छत्तीसगढ़ में मछली पालन के लिए करोड़ों की मदद, इन्हें मिलेगा फायदा

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प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (AI Photo)

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PM Matsya Sampada Yojana: छत्तीसगढ़ में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. 2020-21 से सितंबर 2026 तक राज्य में नए मछली तालाब, हैचरी, बायोफ्लॉक यूनिट और केज जैसी योजनाओं पर काम हुआ है.

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PM Matsya Sampada Yojana: छत्तीसगढ़ समेत देश के सभी राज्यों में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) चलाई जा रही है. यह योजना 2020-21 से शुरू हुई थी और सितंबर 2026 तक जारी है. इसके लिए 20,750 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है. योजना के तहत मछली पालन के लिए जरूरी सुविधाएं बढ़ाने, उत्पादन बढ़ाने और नई तकनीक अपनाने में मदद दी जाती है. मछुआरों और मछली पालकों को आर्थिक मदद भी मिलती है. इसके साथ ही मछली बेचने के लिए बाजार और दूसरी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी काम किया जा रहा है. इससे लोगों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल रही है.

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छत्तीसगढ़ में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले छह साल में 956.86 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इसमें केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 321.01 करोड़ रुपये है. इसमें से 274.16 करोड़ रुपये राज्य को दिए जा चुके हैं. योजना के तहत 28 मछली बीज हैचरी, 3200 हेक्टेयर में नए मछली तालाब और 287 आधुनिक मछली पालन सिस्टम को मंजूरी मिली है. इसके अलावा 820 बायोफ्लॉक यूनिट और 14 दूसरी परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है. इन योजनाओं का मकसद मछुआरों और मछली पालकों की कमाई बढ़ाना और उन्हें आर्थिक मदद देना है.

सरकार ने कई सुविधाएं शुरू की मछली पालन को लेकर

छत्तीसगढ़ में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई सुविधाएं शुरू की हैं. राज्य में मछली का चारा तैयार करने वाली 511 चारा मिलें, मछली ढोने के लिए 511 छोटे वाहन और जलाशयों में 8500 केज लगाए गए हैं. इसके अलावा एक एकीकृत मत्स्य पार्क भी बनाया गया है. मछुआरों को आर्थिक मदद और सुरक्षा देने के लिए 5.52 लाख मछुआरों का दुर्घटना बीमा कराया गया है. वहीं 9667 मछुआरों को हर साल रोजी-रोटी और पोषण के लिए मदद दी जा रही है. किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए 4189 मछुआरों को आसानी से कर्ज मिलने की सुविधा भी दी गई है. इन प्रयासों का असर मछली उत्पादन पर भी दिखा है.

मछली पालन को लेकर सरकार की ओर से दी गई पूरी जानकारी पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

छत्तीसगढ़ में मछली का उत्पादन कितना?

छत्तीसगढ़ में मछली का उत्पादन 2014-15 में 3.14 लाख मीट्रिक टन था, जो बढ़कर 2024-25 में 8.73 लाख मीट्रिक टन हो गया. इससे मछली पालने वाले किसानों की कमाई बढ़ी है, गांवों में रोजगार के मौके बढ़े हैं और मछली खराब होने से होने वाला नुकसान भी कम हुआ है.

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