सुपौल में 525 किलोवाट फ्लोटिंग सोलर प्लांट से बिजली के साथ रोजगार बढ़ाने की तैयारी, पोखर में मछली पालन शुरू

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क्षेत्र का निरीक्षक करते डीडीसी. | Prabhat Khabar Network

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सुपौल प्रशासन ने 525 किलोवाट फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट की क्षमता बढ़ाने और राजा पोखर को दोहरे उपयोग के मॉडल के रूप में विकसित करने की पहल की है. "नीचे मछली, ऊपर बिजली" की अवधारणा के तहत मछली पालन से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा.

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सुपौल जिले में नवीकरणीय ऊर्जा के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका बढ़ाने की दिशा में प्रशासन ने पहल तेज कर दी है. इसी क्रम में उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने पिपरा प्रखंड की दीनापट्टी पंचायत के सखुआ गांव स्थित राजा पोखर में स्थापित 525 किलोवाट पीक (केवीपी) फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट का निरीक्षण किया. उन्होंने प्लांट के संचालन, बिजली उत्पादन और पोखर के उपयोग की स्थिति का जायजा लिया.

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खराब इनवर्टर के कारण घटा बिजली उत्पादन

निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और संचालक प्रतिनिधि ने बताया कि इस परियोजना का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया था. वर्तमान में प्लांट से प्रतिदिन करीब 700 से 800 यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है. बताया गया कि तीन इनवर्टर खराब होने के कारण फिलहाल बिजली उत्पादन प्रभावित है.

सभी उपकरण दुरुस्त हुए तो 2400 यूनिट बिजली

अधिकारियों के अनुसार सभी खराब इनवर्टर दुरुस्त होने के बाद प्लांट अपनी क्षमता के अनुरूप करीब 2400 यूनिट बिजली प्रतिदिन उत्पादन कर सकता है. डीडीसी ने प्लांट के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण करते हुए बिजली उत्पादन की स्थिति की समीक्षा की. उन्होंने संबंधित एजेंसी को खराब उपकरणों को जल्द बदलने और तकनीकी कमियों को दूर करने का निर्देश दिया.

राजा पोखर की होगी व्यापक साफ-सफाई

डीडीसी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और दीनापट्टी पंचायत के मुखिया को राजा पोखर तथा उसके आसपास के परिसर की व्यापक साफ-सफाई सुनिश्चित कराने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सोलर प्लांट के साथ पोखर के पर्यावरणीय और आर्थिक उपयोग पर भी ध्यान देना जरूरी है.

नीचे मछली, ऊपर बिजली की अवधारणा पर जोर

प्रशासन अब राजा पोखर को दोहरे उपयोग के मॉडल के रूप में विकसित करने की तैयारी में है. डीडीसी ने जिला मत्स्य पदाधिकारी को “नीचे मछली, ऊपर बिजली” की अवधारणा को प्रभावी ढंग से लागू कराने का निर्देश दिया. इसके तहत पोखर में वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन शुरू करने की योजना है.

मछली पालन से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

डीडीसी ने कहा कि मछली पालन को बढ़ावा देने से स्थानीय लोगों को रोजगार के साथ अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा. इससे एक ही जलस्रोत का उपयोग नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और आजीविका के लिए किया जा सकेगा. प्रशासन का जोर इस मॉडल को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर है.

पूरी क्षमता से चलेगा प्लांट तो बढ़ेगा फायदा

डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने फ्लोटिंग सोलर प्लांट को जिले की महत्वाकांक्षी परियोजना बताया. उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और प्लांट को पूरी क्षमता से संचालित कराने का निर्देश दिया. उनका कहना है कि परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिलना चाहिए.

कई विभागों के अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता, जिला मत्स्य पदाधिकारी, स्थानीय मुखिया समेत अन्य जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे. प्रशासन की कोशिश है कि तकनीकी कमियों को जल्द दूर कर सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ राजा पोखर को रोजगार का केंद्र भी बनाया जाए.

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