मांझर कुंड में भोजन ले जाने और पकाने पर रोक के बीच सांसद उपेंद्र कुशवाहा के वायरल वीडियो से उठा विवाद
मांझरकुंड में भोजन करते उपेंद्र कुशवाहा | Prabhat Khabar Network
Sasaram News : कैमूर पहाड़ी के मांझर कुंड में सैलानियों के भोजन बनाने और ले जाने पर वन विभाग की रोक है. ऐसे में राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों संग जलसा करने का एक वीडियो वायरल हुआ है. इस पर पूर्व विधायक ने सवाल उठाए हैं.
Sasaram News : कैमूर पहाड़ी स्थित मांझर कुंड में सैलानियों के भोजन बनाने और बाहर से भोजन ले जाकर खाने पर वन विभाग की रोक जारी है. इसी बीच एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा अपने समर्थकों के साथ जलसा करते नजर आ रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो 14 सितंबर 2026 का है. हालांकि, इस वीडियो की प्रभात खबर पुष्टि नहीं करता है. वीडियो वायरल होने के बाद मांझर कुंड में सांसद और उनके समर्थकों के जलसा करने को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गयी है.
इसी मामले को लेकर बुधवार को पूर्व विधायक डॉ. अशोक कुमार ने शहर के एक होटल में प्रेसवार्ता कर विरोध जताया. उन्होंने सवाल उठाया कि जब मांझर कुंड में सैलानियों के लिए स्नैक्स के अलावा किसी तरह का भोजन ले जाने और पकाने पर रोक है, तो सांसद को वहां जलसा करने की अनुमति किसने दी.
पूर्व विधायक ने अनुमति को लेकर उठाये सवाल
डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि कुछ दिनों पहले स्थानीय विधायक स्नेहलता मांझर कुंड का मुआयना कर लौटी थीं और इसके दो-तीन दिनों बाद प्रशासन ने मांझर कुंड जाने पर प्रतिबंध लगा दिया. उन्होंने कहा कि जब आम सैलानियों के लिए वहां जलसा करना प्रतिबंधित है, तो सांसद को वहां जलसा करने की अनुमति कैसे मिली.
उन्होंने कहा कि यदि सांसद ने बिना अनुमति के वहां जलसा किया है, तो यह निंदनीय है. पूर्व विधायक ने इस मामले में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की.
डीएफओ बोले- सांसद को जलसा करने की अनुमति नहीं दी गयी
डीएफओ स्टालिन फीडल कुमार ने कहा कि उन्हें मांझर कुंड में सांसद उपेंद्र कुशवाहा के समर्थकों के साथ जलसा करने की जानकारी नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि वन विभाग की ओर से सांसद या उनके किसी प्रतिनिधि को वहां जलसा करने की कोई अनुमति नहीं दी गयी थी.
डीएफओ ने बताया कि मांझर कुंड परिसर में सैलानियों को केवल स्नैक्स ले जाने की अनुमति है. बाहर से भोजन लेकर जाने, वहां भोजन करने या पकाने पर प्रतिबंध लगा हुआ है. उन्होंने कहा कि वह पूरे मामले की जानकारी ले रहे हैं. इसके बाद ही इस संबंध में कुछ कहा जा सकेगा.
सांसद उपेंद्र कुशवाहा से संपर्क नहीं हो पाने के कारण इस मामले में उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी.
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2022 की स्वीकृत योजना का श्रेय लेने का आरोप
पूर्व विधायक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वर्ष 2022 में ही तुतला भवानी धाम में हाईमास्ट लाइट लगाने की योजना स्वीकृत हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद उपेंद्र कुशवाहा इस योजना का श्रेय लेने का प्रयास कर रहे हैं.
डॉ. कुमार ने कहा कि सांसद ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के फतेहाबाद में 15-15 लाख रुपये की दो योजनाएं दी हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यह राशि रोहतास जिले या बिहार के विकास से जुड़ी योजनाओं पर खर्च क्यों नहीं की गयी.
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सांसद पर पूर्व विधायक ने साधा निशाना
पूर्व विधायक ने सांसद उपेंद्र कुशवाहा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह रोहतास जिले में मृत्यु वाले घरों को खोजते रहते हैं. उन्होंने दावा किया कि सांसद गरीबों की आर्थिक मदद नहीं करते हैं और उनके मातमपुर्सी में जाने से गरीब परिवार पर नाश्ता-पानी का अतिरिक्त खर्च पड़ जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में गरीब परिवार के लिए आर्थिक बोझ बढ़ जाता है.
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