पटना : साइबर अपराधियों तक संदिग्ध सिम पहुंचाने वाले आधार सेंटर, साइबर कैफे और पीओएस एजेंटों पर कार्रवाई तेज
प्रतीकात्मक तस्वीर
Patna News : साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने पटना में संदिग्ध सिम कार्ड पहुंचाने वाले आधार सेंटर, कैफे और पीओएस एजेंटों पर शिकंजा कसा है. नवादा और शेखपुरा में हुई कार्रवाई में करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ है.
Patna Cyber Fraud News : साइबर अपराधियों तक संदिग्ध सिम कार्ड पहुंचाने वाले आधार सेंटर, साइबर कैफे और पीओएस एजेंटों के खिलाफ साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (सीसीएसयू) ने कार्रवाई तेज कर दी है. सीसीएसयू की तकनीकी सूचना के आधार पर नवादा और शेखपुरा में की गई कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध सिम कार्ड, डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और पहचान संबंधी कागजात बरामद किए गए हैं.
नवादा में आधार सेंटर से जुड़े 74 सिम मिले साइबर शिकायतों से जुड़े
नवादा साइबर थाना की टीम ने भोला आधार सेंटर और भोला साइबर कैफे के खिलाफ कार्रवाई की. तकनीकी और एनसीआरपी रिकॉर्ड के विश्लेषण में भोला आधार सेंटर से जारी 74 सिम कार्ड देश के अलग-अलग हिस्सों से दर्ज 125 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले. इन मामलों में कुल 51.81 लाख रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी दर्ज है.
वहीं, भोला साइबर कैफे से जारी 22 सिम कार्ड 34 साइबर शिकायतों से जुड़े मिले. इन मामलों में 39.29 लाख रुपये की ठगी दर्ज है. दोनों जगहों से जुड़े कुल 96 सिम कार्ड 159 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़े पाए गए. इन मामलों में कुल 91.11 लाख रुपये की ठगी दर्ज है.
प्रिंटर, पासबुक, माइक्रो एटीएम और बायोमेट्रिक उपकरण बरामद
छापेमारी के दौरान पांच प्रिंटर, फिनो पेमेंट बैंक के एटीएम कार्ड और पासबुक, चेकबुक, उज्जीवन बैंक की पासबुक और एटीएम कार्ड, एचडीएफसी बैंक स्कैनर, मोबाइल फोन, माइक्रो एटीएम, बायोमेट्रिक और इलेक्ट्रॉनिक स्कैनर समेत अन्य सामान बरामद किए गए.
शेखपुरा में पीओएस एजेंट गिरफ्तार, 235 सिम कार्ड बरामद
शेखपुरा में कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पीओएस एजेंट विजय कुमार को गिरफ्तार किया. जांच में उसके पीओएस से जारी 40 सिम कार्ड देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 60 एनसीआरपी शिकायतों से जुड़े मिले. इन मामलों में 16.25 लाख रुपये की साइबर ठगी दर्ज है.
छापेमारी में दो लैपटॉप, चार स्मार्टफोन, एक कीपैड मोबाइल, 235 सिम कार्ड, दो फिंगरप्रिंट रीडर, यूपीआई स्कैनर, छह पासबुक, दो एटीएम कार्ड तथा सात आधार-पैन कार्ड बरामद किए गए.
एमएनपी और केवाईसी के नाम पर डेटा के दुरुपयोग की जांच
पुलिस के अनुसार, ग्रामीण और कम पढ़े-लिखे लोगों को एमएनपी, केवाईसी, राशन कार्ड, जॉब कार्ड या सरकारी काम के नाम पर बायोमेट्रिक प्रक्रिया में शामिल किया जाता था. इसके बाद उनके विवरण का कथित रूप से दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम जारी किए जाते थे. इन सिम कार्ड को साइबर अपराधियों तक पहुंचाने में आरोपितों की भूमिका की जांच की जा रही है.
इस मामले में नवादा में कांड संख्या 90/26 और शेखपुरा में कांड संख्या 33/2026 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
सिम जारी होने से लेकर साइबर ठगी तक कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
सीसीएसयू और संबंधित साइबर थानों की टीमें सिम कार्ड के निर्गमन विवरण, केवाईसी, बायोमेट्रिक सत्यापन, पीओएस गतिविधियों और एनसीआरपी शिकायतों का मिलान कर रही हैं. बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है.\
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