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Weather forecast, Bihar Flood Updates: उत्तर बिहार की लाखों की आबादी बाढ़ से प्रभावित, सरकार की व्यवस्था नदारद : माले

Published at :25 Jul 2020 9:54 PM (IST)
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Weather forecast, Bihar Flood Updates: उत्तर बिहार की लाखों की आबादी बाढ़ से प्रभावित, सरकार की व्यवस्था नदारद : माले

Weather forecast, Bihar Flood LIVE Updates: पटना में अगले 24 घंटे में भारी बारिश के आसार बने हुए हैं. इस दौरान ठनका गिरने की आशंका भी है. मौसम पूर्वानुमान विभाग ने इस संबंध में अलर्ट जारी किया है. दरअसल, अक्षीय रेखा पटना से होते हुए बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है. इसकी वजह से न केवल पटना, बल्कि गंगा के निकटवर्ती जिलों बक्सर से लेकर कटिहार तक भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है. आइएमडी पटना के मुताबिक साइक्लोनिक सर्कुलेशन का क्षेत्र झारखंड और उससे सटे इलाके में बना हुआ है, जिससे बिहार के निकटवर्ती जिलों में भारी बारिश संभव है.

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तटबंधों के निर्माण में हुआ भारी भ्रष्टाचार, नतीजा सामने

पटना : भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने विज्ञप्ति जारी कर उत्तर बिहार में बाढ़ की विकरालता पर रोष जाहिर किया है. उन्होंने कहा कि बाढ़ ने एक बार फिर लाखों की आबादी के जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है, लेकिन सरकार का आपदा प्रबंधन कहीं दिख तक नहीं रहा है. कोरोना और बाढ़ ने पूरे उत्तर बिहार की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार को वर्चुअल रैलियों से फुर्सत नहीं है. बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसी भी प्रकार का राहत अभियान नहीं चल रहा है.

उन्होंने कहा कि आज पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा से लेकर सीमांचल का इलाका तटबंधों के लगातार टूटने के कारण बाढ़ से घिर गया है. पश्चिम चंपारण के सैंकड़ों गांवों में पानी घुस आया है और रास्ते बंद हो गये हैं. लोगों की मौतें हो रही हैं. कहा कि चंपारण में नौतन-बैरिया में जो तटबंध टूटा, उसमें 23 जगहों पर रिसाव हो रहा था. इसकी मरम्मति का ठेका भाजपा-जदयू के स्थानीय कार्यकर्ताओं को मिली थी. उन्होंने तटबंध मरम्मति की बजाए इसमें भारी घोटालों किया. भाकपा-माले मांग करती है कि बाढ़ प्रभावित सभी गांव-पंचायतों में बड़े पैमाने पर त्रिपाल, सूखा भोजन सामग्री के पैकेट के साथ ही सामुदायिक भोजनालय, शुद्ध पेयजल तथा मवेशियों के लिए चारा की गारंटी करनी चाहिए.

मोतिहारी के केसरिया, कोटवा व संग्रामपुर में घुसा पानी

मोतिहारी: तटबंध टुटने से गंडक नदी का पानी संग्रामपुर के छह पंचायतों के साथ केसरिया के तीन व कोटवा के दो पंचायतों में प्रवेश कर गया है. करीब एक से डेढ लाख की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है. संग्रामपुर के उत्तर व दक्षिणी भवानीपुर पंचायत, बरियरिया टोला, दक्षिणी बरियरिया, जलहा, केसरिया के धनगड़रहा, सरोतर, गढवा खजुरिया व कोटवा के चांद परसा व अहिरौलिया में गंडक का पानी फैल चुका है. गांव के लोग ऊंचे स्थान व एनएच किनारे शरण लिए हुए हैं.

नेपाल के पानी से बढ़ने लगी गंगा, मंडराया बाढ़ का खतरा

भागलपुर. नेपाल के भू-भाग में विगत 24 घंटे में विभिन्न मुख्य रेनगेज स्टेशनों यानी, गोदावरी, कुमलटांड, संखु, सुंदरीजल, गुमथांग आदि में भारी बारिश से एक बार फिर से गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने लगी है. जलस्तर की स्थिरता के 24 घंटे बाद छह सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गयी है. गंगा अब ऊफनाने को तैयार है. जलस्तर डेंजर लेबल की ओर बढ़ने लगा है. डेंजर लेबल जोन 33.68 मीटर है. गंगा जलस्तर बढ़ने के साथ शुक्रवार को 32.02 मीटर पर पहुंच गया है.

