विद्या भवन महिला महाविद्यालय में छात्राओं को इंटर्नशिप का प्रमाण-पत्र, व्यावहारिक अनुभव को करियर से जोड़ने पर जोर
प्रमाण पत्र देते | Prabhat Khabar Network
विद्या भवन महिला महाविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत इंटर्नशिप कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे उनके शैक्षणिक ज्ञान को कार्यक्षेत्र से जोड़ने में मदद मिली.
Siwan News : विद्या भवन महिला महाविद्यालय, सीवान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यूजीसी-सीबीसीएस पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित इंटर्नशिप कार्यक्रम में शामिल छात्राओं के बीच प्रमाण-पत्र का वितरण किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने के साथ उनके शैक्षणिक ज्ञान को कार्यक्षेत्र से जोड़ना था.
डीपीओ ने छात्राओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम ऑफिसर कुमार अभिजीत महाविद्यालय पहुंचे. उन्होंने इंटर्नशिप पूरी करने वाली छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. उन्होंने छात्राओं से इंटर्नशिप के दौरान प्राप्त अनुभवों का उपयोग अपने शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास में करने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव छात्राओं के आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इससे उन्हें भविष्य में कार्यक्षेत्र की जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी.
करीब 25 विद्यालयों में मिली थी इंटर्नशिप की स्वीकृति
इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए जिले के करीब 25 विद्यालयों में छात्राओं को प्रशिक्षण देने की स्वीकृति दी गयी थी. इनमें उच्च माध्यमिक विद्यालय मकईया, रामपली, एसपीएस हाइस्कूल तरवारा, नाथू छाप, श्रीमती राजवंशी देवी गर्ल्स हाइस्कूल, बम हाइस्कूल कम इंटर कॉलेज, आर्य कन्या हाइस्कूल सीवान, उत्क्रमित उच्च विद्यालय बिंदुसार, हामिद अपग्रेड माध्यमिक स्कूल, सर्वे उत्क्रमित माध्यमिक स्कूल और बलेथा अपग्रेडेड हाइस्कूल सहित अन्य विद्यालय शामिल थे.
इन विद्यालयों में इंटर्नशिप के दौरान छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यालयी कार्यप्रणाली को करीब से समझने का अवसर मिला.
व्यावहारिक दक्षता और रोजगारपरक कौशल पर जोर
इंटर्नशिप कोऑर्डिनेटर डॉ. रीता शर्मा ने कार्यक्रम के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 के अनुरूप ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में व्यावहारिक दक्षता, आत्मविश्वास, कार्य-अनुभव और रोजगारपरक कौशल विकसित करने में सहायक हैं.
उन्होंने कहा कि कक्षा में अर्जित ज्ञान को वास्तविक कार्यक्षेत्र से जोड़ने से छात्राओं को अपनी क्षमताओं को समझने और भविष्य की जिम्मेदारियों के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है.
मौके पर शस्वाति सिन्हा, डॉ. अंशिका सिंह, डॉ. हुमा कमाल समेत महाविद्यालय के अन्य शिक्षक और कर्मी मौजूद रहे.

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