सत्संग से जीवन में मिलती है शांति : स्वामी चतुर्भुज

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सत्संग से जीवन में मिलती है शांति : स्वामी चतुर्भुज

मानव जीवन के कल्याण के लिए सत्संग जरूरी

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शहर के चलनिया में चल रहा श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ फोटो-19- प्रवचन करते स्वामी चतुर्भुज. प्रतिनिधि, सासाराम ग्रामीण मानव जीवन के कल्याण के लिए सत्संग जरूरी है. किस्मत वालों को ही संतों की अमृतवाणी सुनने का सौभाग्य प्राप्त होता है. सत्संग से जीवन में शांति मिलती है. ये बातें शहर के चलनिया रामेश्वरगंज में चल रहे श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दूसरे दिन वृंदावन से आये स्वामी चतुर्भुज जी महाराज ने प्रवचन के दौरान कहीं. उन्होंने कहा कि बिना गुरु का मोक्ष प्राप्ति का मार्ग मिलना असंभव है. मानव का दुर्लभ शरीर बहुत ही मुश्किल से मिलता है. इसे व्यर्थ न गवाएं. बल्कि, सद्गुरु की शरण में जाकर मोक्ष की प्राप्ति करें. वरना पश्चाताप के अलावा कुछ नहीं मिलेगा. मानव शरीर पाने के लिए देवी देवता भी तरसते हैं. उन्होंने कहा कि प्रभु की कृपा से ही लोग सत्संग में आते हैं और ज्ञान की बातें सुनते हैं. जब भी मौका मिले निश्चित रूप से लोगों को सत्संग व भजन कीर्तन में शामिल होना चाहिए. साथ ही भारतीय सभ्यता व संस्कृति की गौरव पर चर्चा करते हुए महाराज ने कहा कि सनातन धर्म व संस्कृति की रक्षा भी सत्संग के जरिए ही संभव है. संतों की अमृतवाणी सुनने से न केवल जीवन धन्य होता है. बल्कि, मानव शरीर भी सुखमय हो जाता है. महाराज ने उपस्थित लोगों को अपने आप पर नियंत्रण रखने की सलाह देते हुए कहा कि मन पर नियंत्रण रखने से ही मानव ईश्वर को प्राप्त कर सकता है. भजन प्रस्तुति विनती सदग्रंथ पाठ एवं प्रवचन के पश्चात सत्संग को समाप्त किया गया. बंगाल, बिहार सहित अन्य क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ रही.

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