राजधानी में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ा

पटना. राजधानी में गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने लगा है. गंगा नदी का जल स्तर बक्सर में गुरुवार को 53.42 मीटर था, यह शुक्रवार को तीन सेंमी बढ़कर 54.45 मीटर हो गया. पटना के दीघा घाट पर 48.34 मीटर था, जो 28 सेंमी बढ़कर 48.62 मीटर हो गया. पटना के गांधी घाट पर 47.48 मीटर था, इसमें 34 सेंमी की बढ़ोतरी हुई यह 47.82 मीटर हो गया.

पूर्वी चंपारण व गोपालगंज के कई गांवों में घुसा पानी

गोपालगंज. गंडक पर बने सारण व चंपारण तटबंधों के टूटने से पूर्वी चंपारण व गोपालगंज के कई गांवों में पानी घुस गया है़ साथ ही दोनों जिलों में एनएच 28 पर परिचालन बाधित हो गया है. पूर्वी चंपारण के केसरिया, कोटवा व संग्रामपुर की दर्जनों पंचायतों में बाढ़ का पानी घुस गया है. दिल्ली-काठमांडु राजमार्ग 28 स्थित डुमरियाघाट के निर्माणाधीन पुल के पास कटाव शुरू हो गया, जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है. संग्रामपुर में तटबंध टूटने की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों ने एनडीआरएफ टीम के साथ पहुंच बचाव कार्य में जुट गये

समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप

समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन ठप हो गया है. रेलखंड के हायाघाट के पास पुराने रेल पुल के गार्डर पर बागमती का पानी चढ़ जाने के कारण रेल मंडल ने इस रूट से गुजरने वाली सभी ट्रेनों के परिचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. साथ ही इसे अगले आदेश तक बंद रखने को कहा है. जानकारी के अनुसार हायाघाट के पास बागमती का जल स्तर तेजी से बढ़ते हुए रेल पुल संख्या 16 के किलोमीटर 22/6-9 पर सुबह 7.05 मिनट पर गार्डर पर चढ़ गया. इसके कारण दरभंगा से समस्तीपुर की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों का रूट डायवर्ट किया गया है.

राज्य में चलाये जा रहे 28 राहत कैंप

आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि राज्य में 10 जिलों के 435 पंचायतों में करीब आठ लाख की आबादी बाढ़ से पीड़ित हुई है. विभाग के अपर सचिव रामचंद्रू डू ने बताया कि बाढ़पीड़ितों के बीच 28 राहत कैंप चलाये जा रहे हैं. 192 जगहों पर सामुदायिक रसोई चलायी जा रही हैं, जिनमें 81 हजार से अधिक लोगों को भोजन कराया जा रहा है. सर्वाधिक सामुदायिक रसोई दरभंगा में 122 स्थापित शुरू की गयी हैं. गोपालगंज में 14,पूर्वी चंपारण में 27,सीतामढ़ी में तीन,शिवहर में तीन, मुजफ्फरपुर में 15 और खगड़िया में एक सामुदायिक रसोई चल रही है.

सारण मुख्य तटबंध और तीन जगहों पर रिंग बांध टूटा, 72 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में

गोपालगंज में मांझा प्रखंड के पुरैना और बरौली के देवापुर में सारण मुख्य तटबंध और तीन जगहों पर रिंग बांध टूटा है, जबकि जादोपुर में गाइड बांध टूट गया है. इससे मांझा, सिधवलिया, बरौली व बैकुंठपुर प्रखंडों के 72 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं. सीवान व सारण के कई प्रखंडों के भी प्रभावित होने की आशंका है.

आज राहत के लिए सेना उतारेगी हेलिकॉप्टर 

राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. गंडक नदी में पानी के रिकॉर्ड डिस्चार्ज के कारण गुरुवार की आधी रात गोपालगंज व पूर्वी चंपारण जिले में उसका मुख्य तटबंध तीन जगह टूट गया. इससे बड़े इलाके में पानी फैल गया है. इसके कारण इस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (एनएच 28) पर परिचालन बाधित हो गया है. वहीं, हायाघाट के पुराने रेल पुल के गार्डर पर बागमती का पानी चढ़ने से दरभंगा-समस्तीपुर रेलमार्ग बंद हो गया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि 10 जिलों की 435 पंचायतों में करीब आठ लाख की आबादी बाढ़ से पीड़ित हुई है. राज्य सरकार ने वायुसेना से हेलीकाॅप्टर की मांग की है. शनिवार की सुबह तक हेलीकाॅप्टर पटना पहुंच जायेंगे. इसके तुरंत बाद बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत पैकेट गिराये जायेंगे.

