सासाराम सदर अस्पताल में फिर सक्रिय हुआ निजी एंबुलेंस, प्रशासनिक आदेश के बाद भी नहीं थमी दलालों की दखल

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अस्पताल के बाहर सड़क किनारे खड़ी एम्बुलेंस

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Sasaram Sadar Hospital Private Ambulance : रोहतास के सासाराम स्थित सदर अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है. अस्पताल परिसर में रोजाना निजी एंबुलेंस खड़ी नजर आती हैं, जबकि उनके चालक और कथित दलाल ट्रॉमा सेंटर के आसपास सक्रिय रहते हैं.

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Sasaram Sadar Hospital Private Ambulance : रोहतास के सासाराम स्थित सदर अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर प्रशासनिक प्रतिबंध के बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है. अस्पताल परिसर में रोजाना निजी एंबुलेंस खड़ी नजर आती हैं, जबकि उनके चालक और कथित दलाल ट्रॉमा सेंटर के आसपास सक्रिय रहते हैं. अब अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में दोबारा प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है.

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Rohtas News : रेफर मरीजों को बनाते हैं निशाना

जानकारी के अनुसार जिले के विभिन्न क्षेत्रों से सड़क दुर्घटना और गंभीर बीमारी के मरीजों को सबसे पहले सदर अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया जाता है. प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़ने पर चिकित्सक उन्हें पटना या वाराणसी जैसे उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करते हैं. पटना के लिए सरकारी एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन वाराणसी के लिए सरकारी व्यवस्था नहीं होने से परिजनों को निजी एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ता है.

बेहतर इलाज के नाम पर परिजनों को करते हैं प्रभावित

अस्पताल परिसर में सक्रिय निजी एंबुलेंस चालक और कथित दलाल रेफर होने वाले मरीजों के परिजनों से संपर्क कर उन्हें कम समय में अस्पताल पहुंचाने और बेहतर इलाज दिलाने का भरोसा देते हैं. आरोप है कि कई मामलों में मरीजों को वाराणसी के ऐसे निजी अस्पतालों में भर्ती कराया जाता है, जहां से एंबुलेंस चालकों को कमीशन मिलता है. इससे मरीजों और उनके परिजनों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है.

Sasaram News : दो माह पहले एसडीएम ने लगाया था प्रतिबंध

लगातार मिल रही शिकायतों के बाद करीब दो माह पूर्व सदर एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने सदर अस्पताल का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग पर रोक लगाने का निर्देश दिया था. हालांकि प्रशासनिक आदेश के बावजूद आज भी अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस खड़ी दिखाई देती हैं.

शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई : एसडीएम

इस संबंध में एसडीएम डॉ. नेहा कुमारी ने कहा कि कई मरीजों के परिजन अपनी इच्छा से वाराणसी इलाज के लिए जाते हैं. चूंकि वहां के लिए सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है, इसलिए निजी एंबुलेंस का उपयोग किया जाता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि दलाली या मरीजों के शोषण की शिकायत मिलती है तो सिविल सर्जन को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए.

स्वास्थ्य प्रबंधन ने फिर लिखा पत्र

सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार ने बताया कि अस्पताल परिसर में निजी एंबुलेंस की पार्किंग और कथित अनधिकृत गतिविधियों को लेकर एसडीएम को दोबारा पत्र भेजा गया है. प्रशासन से आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया है. उन्होंने कहा कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा या आर्थिक शोषण से बचाने के लिए जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे.

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