सीवान में स्कूल के बच्चों ने निकाली भव्य कांवड़ यात्रा, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा शहर

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कांवड़ यात्रा में भाग लेते भैया-बहन और आचार्य

Siwan Kanwar Yatra : सीवान के महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर में भैया-बहनों की भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया. बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा और भक्ति भाव के साथ महादेव मंदिर तक की यात्रा पूरी की. यह आयोजन बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने के उद्देश्य से किया गया.

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Siwan Kanwar Yatra : सीवान के महावीर पुरम, मखदूम सराय स्थित महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर में शनिवार, 22 अगस्त को भैया-बहनों की भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई. विद्यालय परिसर से शुरू हुई यात्रा स्थानीय महादेव मंदिर तक पहुंची. पारंपरिक वेशभूषा में शामिल बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था प्रकट की. धार्मिक जयघोष के बीच शिक्षकों और विद्यालय कर्मियों ने यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया.

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पारंपरिक वेशभूषा में कांवड़ लेकर निकले बच्चे

विद्यालय परिसर से शुरू हुई कांवड़ यात्रा में भैया-बहनों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया. बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में कांवड़ लेकर यात्रा में शामिल हुए. यात्रा के दौरान धार्मिक जयघोष और भक्ति का माहौल देखने को मिला. बच्चों की श्रद्धा और उत्साह ने पूरे आयोजन को खास बना दिया.

महादेव मंदिर के लिए रवाना हुई यात्रा

कांवड़ यात्रा विद्यालय परिसर से निकलकर स्थानीय महादेव मंदिर के लिए रवाना हुई. बच्चों ने पूरे अनुशासन के साथ यात्रा पूरी की. इस दौरान भगवान शिव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा. विद्यालय परिवार के सदस्यों ने बच्चों के साथ रहकर यात्रा को व्यवस्थित बनाए रखा.

धार्मिक आस्था के साथ संस्कारों से जुड़ने का संदेश

विद्यालय प्रबंधन के अनुसार कांवड़ यात्रा का उद्देश्य बच्चों को धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित कराना है. इसके साथ ही बच्चों में जीवन के प्रति सकारात्मक सोच और संस्कार विकसित करना भी आयोजन का उद्देश्य रहा. ऐसी गतिविधियों के माध्यम से बच्चे अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को करीब से समझते हैं.

चुनौतियों का सामना करने की सीख

विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कांवड़ यात्रा जैसे आयोजनों के माध्यम से बच्चों को जीवन में आने वाली चुनौतियों का धैर्य और साहस के साथ सामना करने की प्रेरणा मिलती है. यात्रा के दौरान अनुशासन और संयम का पालन बच्चों को व्यवहारिक रूप से कई जरूरी बातें सीखने का अवसर देता है.

सहनशीलता और टीम भावना पर जोर

इस तरह की सामूहिक गतिविधियों से बच्चों में सहनशीलता, संघर्षशीलता, अनुशासन और सहयोग की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाता है. साथ मिलकर यात्रा पूरी करने से बच्चों में टीम भावना और एक-दूसरे के प्रति सहयोग का भाव भी मजबूत होता है.

शिक्षकों ने निभाई अहम भूमिका

विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश नारायण सिंह के दिशा-निर्देश और मार्गदर्शन तथा शिशुवाटिका प्रांत प्रमुख मिलन कुमार के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा आयोजित की गई. आचार्य अर्चना वर्मा, आनंदी देवी, सरिता कुमारी, अर्चिता, रूपाली सहित विद्यालय के सभी कर्मचारी मौजूद रहे. शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया और यात्रा को व्यवस्थित एवं सफल बनाने में सहयोग किया.

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