अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाना प्राथमिकता, पीएलवी निभाएं सक्रिय भूमिका : डीएलएसए सचिव
बैठक करते सचिव | Prabhat Khabar Network
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) सुपौल ने पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) को समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया है. बैठक में मध्यस्थता अभियान 3.0 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी ज़ोर दिया गया.
सुपौल : समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की प्राथमिकता है. आर्थिक, सामाजिक या अन्य किसी कारण से कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, इसके लिए पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) को जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभानी होगी. ये बातें जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए), सुपौल के सचिव अमित गौरव ने पीएलवी की बैठक को संबोधित करते हुए कहीं.
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल राजेश कुमार बच्चन के निर्देशानुसार डीएलएसए कार्यालय में पीएलवी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी. बैठक की अध्यक्षता डीएलएसए सचिव अमित गौरव ने की.
कानूनी अधिकारों और विधिक सेवाओं की दें जानकारी
बैठक में विधिक जागरूकता को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ विभिन्न विधिक सेवा योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा की गयी. पीएलवी को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आम लोगों से संपर्क स्थापित कर उन्हें कानूनी अधिकारों और उपलब्ध विधिक सेवाओं की जानकारी दें.
विशेष रूप से निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता, पीड़ित प्रतिकर, महिला एवं बाल अधिकार तथा वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों से जुड़ी योजनाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया.
मध्यस्थता अभियान 3.0 का करें व्यापक प्रचार
बैठक में वर्ष 2026 में चल रहे राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान 3.0 को लेकर भी पीएलवी को जानकारी दी गयी. बताया गया कि विशेष मध्यस्थता अभियान 1 अगस्त 2026 से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य लंबित विवादों का मध्यस्थता के माध्यम से शीघ्र और सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देना है.
पीएलवी को निर्देशित किया गया कि वे लोगों को मध्यस्थता के लाभों से अवगत कराएं और अपने क्षेत्रों में ऐसे उपयुक्त मामलों की पहचान करें, जिनका समाधान पक्षकारों की सहमति से मध्यस्थता के माध्यम से संभव हो सकता है. लोगों को बताया जाए कि मध्यस्थता विवादों के समाधान में समय और खर्च दोनों की बचत करने के साथ पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है.
विधिक सेवा संस्थानों और जनता के बीच कड़ी हैं पीएलवी
सचिव अमित गौरव ने कहा कि पीएलवी विधिक सेवा संस्थानों और आम जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं. उनकी जिम्मेदारी केवल कानूनी जानकारी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को न्याय और विधिक सहायता तक पहुंचने के सरल एवं सुलभ माध्यमों की जानकारी देना भी है.
उन्होंने पीएलवी से राष्ट्रव्यापी मध्यस्थता अभियान 3.0 को जमीनी स्तर तक पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को मध्यस्थता के प्रति जागरूक करने की अपील की.
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि विधिक जागरूकता का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब इसका लाभ समाज के उन वर्गों तक पहुंचे, जो आर्थिक या सामाजिक परिस्थितियों के कारण अपने अधिकारों की जानकारी प्राप्त करने अथवा न्यायिक संस्थाओं तक पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं.
डीएलएसए, सुपौल ने कहा कि न्याय केवल न्यायालय तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पीएलवी की सक्रिय भागीदारी, व्यापक विधिक जागरूकता और मध्यस्थता जैसे वैकल्पिक विवाद समाधान के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया.
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