104 करोड़ की स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना अधर में, पुनौरा धाम और जानकी स्थान जाने वाले मार्गों पर जलभराव

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श्री सीतामढ़ी गौशाला के समीप जानकी स्थान पथ पर जमा नालों एवं बारिश का पानी. गौशाला चौक के समीप सड़क पर जमा पानी निकालने को पहुंची सिवर सक्शन मशीन. पुनौरा धाम रोड में जानकी जन्मभूमि स्थल से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर मुख्य पथ पर पानी के अंदर सड़क पर खतरनाक गड्ढों के बीच से जोखिम लेकर आवागमन करते लोग. | Prabhat Khabar Network

श्री सीतामढ़ी गौशाला के समीप जानकी स्थान पथ पर जमा नालों एवं बारिश का पानी. गौशाला चौक के समीप सड़क पर जमा पानी निकालने को पहुंची सिवर सक्शन मशीन. पुनौरा धाम रोड में जानकी जन्मभूमि स्थल से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर मुख्य पथ पर पानी के अंदर सड़क पर खतरनाक गड्ढों के बीच से जोखिम लेकर आवागमन करते लोग. | Prabhat Khabar Network

सीतामढ़ी नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे प्रमुख मार्ग और व्यापारिक प्रतिष्ठान प्रभावित हो रहे हैं. अधूरे नाले और कचरे के कारण सड़कों पर गंदा पानी जमा रहता है, जिससे श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है.

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 Sitamarhi Waterlogging Issue:  नगर निगम क्षेत्र में बारहमासी जलजमाव की गंभीर समस्या बनी हुई है. जानकी स्थान, गौशाला चौक, पुनौरा धाम और मधुबन जैसे प्रमुख मार्गों पर जलनिकासी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है. मां जानकी जन्मभूमि और पुनौरा धाम तक पहुंचने वाले इन मुख्य रास्तों पर प्रतिदिन देशभर से हजारों श्रद्धालु आते हैं, जिन्हें गंदे पानी और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. 104 करोड़ रुपये की लागत वाली स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज योजना वर्षों से लटकी हुई है.

अधूरे नाले बने आफत, व्यापार पर पड़ रहा प्रतिकूल असर

क्षेत्र में नालों का निर्माण अधूरा होने और कचरे-गाद से जाम रहने के कारण पानी सड़कों पर जमा रहता है. यह रास्ता शिवहर और पूर्वी चंपारण को जोड़ने वाला मुख्य प्रवेश द्वार भी है.

समस्या के मुख्य बिंदु:

  • कारोबार प्रभावित: सैकड़ों करोड़ के निवेश से चल रहे होटल, विवाह भवन, मॉल व दुकानों का व्यवसाय जलभराव से ठप पड़ रहा है.
  • आंदोलन का असर नहीं: टैक्स देने के बावजूद समाधान न मिलने पर स्थानीय लोगों ने कई बार आंदोलन किया और जनप्रतिनिधियों का घेराव भी किया.
  • बुडको पर टिकी उम्मीदें: नगर स्वच्छता पदाधिकारी गौतम कुमार के अनुसार बुडको द्वारा नाला निर्माण पूरा होने पर ही स्थायी समाधान संभव है. फिलहाल सीवर सक्शन मशीन से पानी निकाला जा रहा है.

मधुबन की ओर से नाला निर्माण कार्य फिर शुरू हुआ है. लोगों की उम्मीदें अब अधूरी परियोजना के जल्द पूरा होने पर टिकी हैं.

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रतिकांत झा

लेखक के बारे में

By रतिकांत झा

रतिकांत पिछले करीब 17 वर्षों से पत्रकारिता में निरंतर कार्यरत हैं. उन्हें राजनीति, धर्म-अध्यात्म, पर्व-त्योहार, अपराध, सामाजिक सरोकार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सरकारी योजनाओं जैसे बहुआयामी विषयों पर लगातार सटीक रिपोर्टिंग का व्यापक अनुभव प्राप्त है.

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