सीवान: गुठनी में सरयू का जलस्तर खतरे के निशान से 69 सेमी ऊपर, एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा

Updated:
विज्ञापन

तीर बलुआ गांव में निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

गुठनी और दरौली में सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

विज्ञापन

Siwan News : सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि से गुठनी और दरौली प्रखंड के तटवर्ती व निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. नदी का पानी निचले क्षेत्रों में प्रवेश करने लगा है. इससे नदी किनारे बसे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दियारा क्षेत्र के लोगों ने सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है.

विज्ञापन

जल संसाधन विभाग के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर वर्तमान में 61.51 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 0.69 मीटर ऊपर है. जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए विभाग अलर्ट है और तटवर्ती क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है. विभाग के एसडीओ अमजद अली ने बताया कि फिलहाल बाढ़ से किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल बचाव और राहत कार्य शुरू किया जाएगा.

एक दर्जन गांवों पर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा

सरयू के बढ़ते जलस्तर से करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. ग्यासपुर, तिरबलुआ, बलुआ, खड़ौली, पांडेयपार, मैरीटार, सोनहुला, सोहगरा, श्रीकरपुर, गोहरुआ और बिहारी गांव के निचले इलाकों में पानी पहुंच गया है.

ग्रामीणों के अनुसार, करीब 100 एकड़ में लगी फसलें पानी में डूब गयी हैं. इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है. बाढ़ के पानी के कारण पशुओं के चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गयी है. कई स्थानों पर नदी के किनारे कटाव होने की भी सूचना है.

ग्रामीणों का कहना है कि प्रत्येक वर्ष जुलाई से अक्टूबर के बीच सरयू के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण खेती और मछली पालन प्रभावित होता है. इस बार भी जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गयी है.

सीओ और थानाध्यक्ष ने तटवर्ती इलाकों का लिया जायजा

बाढ़ की आशंका को देखते हुए सीओ डॉ. विकास कुमार और थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने ग्यासपुर, तिरबलुआ और मैरीटार गांव का नदी मार्ग से दौरा कर स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली और उन्हें आश्वस्त किया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.

अधिकारियों ने कहा कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर प्रभावित इलाकों में तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाएगा. प्रभावित परिवारों को चिह्नित कर आवश्यकता के अनुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी.

गोगरा तटबंध का जल संसाधन विभाग ने किया निरीक्षण

सरयू नदी में बढ़ते जलस्तर के साथ कई स्थानों पर कटाव की सूचना के बाद जल संसाधन विभाग भी सक्रिय हो गया है. विभाग की टीम ने गोगरा तटबंध का निरीक्षण कर संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया.

एसडीओ अमजद अली और जेई शुभम सिंह ने तटबंध के साथ पूर्व में कराये गये कटावरोधी कार्यों का भी निरीक्षण किया. टीम ने सोहगरा, सोनहुला, श्रीकरपुर, गोहरुआ, गुठनी, योगियाडीह, तिरबलुआ, ग्यासपुर, दरौली, नरौली और केवटलिया गांव से सटे तटवर्ती इलाकों की स्थिति देखी.

इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों को अपनी समस्याओं से अवगत कराया. ग्रामीणों ने कहा कि हर वर्ष नदी का जलस्तर बढ़ने और घटने से खेती तथा मछली पालन को नुकसान उठाना पड़ता है. तटवर्ती इलाकों में कटाव की समस्या भी किसानों और ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बनी हुई है.

तटवर्ती इलाकों पर लगातार नजर

जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मदन चंद चौधरी ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. विभाग की टीम तटवर्ती इलाकों का लगातार निरीक्षण कर रही है. सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है.

उन्होंने बताया कि नदी के जलस्तर और तटबंधों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. संवेदनशील स्थानों पर जरूरत के अनुसार तत्काल कार्रवाई की जाएगी.

तीर बलुआ गांव में निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network
तीर बलुआ गांव में निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी | Prabhat Khabar Network

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन