प्रभात खबर इंपैक्ट : सीवान सदर अस्पताल में HIV संक्रमित पिता-पुत्र को जांच किए बिना लौटाने के मामले में कार्रवाई, पांच से मांगा स्पष्टीकरण

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सीवान सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमित पिता-पुत्र को बिना जांच लौटाने के मामले में प्रभात खबर के असर से पांच स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों पर हुई बड़ी कार्रवाई।

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Siwan News : सदर अस्पताल में एचआईवी संक्रमित पिता-पुत्र को पैथोलॉजिकल जांच के लिए करीब चार घंटे बैठाने के बाद बिना सैंपल लिये वापस लौटाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है. ‘प्रभात खबर’ में खबर प्रकाशित होने के बाद सिविल सर्जन के निर्देश पर शुक्रवार को दोनों मरीजों को दोबारा बुलाकर ब्लड सैंपल लिया गया. वहीं, मामले में सदर अस्पताल के अधीक्षक और संचारी रोग पदाधिकारी-सह-जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी समेत पांच स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

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इसके अलावा दो प्रयोगशाला प्रावैधिकी का वेतन तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक दिया गया है. सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपना जवाब देने का निर्देश दिया गया है.

खबर प्रकाशित होने के बाद दोबारा बुलाकर लिया गया सैंपल

‘प्रभात खबर’ ने 11 सितंबर के अंक में ‘एचआईवी संक्रमित पिता-पुत्र को चार घंटे बैठाने के बाद जांच किए बिना लौटाया’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी. खबर में बताया गया था कि 10 सितंबर को एचआईवी संक्रमित पिता-पुत्र सदर अस्पताल स्थित एआरटी केंद्र पहुंचे थे.

परामर्श के बाद दोनों को पैथोलॉजिकल जांच कराने की सलाह दी गयी थी. इसके बाद दोनों जांच कराने के लिए पहुंचे, लेकिन दोपहर करीब एक बजे से शाम पांच बजे तक सैंपल देने के लिए इंतजार करते रहे. शाम पांच बजे के बाद बिना सैंपल लिये ही उन्हें वापस लौटना पड़ा. खबर सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया.

पांच स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों से मांगा गया जवाब

सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ श्रीनिवास प्रसाद के निर्देश पर एआरटी केंद्र के प्रयोगशाला प्रावैधिकी अनुज कुमार तथा सदर अस्पताल के प्रयोगशाला प्रावैधिकी धर्मेंद्र कुमार और प्रमोद कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

विभागीय पत्र में मरीजों का सैंपल नियमानुसार नहीं लिये जाने को सरकारी कार्यों के प्रति लापरवाही बताया गया है. वहीं, दोनों लैब टेक्नीशियन का वेतन तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक रोक दिया गया है.

सदर अस्पताल अधीक्षक और एड्स नियंत्रण पदाधिकारी से भी जवाब-तलब

मामले में सदर अस्पताल के अधीक्षक और संचारी रोग पदाधिकारी-सह-जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. विभागीय पत्र में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों को एचआईवी संक्रमित पिता-पुत्र की जांच नहीं होने की जानकारी थी. इसके बावजूद जांच कराने के लिए आवश्यक प्रयास नहीं किया गया.

इसे विभाग ने कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता का द्योतक बताया है.

24 घंटे में देना होगा स्पष्टीकरण

सीएस ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने पर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए विभाग को सूचित करने की बात कही गयी है.

‘प्रभात खबर’ में खबर प्रकाशित होने के बाद हुई कार्रवाई को लेकर सदर अस्पताल में भी चर्चा है. अब संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के स्पष्टीकरण के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी.

एचआईवी संक्रमित मरीजों की सुविधा पर भी उठे सवाल

पूरे मामले ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईवी संक्रमित मरीजों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने को लेकर सवाल खड़े किये हैं. विभागीय कार्रवाई के बाद अब यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के स्पष्टीकरण पर क्या निर्णय लिया जाता है.

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