सीवान में आज से गूंजेगा जय हो का उद्घोष, 103 साल पुराने मौनिया बाबा राजकीय महावीरी झंडा मेले का आगाज

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फोटो - मौनिया बाबा के समीप झूला लगते मजदूर | Prabhat Khabar Network

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महाराजगंज के प्रसिद्ध मौनिया बाबा राजकीय महावीरी झंडा मेले का आज उद्घाटन होगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें।

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Siwan News : अनुमंडल मुख्यालय स्थित सिद्ध संत मौनिया बाबा की समाधि स्थल पर लगने वाले उत्तर बिहार के प्रसिद्ध मौनिया बाबा राजकीय महावीरी झंडा मेले का आगाज आज यानी गुरुवार को होगा. गुरुवार की रात जुलूस के साथ आकर्षक झांकियां निकाली जायेंगी, जबकि शुक्रवार को दिन में दो दर्जन से अधिक महावीरी अखाड़े प्रदर्शन करते हुए मेला परिसर पहुंचेंगे. मेले की तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं और सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किये हैं.

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पांच मेला नियंत्रण केंद्रों पर तैनात रहेंगे मजिस्ट्रेट और पुलिस बल

मेले को लेकर शहर में राजेंद्र चौक, नखास चौक, बाटा मोड़, शहीद स्मारक चौक और मेला परिसर में पांच सरकारी मेला नियंत्रण केंद्र बनाये गये हैं. सभी केंद्रों पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गयी है. कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के तत्वावधान में आयोजित मेले का उद्घाटन स्थानीय सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल, विधायक हेमनारायण साह, डीएम डॉ. विजय प्रकाश मीणा, एसपी भारत सोनी सहित अन्य पदाधिकारी करेंगे.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

एसडीओ अनीता सिन्हा ने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी स्तरों पर लगातार निगरानी की जा रही है. उन्होंने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और मेले को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में सहयोग की अपील की.

मकानों की छतों की भी हो रही जांच, ड्रोन से रखी जा रही नजर

एसडीओ ने बताया कि मेले से पहले शहर की छतों की भी जांच की जा रही है. किसी भी छत पर ईंट, पत्थर या ऐसी कोई सामग्री नहीं होनी चाहिए, जिसका इस्तेमाल भीड़ पर फेंककर अप्रिय स्थिति पैदा करने में किया जा सके. बुधवार को ड्रोन कैमरे के जरिये शहर के अलग-अलग इलाकों में मकानों की छतों की निगरानी की गयी. आवश्यक स्थानों पर लोगों को छतों से ऐसी सामग्री हटाने की हिदायत दी गयी है.

400 जवान और 80 पुलिस पदाधिकारी संभालेंगे सुरक्षा

एसडीओ अनीता सिन्हा और एसडीपीओ अमन कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में करीब 400 महिला और पुरुष पुलिस जवानों के साथ 80 पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की तैयारी है. प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जायेगी और ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी जायेगी. भीड़ नियंत्रण, वाहन जांच, महिलाओं की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी के इंतजाम किये गये हैं.

कंट्रोल रूम में 24 घंटे निगरानी, मेडिकल टीम भी रहेगी तैनात

मेला नियंत्रण कक्ष में मेडिकल टीम की तैनाती रहेगी. कंट्रोल रूम से 24 घंटे मेले की गतिविधियों पर नजर रखी जायेगी. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया गया है. शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक सभी अखाड़ों के साथ दंडाधिकारी और पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गयी है.

मेला परिसर में सजने लगा मीना बाजार और झूलों का बाजार

गुरुवार की शाम पांच बजे मौनिया बाबा समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना के बाद मेला नियंत्रण कक्ष का उद्घाटन किया जायेगा. इसके साथ ही मेले का औपचारिक आगाज होगा. मेला स्थल पर मीना बाजार, लकड़ी की दुकानें, विभिन्न प्रकार के झूले, मिठाई की दुकानें सहित अन्य दुकानें सजने लगी हैं.

झांकियों और अखाड़ों के करतब होंगे मेले का मुख्य आकर्षण

मौनिया बाबा मेले में शहर के विभिन्न अखाड़ों की ओर से प्रदर्शन किया जाता है. नागा बाबा का अखाड़ा प्रधान अखाड़ा, सिंहौता का आजाद अखाड़ा, मोहन बाजार, पकवा इनार और काजी बाजार अखाड़ा सहित कई अखाड़े इसमें हिस्सा लेते हैं. प्रदर्शन के दौरान बच्चों की ओर से राम, सीता, रावण और हनुमान के रूप में निकाली जाने वाली झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं.

