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बिहार के सरकारी कॉलेजों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को फ्री मिलेगी इ लाइब्रेरी की सुविधा

Updated at : 30 Aug 2022 4:45 AM (IST)
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झारखंड मेधा छात्रवृत्ति योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू

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बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद के शैक्षणिक सलाहकार डॉ एन के अग्रवाल के मुताबिक इस तरह ई लायब्रेरी की सुविधा मिल जाने से सबसे बड़ा फायदा रिसर्च स्कॉलर्स को मिलेगा. वह देश दुनिया के अनुसंधानों से समय पर अपडेट हो सकेंगे

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पटना. प्रदेश में सभी विश्वविद्यालयों से संबद्ध करीब 280 से अधिक सरकारी कॉलेजों में इ लायब्रेरी की सुविधा दी जायेगी. इसके लिए सभी कॉलेजों की लाइब्रेरी को ऑन लाइन जोड़ा जा रहा है. विशेष बात यह होगी कि देश और दुनिया के तमाम बड़े विश्वविद्यालय की विशेष एवं दुर्लभ ई बुक्स को भी इसे कनेक्ट किया जायेगा. इससे रिसर्च स्कॉलर को काफी फायदा होगा. विशेष यह कि ये सुविधा विद्यार्थी को बिना किसी शुल्क के मिलेगी. इस तरह बिहार के उच्च शिक्षण संस्थानों के 23 लाख से अधिक विद्यार्थी इस सुविधा का फायदा उठा सकेंगे.

विश्वविद्यालयों को जरूरी दिशा निर्देश किया जाएगा जारी 

इ लाइब्रेरी को एन लिस्ट(नेशनल लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन सर्विस इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर स्कॉलरी कंटेंट ) सर्विस का नाम दिया गया है. कॉलेज मात्र पांच हजार रुपये साल में संबंधित वेबसाइट काे सब्सक्राइब करेगा. फिलहाल इस संबंध में प्रदेश के शिक्षा सचिव असंगबा चुबा आओ ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों को जरूरी दिशा निर्देश सोमवार को जारी किये हैं. एन लिस्ट की यह सुविधा सभी पारंपरिक कॉलेजों के अलावा एग्रीकल्चर, इंजीनियरिंग, मेडिकल फॉर्मेसी और नर्सिंग कॉलेजों तक को मिल सकेगी. उल्लेखनीय है कि अगर निजी कॉलेजों को यह सुविधा 30 हजार रुपये सालाना फीस पर मिलेगी. एन लिस्ट लायब्रेरी की सुविधा में यूएसए, यूके, जर्मनी आदि देशों के विश्वविद्यालयों की इ बुक पढ़ने की सुविधा मिलेगी. जानकारी के मुताबिक दरअसल विद्यार्थियों को एन लिस्ट का लिंक और यूजर आइडी और पासवर्ड दे दिया जायेगा. विद्यार्थी इसका इस्तेमाल लैपटॉप, मोबाइल और दूसरे डिजिटल माध्यमों पर कर सकेंगे.

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सबसे बड़ा फायदा रिसर्च स्कॉलर्स को मिलेगा

बिहार उच्चतर शिक्षा परिषद के शैक्षणिक सलाहकार डॉ एन के अग्रवाल के मुताबिक इस तरह ई लायब्रेरी की सुविधा मिल जाने से सबसे बड़ा फायदा रिसर्च स्कॉलर्स को मिलेगा. वह देश दुनिया के अनुसंधानों से समय पर अपडेट हो सकेंगे. इसकी वजह से रिसर्च कराने वाले गाइड का एकाधिकार भी टूटेगा. इसी तरह परिषद के शैक्षणिक सलाहकार डॉ गौरव सिक्का ने बताया कि बिहार की उच्च शिक्षा के लिए इ लायब्रेरी और एन लिस्ट की यह सुविधा क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी. बिहार ने इस दिशा में प्रभावी कदम उठा दिया है. यह सुविधा यूजीसी -इन्फ्लिबनेट नाम की संस्था उपलब्ध करायेगी.

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