतन करीब 9,249 नारियल का उत्पादन हुआ. राज्यों की बात करें तो केरल में नारियल की खेती का सबसे ज्यादा क्षेत्र है. यहां करीब 7.54 लाख हेक्टेयर में नारियल के पेड़ हैं और करीब 5,149.87 मिलियन नारियल का उत्पादन होता है. वहीं, नारियल उत्पादन में तमिलनाडु सबसे आगे है. प्रति हेक्टेयर उत्पादन के मामले में आंध्र प्रदेश पहले स्थान पर है. इसके बाद पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु का नंबर आता है.

ईशांश की पूरी कहानी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

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