Sitamarhi: जलजमाव व कीचड़ से मुसीबत में सीतानगर, नया टोला व इस्लामपुर का सैकड़ों परिवार

पिछले पांच दिनों से बारिश रुकी हुई है और धूप भी खिल रही है, लेकिन उक्त मोहल्लों के सैकड़ों परिवारों को अबतक मुसीबतों से मुक्ति नहीं मिली है.
सीतामढ़ी. पिछले दिनों जिले में हुई रिकार्ड-तोड़ बारिश ने शहर के विभिन्न इलाकों के साथ-साथ वार्ड नंबर-12 स्थित रीगा रोड के नया टोला, इस्लामपुर व सीतानगर के सैकड़ों परिवारों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है. पिछले पांच दिनों से बारिश रुकी हुई है और धूप भी खिल रही है, लेकिन उक्त मोहल्लों के सैकड़ों परिवारों को अबतक मुसीबतों से मुक्ति नहीं मिली है. स्थानीय वार्ड पार्षद शत्रुघ्न कुमार समेत सथानीय निवासी गीता देवी, पिंटू साह, राकेश पटेल, राणा सिंह आदि लोगों ने बताया कि नया टोला का मुख्य रास्ता पानी में डूबा हुआ है, जिसके चलते पिछले करीब एक पखवाड़े से स्थानीय 50 से 60 परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है. पिछले करीब एक सप्ताह से स्थिति और बिगड़ी हुई है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा है. खासकर, कामकाजी महिलाओं और स्कूली बच्चों को बड़ी तकलीफ उठानी पड़ रही है. दुकान, बाजार व अस्पताल जाना मुश्किल हो गया है. यही हाल इस्लामपुर का है. इस्लामपुर मजार जाने वाला रास्ता डूबा हुआ है, जिससे वहां के दर्जनों परिवारों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का घर से निकलना मुश्किल है. लोगों के दैनिक कामकाज व बच्चों की पढ़ाई-लिखाई बाधित हो रही है.
मुसीबत से निकालने में असफल साबित हो रहा नगर निगम : स्थानीय लोग
सीतानगर की बात करें, तो एक तो वहां पक्की सड़क तक नहीं है, ऊपर से भारी बारिश के चलते हुए जलजमाव से मुख्य सड़क पूरी तरह बदहाल हो है, जिसके चलते वहां के करीब 50 से 60 परिवार के लोगों का वहां रहना और जीना मुहाल हो गया है. लोग घर में रह नहीं सकते. कामकाज और पढ़ाई-लिखाई रोका नहीं जा सकता है. घर से बाहर निकलने के लिए लोगों को जलजमाव व कीचड़ के रास्ते से कड़ी मशक्कत कर आवागमन करना मजबूरी बन गया है. कई दिनों से जलजमाव रहने के चलते असहनीय दुर्गंध अलग समस्या खड़ी हो गयी है. इससे महामारी की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता है. नगर निगम टैक्स वसूलने में सख्ती दिखाता है, लेकिन नागरिकों को जलजमाव से राहत दिलाने में भी सक्षम नहीं है. लोग मुसीबत में हैं, लेकिन लाचार हैं, कुछ नहीं कर सकते हैं. वार्ड पार्षद शत्रुघ्न कुमार ने बताया कि नवरात्र में भी पंपसेट लगाने के लिए नगर निगम प्रशासन को बोला गया था, लेकिन नहीं लगाया गया था. अब परेशानी और बढ़ने पर लगातार पंपसेट की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज-कल किया जा रहा है. लोगों को घर से बाहर निकलने और बाहर से घर लौटने में बहुत ही ज्यादा कठिनाई हो रही है. सीतानगर सड़क को 13 मई को ही स्वीकृति मिली, लेकिन कार्यादेश नहीं मिलने के कारण सड़क नहीं बन सकी. यदि कार्यादेश मिल गया होता, तो सड़क बन चुकी होती और आज यहां के दर्जनों परिवारों को ऐसी मुसीबतों का सामना नहीं करना पड़ता.
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