जेईई मेन में विवेकानंद को मिली सफलता, जिले का नाम किया रौशन

गरीबी और संसाधनों की कमी को पीछे छोड़ रचा सफलता का इतिहास
-गरीबी और संसाधनों की कमी को पीछे छोड़ रचा सफलता का इतिहास सुपौल. सदर प्रखंड स्थित बरुआरी के बेटे विवेकानंद ने जेईई मेन परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर न सिर्फ अपने माता-पिता का सपना पूरा किया, बल्कि पूरे गांव को गौरवान्वित किया है. विवेकानंद के पिता मायानंद झा व मां कुमकुम देवी आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण विवेकानंद को किसी बड़े कोचिंग संस्थान में भेजना संभव नहीं था. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. गांव में रहकर सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन क्लासेस की मदद से अपनी पढ़ाई जारी रखी और कठिन परिश्रम से सफलता की ऊंचाइयों को छू लिया. विवेकानंद ने वर्ष 2021 में तेजेंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय से मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी और फिर 2023 में इंटरमीडिएट भी प्रथम श्रेणी में पास किया. इसके बाद उन्होंने जेईई की तैयारी गांव में रहकर ही शुरू की. ऑल इंडिया जनरल लिस्ट में उन्हें 34 हजार वां रैंक प्राप्त हुआ, जबकि ईडब्ल्यूएस श्रेणी में उन्होंने 12 हजार 700 वां स्थान हासिल किया. उन्होंने ””प्रभात खबर”” से बातचीत में बताया कि यह सफलता उन्हें माता-पिता के आशीर्वाद, ऑनलाइन संसाधनों, और लगातार मेहनत के बल पर मिली है. पढ़ाई के साथ-साथ विवेकानंद को क्रिकेट खेलने का भी शौक है. उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि गांव के युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन गई है.
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