सीवान : बड़हरिया में ईद मिलादुन्नबी पर भव्य जलसा, सुरक्षा के बीच निकला मोहम्मदिया जुलूस
बड़हरिया में ईद मिलादुन्नबी पर भव्य जलसा Ai जेनरेटेड इमेज
सीवान के बड़हरिया प्रखंड में मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाई गई. विभिन्न गांवों से निकले जुलूस के बाद ब्लॉक मैदान में भव्य जलसा हुआ. इसमें अमन, भाईचारे और इंसानियत का पैगाम दिया गया.
Barharia Eid Milad-un-Nabi : सीवान के बड़हरिया प्रखंड में मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश यानी ईद मिलादुन्नबी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनायी गयी. इस मौके पर प्रखंड के विभिन्न गांवों से मोहम्मदिया जुलूस निकाला गया, जो थाना चौक होते हुए ब्लॉक मैदान पहुंचा. यहां मौलाना डॉ. मोहम्मद हारुन रशीद की अध्यक्षता में भव्य जलसा आयोजित हुआ. कार्यक्रम में अमन, भाईचारे, इंसानियत और मोहब्बत का संदेश दिया गया.
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गांवों से निकला मोहम्मदिया जुलूस
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर मुर्गिया टोला, महबूबछपरा, शफीछपरा, सुरहियां, तेतहली, हरपुर, बड़हरिया पुरानी बाजार, छक्का टोला, माधोपुर, चैनछपरा और परसवा टोला समेत कई गांवों से जुलूस निकाला गया. जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरे उत्साह के साथ ब्लॉक मैदान की ओर रवाना हुए.
नारों से गूंज उठा बड़हरिया बाजार
मोहम्मदिया जुलूस के दौरान नारे तकबीर, अल्लाह हो अकबर और नबी की आमद मरहबा-मरहबा जैसे नारों से बड़हरिया बाजार गूंज उठा. ग्रामीण क्षेत्रों से निकला जुलूस थाना चौक होते हुए ब्लॉक मैदान पहुंचा. लोगों ने इस दौरान पैगंबर मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और उनके संदेशों को याद किया.
ब्लॉक मैदान में हुआ भव्य जलसा
ब्लॉक मैदान में मौलाना डॉ. मोहम्मद हारुन रशीद की अध्यक्षता में जलसा आयोजित किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तिलावत से हुई. इसके बाद कई मौलानाओं ने नात-ए-पाक पेश की. कार्यक्रम के अंत में देश और समाज में अमन-चैन तथा आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी गयी.
इस्लाम अमन और इंसानियत का देता है संदेश
जलसा को संबोधित करते हुए मौलाना डॉ. हारुन रशीद ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने दुनिया को शांति, आपसी एकता, भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस्लाम में नफरत और अदावत की कोई गुंजाइश नहीं है. इस्लाम मोहब्बत और अच्छे आचरण का पैगाम देता है.
मोहब्बत से इंसानियत को जोड़ने की सीख
मौलाना डॉ. हारुन रशीद ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने इंसानियत और मोहब्बत का संदेश देकर लोगों को आपस में जोड़ने का काम किया. उन्होंने सभी जीवों से प्रेम करने और एक-दूसरे की मदद करने की सीख दी. उन्होंने कहा कि इंसान को हमेशा एक-दूसरे से मोहब्बत करनी चाहिए और समाज में भाईचारा बनाए रखना चाहिए.
पैगंबर साहब का जीवन बताया प्रेरणादायक
मौलाना हारुन रशीद ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब का जीवन पूरी मानवता के लिए प्रेरणादायक है. उनकी सादगी और जीवनशैली से लोगों को सीख लेने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि इस्लाम इंसानियत की हिफाजत और जरूरतमंदों की मदद का संदेश देता है.
कई इस्लामिक विद्वान रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन मुफ्ती अहमद रजा मिसबाही ने किया. इस अवसर पर मौलाना शमशाद मिसबाही, मौलाना मैनुद्दीन मिसबाही, मौलाना अमजद अली, मौलाना अहमद अली अफाकी, मौलाना मैनुल हक अमजदी, मौलाना इकबाल फैजी, मौलाना साकिर अली, हाफिज सद्दाम, कारी जफर इकबाल और हाफिज कौसर अली सहित कई इस्लामिक विद्वान मौजूद रहे.
सुरक्षा को लेकर प्रशासन रहा मुस्तैद
जुलूस को लेकर प्रशासन ने भी सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. थाना चौक, बड़हरिया पुरानी बाजार, जामो चौक, कचहरी मोड़ और ब्लॉक मैदान समेत अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था. सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था रही.
अधिकारियों ने की जुलूस की निगरानी
बीडीओ संदीप कुमार, सीओ मनीष कुमार, थानाध्यक्ष छोटन कुमार, एसआइ अमित कुमार शर्मा, गुड्डू कुमार और एएसआइ सोनू रफी समेत अन्य पुलिस अधिकारी जुलूस की निगरानी करते रहे. प्रशासन की मुस्तैदी और स्थानीय लोगों के सहयोग से आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ.
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