11 सितंबर को 32 अखाड़े दिखायेंगे करतब

उद्घाटन के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भगवान महावीर की पूजा-अर्चना होगी. मौनिया बाबा स्थल पर भी पूजा के बाद शहर में जगह-जगह झांकी और प्रदर्शन का दौर चलेगा. स्थानीय लोग मौनिया बाबा स्थान से माथे पर मिट्टी का लेप लगाकर अखाड़ों का प्रदर्शन करते हैं, जो सुबह छह बजे तक चलता है. इसके बाद 11 सितंबर को दोपहर एक बजे से शहर और ग्रामीण क्षेत्र के 32 अखाड़े प्रदर्शन करेंगे.

हाथी-घोड़े और बैंड-बाजे के साथ पहुंचेंगे अखाड़े

अखाड़ों में शामिल लोग हाथी, घोड़े, ऊंट, झांकियों, बैंड-बाजे और डंके के साथ लाठी-डंडे लेकर मौनिया बाबा स्थल पहुंचेंगे. इस दौरान जय हो, जय हो के उद्घोष से पूरा शहर गूंज उठेगा. मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए जिला और अनुमंडल प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है.

इन गांवों से निकलेंगे 32 अखाड़े

इस वर्ष भी मौनिया बाबा मेले में 32 अखाड़े शामिल होंगे. इनमें पसनौली, नवलपुर, कपियां, रामापाली, अभूई, कोथुआ सारंगपुर, फतेपुर, बैदापुर विशुनपुरा, सवान बिग्रह, पकवलिया, बेला गोविंदपुर, रुकुंदीपुर, धनछूआ, उजाय, बंगरा और तेवथा सहित अन्य क्षेत्रों के अखाड़े शामिल हैं.

डीजे और अश्लील गीत-संगीत पर पूरी तरह रोक

मेला को लेकर एसडीओ अनीता सिन्हा ने आदेश जारी किया है. इसके तहत अखाड़ा और जुलूस के साथ डीजे बजाने तथा अश्लील नृत्य, गीत और संगीत पर प्रतिबंध रहेगा. अखाड़ा और जुलूस में शामिल किसी भी व्यक्ति के शराब या मादक पदार्थ का सेवन करने पर भी रोक है.

आग्नेयास्त्र और राजनीतिक झांकियों पर भी प्रतिबंध

एसडीओ के आदेश के अनुसार कर्तव्य पर तैनात सरकारी पदाधिकारी, पुलिस बल और कर्मियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के आग्नेयास्त्र लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा. मेले के दौरान राजनीतिक झांकी की प्रदर्शनी पर भी रोक लगायी गयी है. शहर से लेकर मेला परिसर तक सीसीटीवी और ड्रोन कैमरे से लगातार निगरानी की जायेगी.

1923 में शुरू हुआ था मौनिया बाबा मेले का आयोजन

मौनिया बाबा मेले का इतिहास 103 वर्ष पुराना बताया जाता है. यह मेला प्राचीनकाल के महान संत शिरोमणि मौनिया बाबा के समाधि स्थल पर आयोजित होता है. हर वर्ष भादो मास की कृष्ण चतुर्दशी की रात जुलूस और अमावस्या के दिन महावीरी झंडा मेला आयोजित किया जाता है.

स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा है मेले का इतिहास

मेले की शुरुआत वर्ष 1923 में शहर के नागा बाबा मठ के महंत स्वामी महादेव दास और उनके गुरु-शिष्य भाई कृपालनंद जी महाराज की प्रेरणा से हुई थी. गुलामी के दौर में शुरू हुआ यह मेला स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ा रहा है. संत मौनिया बाबा को गो-रक्षक सिद्ध संत माना जाता है. उनकी समाधि पर श्रद्धालु गायों के लिए मन्नत मांगते हैं और दूध-दही चढ़ाते हैं.

102 साल बाद मिला राजकीय मेले का दर्जा

मौनिया बाबा मेले को बिहार सरकार ने वर्ष 2025 में राजकीय मेले का दर्जा प्रदान किया था. यह घोषणा 102 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद हुई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनवरी 2025 में अपनी प्रगति यात्रा के दौरान मेले को राजकीय दर्जा देने की घोषणा की थी.

फोटो-शहर के राजेन्द्र चौक पर मेला नियंत्रण कक्ष को अंतिम रूप देते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो-शहर के राजेन्द्र चौक पर मेला नियंत्रण कक्ष को अंतिम रूप देते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो - मौनिया बाबा के समीप झूला लगते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो - मौनिया बाबा के समीप झूला लगते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो-शहर के राजेन्द्र चौक पर मेला नियंत्रण कक्ष को अंतिम रूप देते मजदूर | Prabhat Khabar Network
फोटो-शहर के राजेन्द्र चौक पर मेला नियंत्रण कक्ष को अंतिम रूप देते मजदूर | Prabhat Khabar Network

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