Siwan में डॉक्टरों की तलाश में मरीजों को भटकने से मिलेगी मुक्ति,जानें कैसे बदलेगी सदर अस्पताल की व्यवस्था

Siwan सदर अस्पताल में बड़ा बदलाव होने वाले हैं. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी सरकार बदलने का प्रभाव दिखने लगा है. मिशन सिक्सटी के तहत सदर अस्पताल की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए डीएम अमित कुमार पांडे ने डीडीसी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले के तीन वरीय पदाधिकारियों की एक टीम का गठन किया है.
Siwan सदर अस्पताल में बड़ा बदलाव होने वाले हैं. स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में भी सरकार बदलने का प्रभाव दिखने लगा है. मिशन सिक्सटी के तहत सदर अस्पताल की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी अमित कुमार पांडे ने डीडीसी दीपक कुमार सिंह के नेतृत्व में जिले के तीन वरीय पदाधिकारियों की एक टीम का गठन किया है. टीम लीडर डीडीसी सहित वरीय उप समाहर्ता आयुष अनंत एवं डीआरडीए के निदेशक मृत्युंजय कुमार सदर अस्पताल की व्यवस्था का कायाकल्प करने में जुटे हुए हैं. वरीय उप समाहर्ता आयुष अनंत को बाहरी एवं डीआरडीए के निदेशक मृत्युंजय कुमार को आंतरिक व्यवस्था ठीक करने की जिम्मेदारी मिली है. सदर अस्पताल की व्यवस्था कैसे ठीक की जाये, इस मुद्दे पर डीआरडीए के निदेशक मृत्युंजय कुमार, सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार पांडे सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी पदाधिकारियों के साथ कई बार बैठक कर चुके हैं.
सदर अस्पताल में उपचार कराने आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिलेगी. साफ-सफाई के साथ शुद्ध पेयजल एवं शौचालय की भी व्यवस्था बेहतर की जायेगी. सदर अस्पताल के तीनों फार्मासिस्ट को निर्देश दिया गया है कि दवा काउंटर पर हमेशा उपलब्ध दवाओं का होना सुनिश्चित करें. एसएनसीयू, महिला वार्ड, डायलिसिस एवं पैथोलॉजिकल जांच की सेवा और बेहतर बनाया जा रहा है. सदर अस्पताल में तैनात सभी सुरक्षा कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि मरीजों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें. सदर अस्पताल परिसर में जलजमाव को दूर करने के संबंध में भी आवश्यक कदम उठाये गये हैं. मरीजों के परिजनों को हमेशा एंबुलेंस एवं मोर्चरी वैन की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किये जा रहे हैं.
मिशन 60 अभियान के तहत सदर अस्पताल के सभी विभागों के कार्यालयों का रंग रोगन के साथ-साथ मरम्मत का कार्य भी किया जायेगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा बीएमएसआइसीएल को जवाबदेही दी गयी है.प्रभारी सिविल सर्जन डॉ प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि सदर अस्पताल के मुख्य द्वार को भी आकर्षक बनाया जायेगा, ताकि सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को सदर अस्पताल खोजने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल के ठीक सामने दोनों तरफ सौ सौ मीटर अतिक्रमण हटाया जायेगा, ताकि सदर अस्पताल स्पष्ट रूप से दिखे. उन्होंने बताया कि सदर अस्पताल उपचार कराने आने वाले मरीजों के परिजनों की गाड़ियों को खड़ा करने के लिए पुराने उपाधीक्षक आवास परिसर का उपयोग किया जायेगा.
सदर अस्पताल में इलाज कराने आये मरीज और अभिभावकों को ‘मे आइ हेल्प यू’ काउंटर से सभी तरह की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी. मरीज और उसके अभिभावकों को विभिन्न रोगों से संबंधित विभाग और डॉक्टर की खोज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा. सदर अस्पताल के मुख्य प्रवेश गेट के सामने इमरजेंसी कक्ष के पास नहीं ‘मे आइ हेल्प यू’ केंद्र की स्थापना की गयी है. इस काउंटर में तीन शिफ्ट में कर्मियों को लगाया जायेगा, ताकि दिन या रात किसी भी समय आने वाले मरीज और उसके अभिभावकों को अस्पताल के विभिन्न विभागों के बारे में जानकारी मिल सके. विभिन्न विभागों का ओपीडी कहां है, दवा वितरण काउंटर कहां है, पुर्जा काउंटर कहां है. इस सब की जानकारी उपलब्ध हो सकेगी.
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