त्रिवेणीगंज में अवैध क्लिनिक पर छापेमारी, टिन के कमरे में हो रहा था मरीजों का इलाज

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अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक के नेतृत्व में की गई छापेमारी | Prabhat Khabar Network

त्रिवेणीगंज में स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की टीम ने एक कथित अवैध क्लिनिक पर छापेमारी की. टिन की चादरों से बने अस्थायी कमरे में मरीजों का इलाज हो रहा था, जिससे हड़कंप मच गया. मामले की बारीकी से जांच की जा रही है.

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Supaul News: त्रिवेणीगंज (सुपौल) में बाहर से देखने पर टिन की चादरों से बना एक साधारण कमरा. अंदर चल रहा था मरीजों का इलाज. स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम अचानक यहां पहुंची, झोलाछाप डाक्टर और कंपाउंडर मौके से फरार हो गये. इसके बाद क्लिनिक की व्यवस्था की जांच शुरू हुई तो अधिकारियों को कई ऐसे तथ्य मिले, जिनकी अब बारीकी से पड़ताल की जा रही है.

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मामला त्रिवेणीगंज नगर परिषद क्षेत्र के बाजार में हीरो शोरूम के सामने संचालित एक कथित अवैध क्लिनिक का है. अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने यहां छापेमारी की. कार्रवाई के बाद आसपास के इलाके में संचालित कथित अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर और लैब संचालकों में भी हड़कंप मच गया है.

टीम पहुंची तो भाग निकले कथित चिकित्सक और कंपाउंडर

स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लिनिक पर पहुंची तो वहां मरीज इलाज के लिए मौजूद थे. टीम को देखते ही कथित झोलाछाप चिकित्सक और कंपाउंडर मौके से चले गये. अचानक हुई कार्रवाई के कारण क्लिनिक परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गयी.

इसके बाद अधिकारियों ने क्लिनिक के अंदर पहुंचकर पूरे परिसर की जांच की. टिन की चादरों से बने अस्थायी कमरे में मरीजों का इलाज होते पाया गया. टीम ने वहां मौजूद मरीजों से पूछताछ की और यह जानने की कोशिश की कि उनका इलाज किस तरह और किन सुविधाओं के बीच किया जा रहा था.

गर्भावस्था के इलाज के लिए पहुंची थी महिला

छापेमारी के दौरान क्लिनिक में कई मरीज मिले. इनमें कुमारखंड थाना क्षेत्र के भोकराहा निवासी आशीष कीमर की 25 वर्षीय पत्नी मनीषा कुमारी गर्भावस्था संबंधी इलाज के लिए पहुंची थीं.

इसके अलावा पिपरा थाना क्षेत्र के छिट दुवयाही वार्ड संख्या-19 निवासी मोहम्मद जमाल की 30 वर्षीय पत्नी गुलशन खातून वायरल फीवर के इलाज के लिए मौजूद थीं. नगर परिषद क्षेत्र के मेढ़िया निवासी विंदेश्वरी यादव की पत्नी रंजन देवी भी वायरल फीवर के इलाज के लिए क्लिनिक पहुंची थीं.

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इन मरीजों से इलाज से जुड़ी जानकारी ली. क्लिनिक में उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में भी पूछताछ की गयी.

किसके नाम पर चल रहा था क्लिनिक, अब इसकी जांच

जांच के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को जानकारी मिली कि क्लिनिक का संचालन कथित रूप से बाजार के चर्चित चिकित्सक शंभू कुमार द्वारा किया जा रहा था. हालांकि, क्लिनिक के संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज और चिकित्सकीय योग्यता की जांच अभी की जा रही है.

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह क्लिनिक लंबे समय से संचालित हो रहा था. आसपास और दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग यहां इलाज के लिए पहुंचते थे.

स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्लिनिक के संचालन के लिए आवश्यक अनुमति थी या नहीं और वहां मरीजों का इलाज करने वाले व्यक्ति की चिकित्सकीय योग्यता क्या है.

मरीजों का इलाज किस व्यवस्था में हो रहा था, इस पर भी सवाल

इस कार्रवाई में सबसे महत्वपूर्ण सवाल क्लिनिक की व्यवस्था को लेकर सामने आया है. मरीजों का इलाज टिन की चादरों से बने अस्थायी कमरे में किया जा रहा था.

स्वास्थ्य केंद्र या क्लिनिक में मरीजों के इलाज के लिए जरूरी सुविधाओं, उपकरणों और मानकों का होना महत्वपूर्ण है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि यहां उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप थीं या नहीं.

मरीजों से पूछताछ और मौके से जुटाये गये साक्ष्यों के आधार पर अब आगे की कार्रवाई तय की जायेगी.

अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ चल रहा अभियान

स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रखंड क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित निजी क्लिनिक, नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड सेंटर, लैब जांच घर और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जा रहा है.

इसी अभियान के तहत गुरुवार को बाजार स्थित इस क्लिनिक में छापेमारी की गयी. टीम ने क्लिनिक में मौजूद सामग्री और दस्तावेजों की भी जांच की तथा कई महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किये.

इस कार्रवाई का असर अब आसपास के दूसरे स्वास्थ्य संस्थानों पर भी दिख रहा है. संयुक्त कार्रवाई की सूचना फैलने के बाद कथित रूप से बिना जरूरी अनुमति संचालित संस्थानों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति है.

Supaul News: जांच में आरोप सही मिले तो होगी कानूनी कार्रवाई

अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार ने बताया कि अवैध रूप से संचालित क्लिनिकों के खिलाफ अभियान के तहत लगातार जांच की जा रही है. गुरुवार को बाजार स्थित एक क्लिनिक की जांच की गयी और कई साक्ष्य एकत्र किये गये हैं.

उन्होंने बताया कि क्लिनिक के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. यदि जांच में क्लिनिक के अवैध रूप से संचालन और संबंधित आरोप सही पाये जाते हैं, तो संचालक सहित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

स्वास्थ्य विभाग ने आगे भी ऐसे संस्थानों की जांच जारी रखने की बात कही है. इसका उद्देश्य बिना आवश्यक अनुमति और चिकित्सकीय योग्यता के मरीजों का इलाज किये जाने पर रोक लगाना है.

छापेमारी टीम में अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. उमेश कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रमानंद प्रसाद, सब-इंस्पेक्टर अविनाश निराला सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल शामिल था.

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राजीव कुमार झा

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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