शेखपुरा : शेखोपुरसराय में बारिश नहीं होने से धान की रोपाई प्रभावित,, बोरिंग और डीजल के सहारे खेती को मजबूर किसान

Updated:
विज्ञापन
सुखे खेत में बोरिंग की पानी से धान की रोपाई करती महिला | Prabhat Khabar Network

सुखे खेत में बोरिंग की पानी से धान की रोपाई करतीं महिलाएं | Prabhat Khabar Network

शेखोपुरसराय प्रखंड क्षेत्र में समय पर पर्याप्त बारिश न होने के कारण किसानों के समक्ष धान की रोपाई करना एक बड़ी चुनौती बन गई है. खेतों में नमी की कमी और मानसून की बेरुखी के चलते किसानों को महंगे डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत काफी बढ़ गई है.

विज्ञापन

शेखपुरा के शेखोपुरसराय प्रखंड के किसानों को इस वर्ष धान की रोपाई को लेकर काफी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. समय पर पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण पूरे प्रखंड क्षेत्र में धान की खेती बुरी तरह प्रभावित होती नजर आ रही है.

बारिश के अभाव में किसानों के समक्ष धान की रोपाई करना एक बहुत बड़ी चुनौती बन गया है. खेतों में नमी की भारी कमी के कारण अधिकांश किसान अब तक रोपाई का कार्य शुरू नहीं कर सके हैं, जबकि कई किसानों को मजबूरन बोरिंग और डीजल पंपसेट के सहारे सिंचाई कर धान की रोपाई करनी पड़ रही है.

बढ़ती लागत और मानसून की बेरुखी से किसान चिंतित

नीमी गांव के किसान धर्मराज सिंह, मदन सिंह, दीना सिंह, पंकज सिंह, नागमणि सिंह, अरविंद महतो तथा राजेंद्र पासवान ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष उन्हें पूरी उम्मीद थी कि समय पर अच्छी मानसूनी बारिश होगी और धान की रोपाई सुगमता से संपन्न हो जाएगी. लेकिन, अब तक पर्याप्त बारिश न होने से उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है.

किसानों ने बताया कि लगातार बारिश न होने के कारण उन्हें महंगे डीजल से चलने वाले पंपसेटों के जरिए सिंचाई करके रोपाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की कुल लागत काफी अधिक बढ़ गई है.

एक तरफ डीजल की बढ़ती कीमतें किसानों की जेब पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही हैं, तो दूसरी तरफ मानसून की इस बेरुखी ने उनकी चिंताएं और अधिक बढ़ा दी हैं.

छोटे किसानों की बढ़ी मुश्किलें, बारिश न होने पर उत्पादन पर पड़ेगा असर

हालांकि, कुछ साधन संपन्न और जागरूक किसानों ने अपने स्तर पर बोरिंग के पानी से धान की रोपाई का काम शुरू कर दिया है, लेकिन छोटे और सीमांत किसानों के लिए अपने दम पर महंगी सिंचाई व्यवस्था करना बिल्कुल भी आसान नहीं है.

स्थानीय किसानों का कहना है कि यदि जल्द ही झमाझम बारिश नहीं हुई, तो आने वाले समय में धान की फसल का कुल उत्पादन गंभीर रूप से प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है.

Also Read : गया जी : विष्णुपद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत, पितृपक्ष मेले से पहले BSAP को सौंपी गई जिम्मेदारी


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन