सीवान के मैरवा नगर परिषद गठन की कवायद तेज, गांवों का नक्शा तैयार; लश्करी छापर को शामिल करने की मांग
मैरवा प्रखंड सभागार में अंचल अमीन नक्शा बनाते हुए
मैरवा नगर पंचायत अब नगर परिषद बनने की तैयारी में है. गांवों के राजस्व नक्शे तैयार किए जा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के विकास और शहरी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद जगी है. लश्करी छापर को शामिल करने की मांग भी उठ रही है.
Marwa Nagar Parishad: मैरवा नगर पंचायत को नगर परिषद में उत्क्रमित करने की प्रक्रिया अब तेज हो गई है. नगर पंचायत बोर्ड की बैठक में नगर परिषद गठन को लेकर प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद अब राजस्व गांवों का नक्शा तैयार करने का काम शुरू कर दिया गया है. कार्यपालक पदाधिकारी नेहा रानी ने अंचलाधिकारी को नगर परिषद में शामिल किए जाने वाले राजस्व ग्रामों का नक्शा तैयार कराने का निर्देश दिया है. इसके बाद अंचलाधिकारी ने अंचल अमीनों को संबंधित राजस्व ग्रामों का नक्शा तैयार करने का निर्देश दिया है.
अंचल अमीन कर रहे गांवों की सीमा का निर्धारण
ईओ के निर्देश के बाद अंचल अमीनों की ओर से प्रस्तावित नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने वाले गांवों की सीमा, राजस्व क्षेत्र और अन्य संबंधित क्षेत्रों का नक्शा तैयार किया जा रहा है. नक्शा तैयार होने के बाद नगर पंचायत कार्यालय की ओर से नगर परिषद गठन से संबंधित प्रस्ताव और आवश्यक दस्तावेज जिला पदाधिकारी को भेजे जाएंगे. इसके बाद प्रस्ताव को आगे की कार्रवाई के लिए सक्षम स्तर पर भेजा जाएगा.
इन राजस्व गांवों को प्रस्ताव में किया गया है शामिल
नगर पंचायत की ओर से दिए गए प्रस्ताव के अनुसार बाबूटोला, घनश्याम मठिया, शाही लंगड़पुरा, लालगंज, बभनौली, खिरिया टोला, सिसवा खुर्द, बहुचक और शेष भाग सड़क के दक्षिण, मुड़ियारी, सुमेरपुर, निमिया टोला, गोपलचक और बैकुंठछापर गांवों को प्रस्तावित नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया है.
नगर परिषद बनने से बढ़ेगा नगर क्षेत्र का दायरा
मैरवा को नगर परिषद का दर्जा मिलने से नगर क्षेत्र का विस्तार होने के साथ आसपास के ग्रामीण इलाकों के भी नगर निकाय के दायरे में आने की संभावना है. इससे क्षेत्र में शहरी सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद बढ़ी है. सड़क, नाली, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास को लेकर भी लोगों में उम्मीद जगी है.
अंतिम रूप से गांवों का चयन स्वीकृति के बाद होगा
नगर परिषद गठन की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता है. हालांकि अंतिम रूप से किन-किन गांवों को नगर परिषद में शामिल किया जाएगा, यह प्रस्ताव और संबंधित विभागों की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट होगा. फिलहाल अंचल स्तर पर राजस्व गांवों का नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया को नगर परिषद गठन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
लश्करी छापर को नगर परिषद में शामिल करने की मांग
नगर परिषद गठन की प्रक्रिया के बीच नगर से सटे लश्करी छापर गांव को प्रस्तावित नगर परिषद में शामिल नहीं किए जाने का मामला भी सामने आया है. इसे लेकर भाकपा माले नेता शंकर कुशवाहा ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और अंचलाधिकारी से शिकायत कर गांव को प्रस्ताव में शामिल करने की मांग की है.
गांव में करीब 15 घर, नगर से सटा होने का दिया हवाला
शंकर कुशवाहा ने कहा कि लश्करी छापर गांव नगर पंचायत क्षेत्र से सटा हुआ है और यहां करीब 15 घर हैं. नगर परिषद गठन के लिए तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में गांव को शामिल नहीं किया गया है, जो उचित नहीं है. उन्होंने ईओ और सीओ से आग्रह किया कि नक्शा तैयार करने और प्रस्ताव को अंतिम रूप देने से पहले लश्करी छापर को भी प्रस्तावित नगर परिषद की सीमा में शामिल किया जाए.
ग्रामीणों को शहरी सुविधाओं का मिलेगा लाभ
भाकपा माले नेता ने कहा कि नगर पंचायत से सटे गांवों को नगर परिषद की सीमा में शामिल करने से क्षेत्र का समुचित विकास होगा. इससे ग्रामीणों को भी शहरी क्षेत्र की सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा. उन्होंने प्रशासन से लश्करी छापर को प्रस्तावित नगर परिषद की सीमा में शामिल करने पर विचार करने की मांग की है.
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