32 करोड़ का बजट और 2 साल का इंतजार... सीवान जंक्शन का आधा काम भी अधूरा, पहली ही बारिश में नए शेड से गिरने लगा पानी
नए शेड से गिरता बारिश का पानी
Siwan Junction Redevelopment : सीवान जंक्शन का बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास कार्य धीमी गति से चल रहा है, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है. 32.13 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के बावजूद, निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर पहली बारिश में ही नए शेड से पानी गिरने की समस्या के कारण.
Siwan Junction Redevelopment : सीवान जंक्शन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक स्वरूप देने का काम करीब दो वर्षों से जारी है. करीब 32.13 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना के बावजूद निर्माण की रफ्तार यात्रियों की चिंता बढ़ा रही है. अभी तक 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं हो सका है. वहीं, प्लेटफॉर्म संख्या-1 के नवनिर्मित हिस्से में बारिश के दौरान शेड से पानी गिरने की समस्या सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं.
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32.13 करोड़ की योजना, फिर भी काम की रफ्तार धीमी
सीवान जंक्शन के पुनर्विकास का काम अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा है. स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर यात्री व्यवस्था से लैस करने के लिए करीब 32.13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं. लेकिन करीब दो वर्षों से काम जारी रहने के बाद भी परियोजना का आधा हिस्सा पूरा नहीं हो सका है. निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण यात्रियों को लंबे समय से असुविधा झेलनी पड़ रही है.
प्लेटफॉर्म नंबर-1 के बदले हिस्से से जगी थी उम्मीद
प्लेटफॉर्म संख्या-1 के जिस हिस्से का काम पूरा हो चुका है, उसका बदला हुआ स्वरूप यात्रियों को आकर्षित करता है. नए फर्श, बेहतर संरचना और आधुनिक डिजाइन से स्टेशन का रूप पहले की तुलना में काफी बेहतर नजर आता है. इससे यात्रियों को उम्मीद जगी थी कि जल्द ही पूरा सीवान जंक्शन आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा.
बारिश ने नए निर्माण की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
नए बने हिस्से की चमक के बीच बारिश ने निर्माण व्यवस्था की एक गंभीर समस्या सामने ला दी है. बारिश होते ही नवनिर्मित प्लेटफॉर्म के शेड से पानी की बौछार नीचे गिरने लगती है. यात्रियों को खुद को और अपने सामान को भीगने से बचाने के लिए जगह बदलनी पड़ती है. जिस शेड को बारिश और धूप से यात्रियों को राहत देने के लिए बनाया गया है, वही बारिश के दौरान परेशानी का कारण बन रहा है.
अधूरे निर्माण के बीच यात्रियों का सफर मुश्किल
स्टेशन पर पुनर्विकास कार्य के कारण कई जगह निर्माण सामग्री रखी गई है. कुछ हिस्से अधूरे हैं और यात्रियों की आवाजाही के लिए अस्थायी रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है. इससे स्टेशन पर आवागमन प्रभावित होता है. बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और भारी सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
यात्रियों के सामने बड़ा सवाल, कब पूरा होगा काम
सीवान जंक्शन जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन है और यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं. ऐसे में लंबे समय तक चल रहा निर्माण कार्य यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रहा है. यात्रियों की मांग है कि काम में तेजी लाई जाए, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाए.
नए शेड से पानी गिरने पर निगरानी पर सवाल
यात्रियों का कहना है कि यदि नए बने शेड से ही बारिश का पानी प्लेटफॉर्म पर गिर रहा है, तो निर्माण की गुणवत्ता और उसकी निगरानी को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है. करोड़ों रुपये की परियोजना में तैयार हो रही सुविधाएं लंबे समय तक यात्रियों के काम आएं, इसके लिए निर्माण के साथ गुणवत्ता की जांच भी जरूरी है.
रेलवे प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद
अब यात्रियों की नजर रेलवे प्रशासन पर है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि 32.13 करोड़ रुपये की योजना का काम कब तक पूरा होगा. इसके साथ ही नवनिर्मित शेड से बारिश का पानी गिरने की समस्या का स्थायी समाधान कब किया जाएगा. यात्रियों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य में तेजी के साथ गुणवत्ता की भी गंभीरता से निगरानी की जाएगी.
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