सीवान में 10-11 सितंबर को सजेगा मौनिया बाबा का दरबार, 400 जवान और 80 अफसर संभालेंगे सुरक्षा

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मौनिया बाबा समाधीस्थल | Prabhat Khabar Network

महाराजगंज के मौनिया बाबा राजकीय मेले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 480 पुलिसकर्मी और सीसीटीवी से होगी निगरानी। जानें मेले से जुड़ी पूरी जानकारी यहाँ।

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Mauniya Baba Fair in Siwan : उत्तर बिहार का गौरव और महाराजगंज की पहचान बन चुका श्री श्री 1008 श्री मौनिया बाबा राजकीय मेला इस वर्ष 10 और 11 सितंबर को आयोजित होगा. मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और विधि-व्यवस्था की व्यापक तैयारी की है. मेला क्षेत्र में 400 महिला एवं पुरुष सिपाहियों के साथ 80 पुलिस पदाधिकारी तैनात रहेंगे. पुलिस की विशेष नजर वाहन चेकिंग, शराब की जांच, संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और संवेदनशील स्थानों पर रहेगी. महिलाओं की सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए भी विशेष व्यवस्था की जा रही है.

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राजनीतिक झांकी के प्रदर्शन पर रोक

मौनिया बाबा राजकीय महावीरी झंडा मेले को लेकर जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा और पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने संयुक्त आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार, अखाड़ा जुलूस के साथ डीजे के माध्यम से अश्लील नृत्य, गीत और संगीत का प्रदर्शन प्रतिबंधित रहेगा. अखाड़ा और जुलूस के साथ चलने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा शराब या मादक पदार्थ का सेवन प्रतिबंधित किया गया है. कर्तव्य पर तैनात सरकारी पदाधिकारी, पुलिस बल और कर्मियों के अतिरिक्त किसी भी व्यक्ति के आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर रोक रहेगी. मेले के दौरान राजनीतिक झांकी के प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.

40 से 50 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से निगरानी

शहर से लेकर मेला परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था पर सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से नजर रखी जाएगी. नगर पंचायत के विभिन्न स्थानों पर करीब 40 से 50 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. ड्रोन कैमरे से मेला क्षेत्र और भीड़भाड़ वाले इलाकों की निगरानी होगी. रात में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में रोशनी प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक जनरेटर की व्यवस्था की गयी है.

पुलिस को दिन के साथ रात में भी संदिग्ध चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. वाहन चेकिंग और शराब के खिलाफ जांच अभियान लगातार चलाया जाएगा. संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर भी पुलिस की पैनी नजर रहेगी. महिलाओं को मेला आने-जाने में परेशानी नहीं हो, इसके लिए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की गयी है.

23 लाइसेंसधारी अखाड़े होंगे शामिल

मौनिया बाबा मेले में 23 लाइसेंसधारी अखाड़े पंजीकृत हैं. इनके अलावा बड़ी संख्या में अन्य जुड़े हुए अखाड़े भी मेले में पहुंचते हैं. आयोजकों के अनुसार, कुल करीब 40 से 42 अखाड़े मेले में शामिल होते हैं. अलग-अलग अखाड़ों के खिलाड़ी पारंपरिक करतब और शौर्य प्रदर्शन करते हैं. मेला का स्वागत एवं उद्घाटन कार्यक्रम 10 सितंबर की संध्या में आयोजित किया जाएगा.

103 साल पुरानी परंपरा, आज भी कायम

मौनिया बाबा मेला करीब 103 वर्ष पुरानी परंपरा से जुड़ा है. कभी यह मेला काफी बड़े क्षेत्र में आयोजित होता था. समय के बदलाव और जगह की कमी के कारण इसके स्वरूप में कुछ परिवर्तन आया है, लेकिन अखाड़ों की परंपरा और पारंपरिक करतब आज भी मेले की सबसे बड़ी पहचान हैं. यही वजह है कि मौनिया बाबा मेला आज भी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. राजकीय मेला का दर्जा मिलने से महाराजगंज के गौरव में और वृद्धि हुई है.

आर्केस्ट्रा और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध

प्रशासन ने मेले में आर्केस्ट्रा और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है. अधिकारियों ने अखाड़ाधारियों और मेले में आने वाले लोगों से शालीनता और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की है. प्रशासन ने कहा है कि सभी अखाड़े अपनी पारंपरिक कला और करतब का प्रदर्शन करें. जो अखाड़ा शालीनता और अनुशासन के साथ निकलेगा, उसे सम्मानित किया जाएगा.

प्रशासन पूरी तहर अलर्ट मोड़ पर

थानाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी भी मेले की तैयारियों को लेकर पूरी तरह अलर्ट हैं. पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार तैयारियों की समीक्षा कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मेले में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है. इस बार मौनिया बाबा राजकीय मेले में आस्था, परंपरा और सुरक्षा का संगम देखने को मिलेगा.

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