बारिश से पटना सिटी के निचले मुहल्लों में जलजमाव

पटना सिटी. माॅनसून की शुक्रवार को हुई बारिश की वजह से गलियों के शहर पटना सिटी के निचले इलाकों में रहने वालों की परेशानी बढ़ गयी. स्थिति यह थी कि पहले से हुई बारिश का जमा पानी अभी पूरी तरह से निकल भी नहीं पाया था कि इसी बीच में शुक्रवार की सुबह से हो रही बारिश ने स्थिति नारकीय कर दी. स्थिति यह थी कि कहीं जलजमाव, तो कहीं कीचड़युक्त फैली गंदगी से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई. लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया है. बारिश के कारण बाजार समिति के पीछे, नंद नगर, रामपुर रोड, बकरी मंडी, न्यू अजीमाबाद कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, शनिचरा, संदलपुर, कस्तुरबा नगर, वाचस्पति नगर समेत अन्य जगहों की स्थिति नारकीय हो गयी है. इसके अलावा बाड़े की गली, हरिमंदिर गली, काली स्थान दीरा पर मंगल तालाब के समीप, श्री गुरु गोबिंद सिंह पथ, गौरीदास की भट्ठी समेत अन्य जगहों पर कीचड़युक्त गंदगी के कारण पैदल चलने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था. स्थानीय नागरिकों की मानें तो बाजार समिति के पीछे कुम्हरार संदलपुर आने वाले मार्ग पर नाला निर्माण के लिए गड्डा खोद छोड़ दिये जाने से स्थानीय लोगों में भय बना है. इसी प्रकार से बाजार समिति परिसर में भी स्थिति नारकीय हो गयी है.

बाढ़ नियंत्रण के नाम पर मचा है लूटपाट : तेजस्वी

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से जनजीवन बेहाल है़ बांध और तटबंध निरंतर टूट रहे हैं और सरकार सोयी हुई है़. उन्होंने कहा है कि जल संसाधन विभाग में बाढ़ नियंत्रण के नाम पर खुली लूट की जा रही है़ उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की बजाय प्रतिक्रियावादी अप्रोच अपना रही है. तेजस्वी ने सरकार से सवाल पूछा कि अगर तटबंध निर्माण में गुणवता होगी तो वह टूटेगा कैसे. तेजस्वी ने कहा कि छपरा प्रमंडल, दरभंगा या कोसी का इलाका हो, सभी जगह लोग परेशान है़ं. बाढ़ में घिरे लोगों के पास राशन का अभाव है़. हालात यह है कि सरकार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में अभी तक कैंप तक नहीं लगाया है.

पुनपुन नदी का जल स्तर घटा

पुनपुन प्रखंड स्थित पुनपुन नदी का जल स्तर बीते दो दिनों से घटने की वजह से जल स्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है. शुक्रवार की शाम छह बजे पुनपुन प्रखंड मुख्यालय स्थित श्रीपालपुर में नदी का जल स्तर 50.26 मीटर दर्ज किया गया है. वहीं नदी का जल स्तर घटने से लोगों ने राहत की सांस ली.

गोपालगंज व पूर्वी चंपारण जिले में मुख्य तटबंध तीन जगह टूटा

राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. गंडक नदी में पानी के रिकॉर्ड डिस्चार्ज के कारण गुरुवार की आधी रात गोपालगंज व पूर्वी चंपारण जिले में उसका मुख्य तटबंध तीन जगह टूट गया. इससे बड़े इलाके में पानी फैल गया है. इसके कारण इस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (एनएच 28) पर परिचालन बाधित हो गया है. वहीं, हायाघाट के पुराने रेल पुल के गार्डर पर बागमती का पानी चढ़ने से दरभंगा-समस्तीपुर रेलमार्ग बंद हो गया है. आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि 10 जिलों की 435 पंचायतों में करीब आठ लाख की आबादी बाढ़ से पीड़ित हुई है. राज्य सरकार ने वायुसेना से हेलीकाॅप्टर की मांग की है. शनिवार की सुबह तक हेलीकाॅप्टर पटना पहुंच जायेंगे.

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