Sasaram News :चुनाव के दौरान मकराईन-पाली ओवरब्रिज से नहीं गुजरेंगे नेताओं के वाहन

Published by : PRABHANJAY KUMAR Updated At : 04 Aug 2025 9:22 PM

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पुल बंद होने से मकराईन से डेहरी बाजार की दो मीटर की दूरी के लिए दो किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है.

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डालमियानगर. करीब दो वर्ष से क्षतिग्रस्त मकराईन-पाली ओवरब्रिज पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान लोगों का मुद्दा बना था. लोकसभा चुनाव के दौरान बंद पुल की बगल से बने कच्चे रास्ते से नेताओं व आम लोगों के वाहनों का आवागमन होता था, जो आज भी बदस्तूर जारी है. पुल बंद होने से मकराईन से डेहरी बाजार की दो मीटर की दूरी के लिए दो किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ रहा है. लोकसभा चुनाव के बाद गत एक फरवरी 2025 को पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ था, जिसके निर्माण कार्य समाप्ति का समय आगामी 25 सितंबर 2025 तक तय है. करीब 13 करोड़ रुपये की लागत का एस्टीमेट है. पर, कार्य की गति इतनी धीमी है कि आगामी अक्तूबर-नवंबर में संभावित विधानसभा चुनाव के दौरान भी नेताओं के वाहन इस पुल से गुजरने की संभावना बहुत कम है. संभावना इसलिए कम है कि कार्य पूर्ण का लक्ष्य रेल विकास निगम लिमिटेड ने आठ माह का रखा था, जिसमें से छह माह बीत चुके हैं. इस दौरान पुराने ओवरब्रिज के डिस्मेंटल के लिए करीब एक दर्जन सपोर्टर का ही निर्माण हुआ है, पूर्ण रूप से डिस्मेंटल का कार्य होने में कई तकनीकी व विभागीय समस्याएं हैं. जो इसके समय से पूर्ण होने के लिए समय के विस्तार की संभावना को बल दे रहे हैं. ड्राइंग का अप्रूवल नहीं मिलने से डिस्मेंटल का कार्य रुका सूत्रों के अनुसार, ओवरब्रिज निर्माण के दौरान ओपन लाइन ड्राइंग की आवश्यकता है, जिससे ओवरब्रिज का पाया निर्माण पर रेलवे ट्रैक व रेलगाड़ी का आवागमन प्रभावित न हो सके. ओपन लाइन की ड्राइंग बनाकर हाजीपुर जोनल ऑफिस भेजा जा चुका है. लेकिन, अभी तक ड्राइंग का अप्रूवल नहीं मिलने से डिस्मेंटल का कार्य रुका हुआ है. वही डिस्मेंटल के दौरान सुरक्षा के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल कार्यालय से रेलगाड़ियों को रोकने व परिवर्तित करने के लिए लगभग आठ से 10 घंटे ब्लॉक की आवश्यकता होगी. ब्लॉक मिलने में देरी की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता, ऐसे में समय पर कार्य पूरा होने की संभावना नहीं दिखाई देती है. चार सितंबर 2013 को सीएम ने किया था उद्घाटन पाली-मकराईन ओवरब्रिज का उद्घाटन चार सितंबर 2013 को सीएम नीतीश कुमार ने किया था. उद्घाटन के बाद से ही इसकी गुणवत्ता व मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे थे. लोगों ने रेलवे से कंस्ट्रक्शन कंपनी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी. तत्कालीन विधान पार्षद हुलास पांडेय ने सदन में इसका मुद्दा उठाया था. वर्ष 2013 से 2022 तक चार बार ओवरब्रिज की मरम्मत भी हो चुकी है. निर्माण के डेढ़ वर्ष में ही ब्रिज के तीन सस्पेंशन पिलर एक साथ क्षतिग्रस्त हो गये थे. क्या कहते हैं पदाधिकारी – रेल विकास निगम लिमिटेड के सेक्शन इंजीनियर जैनेंद्र कुमार ने कहा कि ओवरब्रिज का अधिकांश कार्य हो चुका है. ड्राइंग अप्रूवल होने के बाद डिस्मेंटल का कार्य किया जायेगा. नये ब्रिज का निर्माण कार्य हजारीबाग के कुजू स्टोर में प्रारंभ है. डिस्मेंटल कार्य के एक माह के अंदर ओवरब्रिज का निर्माण हो जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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