सोहगरा धाम में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब: सावन की अंतिम सोमवारी पर 1 लाख लोगों ने किया जलाभिषेक, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने भी टेका माथा
बाबा हंसनाथ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक करते पूर्व विधान सभा अध्यक्ष
बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा पर स्थित बाबा हंसनाथ मंदिर, सोहगरा धाम में सावन की अंतिम सोमवारी पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा हंसनाथ का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि की कामना की.
Baba Hansnath Temple: बिहार-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध बाबा हंसनाथ मंदिर, सोहगरा धाम में सावन माह की अंतिम सोमवारी को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. बाबा हंसनाथ के जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही. मंदिर समिति के अनुसार, अंतिम सोमवारी को करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने बाबा हंसनाथ का जलाभिषेक किया. हर-हर महादेव और जय शिव शंभू के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय बना रहा.
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श्रद्धालु पवित्र गंडकी नदी में स्नान करने के बाद जल लेकर मंदिर परिसर पहुंचे और कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार किया. मंदिर में पूजा-अर्चना और आरती के बाद पट खोले गए, जिसके बाद श्रद्धालुओं को बाबा हंसनाथ के शिवलिंग पर जलाभिषेक की अनुमति दी गई. दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की.
गोरखपुर, देवरिया, लार, सलेमपुर, बलिया, सिकंदरपुर, गाजीपुर, मऊ, भाटपार और भटनी के अलावा सीवान, छपरा और गोपालगंज समेत विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोहगरा पहुंचे.
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने किया जलाभिषेक
सावन की अंतिम सोमवारी पर बिहार के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने भी बाबा हंसनाथ मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की. इस अवसर पर मंदिर समिति की ओर से उन्हें बाबा हंसनाथ का स्मृति-चिह्न और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया.
श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए किए गए इंतजाम
अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने पहले से ही व्यापक तैयारियां की थीं. रविवार की देर शाम से श्रद्धालुओं के ठहरने सहित अन्य व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई थीं.
थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि श्रद्धालुओं को मुख्य मार्ग से पैदल मंदिर के मुख्य द्वार तक आने की व्यवस्था की गई थी. मुख्य द्वार पर कतार में खड़े श्रद्धालुओं को संख्या के अनुसार आगे भेजा गया. इसके बाद गर्भगृह के मुख्य द्वार पर लगे डोंगे में जल अर्पित करने की अनुमति दी गई.
मंदिर परिसर में तैनात रहे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल
सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए मुख्य मार्ग, मुख्य द्वार, प्रवेश द्वार और मंदिर परिसर में मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रशासन और मंदिर समिति के कर्मियों ने पूरे दिन श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया.
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