शेखपुरा में भूमि जमाबंदी सुधार अभियान शुरू, 1.18 लाख भूमि रिकॉर्ड पर फोकस, घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी

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प्रेस कांफ्रेंस करते अपर समाहर्ता

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Sheikhpura Land Jamabandi Mega Campaign : शेखपुरा जिले में भूमि जमाबंदी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए 45 दिन का विशेष अभियान शुरू हुआ है. यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा, जिसका लक्ष्य बिना जमाबंदी वाली जमीन का रिकॉर्ड बनाना और पुराने रिकॉर्ड को उत्तराधिकारियों के नाम करना है.

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Sheikhpura Land Jamabandi Mega Campaign : शेखपुरा जिले में भूमि जमाबंदी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए 45 दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया है. जिले की सभी 49 पंचायतों में 15 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा. अभियान के दौरान बिना जमाबंदी वाली जमीन का नया रिकॉर्ड तैयार करने के साथ मृत लोगों के नाम दर्ज पुरानी जमाबंदी को उनके जीवित उत्तराधिकारियों के नाम करने और अधूरे रिकॉर्ड में सुधार का काम किया जाएगा.

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49 पंचायतों में चलेगा अभियान

शेखपुरा जिले की सभी 49 पंचायतों में 15 सितंबर से भूमि जमाबंदी महाभियान शुरू हो गया है. यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा. इस दौरान राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी जमीन के रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाएंगे.

बिना जमाबंदी वाली जमीन का बनेगा रिकॉर्ड

अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसी जमीन को जमाबंदी के रिकॉर्ड में लाना है, जिसकी अभी जमाबंदी नहीं हुई है. इसके साथ ही मृत लोगों के नाम पर दर्ज पुरानी जमाबंदी को उनके जीवित उत्तराधिकारियों के नाम करने की प्रक्रिया भी पूरी की जाएगी.

1.18 लाख जमाबंदी रिकॉर्ड में सुधार की जरूरत

अपर समाहर्ता लखेंद्र पासवान ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि जिले में करीब 1 लाख 18 हजार भूमि रिकॉर्ड ऐसे हैं, जिनमें जमाबंदी उपलब्ध नहीं है. वहीं कई जमाबंदी रिकॉर्ड में खाता, खसरा या रकबा जैसी जरूरी जानकारी दर्ज नहीं है.

घर-घर पहुंचेंगे अधिकारी और कर्मचारी

अभियान के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जानकारी जुटाएंगे. संबंधित लोगों से उनकी जमीन का विवरण लिया जाएगा, ताकि जमाबंदी रिकॉर्ड को सही और पूरा किया जा सके.

हिस्सेदारों की सहमति भी ली जाएगी

जमीन में एक से अधिक हिस्सेदार होने की स्थिति में उनके बीच बंटवारे की जानकारी भी जुटाई जाएगी. अधिकारी और कर्मचारी हिस्सेदारों के बीच जमीन के बंटवारे को लेकर लिखित सहमति लेने की प्रक्रिया भी पूरी करेंगे.

केवाला की प्रति देनी होगी

अभियान के दौरान केवाला के माध्यम से खरीदी गई जमीन के मामले में संबंधित व्यक्ति को केवाला की प्रति उपलब्ध करानी होगी. इसके आधार पर जमीन के स्वामित्व से जुड़ी जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज और दुरुस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.

उत्तराधिकार वाली जमीन के लिए खतियान जरूरी

उत्तराधिकार के माध्यम से मिली जमीन के लिए खतियान की जरूरत होगी. जिन लोगों के पास खतियान उपलब्ध है, वे उसे प्रस्तुत कर सकते हैं. अगर किसी व्यक्ति के पास खतियान नहीं है, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में मदद करेंगे.

वंशावली भी तैयार की जाएगी

जमीन के उत्तराधिकार और हिस्सेदारी को स्पष्ट करने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में संबंधित परिवार की वंशावली भी तैयार की जाएगी. इसके आधार पर उत्तराधिकारियों और उनके हिस्से की जानकारी को रिकॉर्ड में शामिल करने की प्रक्रिया की जाएगी.

लोगों से सहयोग की अपील

अपर समाहर्ता लखेंद्र पासवान ने अभियान की जानकारी देते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की. उन्होंने मीडिया कर्मियों से भी अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.

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