ePaper

अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को मिलेगा उनका अधिकार: राज्यपाल

Updated at : 21 Jul 2025 10:18 PM (IST)
विज्ञापन
अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को मिलेगा उनका अधिकार: राज्यपाल

जेडए इस्लामियां पीजी कॉलेज सीवान के 54 वें वार्षिकोत्सव समारोह में शिरकत करने पहुंचे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि सूबे में संचालित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को नियमों के तहत उनका अधिकार मिलेगा. कॉलेज के साइंस भवन का उद्घाटन करने के बाद वे अहमद गनी सभागार में छात्र सहित शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे.

विज्ञापन

प्रतिनिधि, सीवान. जेडए इस्लामियां पीजी कॉलेज सीवान के 54 वें वार्षिकोत्सव समारोह में शिरकत करने पहुंचे राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि सूबे में संचालित अल्पसंख्यक महाविद्यालयों को नियमों के तहत उनका अधिकार मिलेगा. कॉलेज के साइंस भवन का उद्घाटन करने के बाद वे अहमद गनी सभागार में छात्र सहित शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि अकलियत होने के नाते अपनी कमजोरी का एहसास नहीं कराए. अगर खुद को कमजोर समझ लिए तो सामने वाले की मंशा पूरी हो जायेगी. कहा कि तालिम किसी भी प्रकार के भेदभाव का मुकाबला करने के लिए ढाल है. दुनिया मांगने वाले की इज्जत नहीं करती, इज्जत उपर वाले के हाथ में होती है, मांगने की आदत छोड़िए. राज्यपाल ने कहा कि शिक्षकों का जबतक सम्मान नहीं होगा, समाज आगे नहीं बढ़ेगा. इतिहासकार विपिन चंद्रा की कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि हर कोई किसी न किसी घर, जात या मजहब में पैदा होता है. मैं हिन्दुस्तान का बराबरी का शहरी हूं, इस सोच के साथ अपने को देखित-परखिए. इस मुल्क में विविधता है, अनेकता है, हम एक हैं, इसे जानने वाले अपने-अपने तरीके से इसे बयां करते हैं. सभी को यहां पर समान अधिकार है. स्वामी विवेकानंद के कथन, जिंदा तो वह हैं जो दूसरों के लिए कार्य करते हैं, का उल्लेख करते हुए कहा कि पुरानी पगडंडियों पर कब तक चलेंगे. जो लोग नए राश्ते नहीं बनायेंगे, वह आगे नहीं बढ़ेंगे.सचिव ने विश्वविद्यालय पर लगाया नाइंसाफी का आरोप- अतिथियों का स्वागत करते हुए शासी निकाय के सचिव जफर अहमद गनी ने जेपी विश्वविद्यालय पर महाविद्यालय के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया. अल्पसंख्यक महाविद्यालय होने के नाते जेपीयू छपरा द्वारा कई अधिकारों से वंचित करने की बात कही. साथ ही कॉलेज के शिक्षकों की बहाली, प्रोन्नति व वेतन भुगतान की तरफ राज्यपाल सह कुलाधिपति का ध्यान भी आकृष्ट किया. सचिव ने कहा कि जो विश्वविद्यालय का नियम-परिनियम कहता है, इसके तहत जो हमको सुविधा दी गई है, वह मिलना चाहिए. इससे अधिक कुछ नहीं चरहिए. वहीं सचिव के प्रत्युत्तर में जेपीयू के कुलपति प्रो. प्रमेन्द्र कुमार वाजपेई ने कहा कि जो भी काम नियम व कानून संगत होगा, किया जायेगा. कुलपति ने कहा कि इस्लामियां कॉलेज के नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान में मेरी अहम भूमिका है. शेष 12 शिक्षकों का वेतन कुछ कागजी प्रक्रिया के चलते रूका है, वह भी निर्गत कर दिया जायेगा. कुलपति ने कहा कि इस कॉलेज के विकास के लिए सैदव चिंतित रहता हूं. वहीं कुलपति ने कहा कि सत्र को नियमित करने के साथ ही तय समय पर परीक्षाएं व रिजल्ट प्रकाशित किए जा रहे हैं. पिछले डेढ़ सालों में 10 स्नातकोत्तर कॉलेज खोले गए हैं. सभा को विधान पार्षद अफाक अहमद खान, कांग्रेस नेता शकील अहमद खान व सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ईशादुल्ला आदि ने संबोधित किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
DEEPAK MISHRA

लेखक के बारे में

By DEEPAK MISHRA

DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन