सासाराम में स्वच्छ करगहर की खुली पोल, करोड़ों खर्च के बाद भी सड़कों पर गंदगी, खुले में शौच से लोग परेशान

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प्रखंड के एक गांव में प्रोत्साहन राशि से निर्मित किया गया शौचालय | Prabhat Khabar Network

करगहर में स्वच्छता अभियान के नाम पर करोड़ों खर्च होने के बाद भी सड़कों पर फैली गंदगी और खुले में शौच से लोग परेशान हैं। प्रशासन की लापरवाही उजागर।

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प्रखंड को वर्ष 2017 में खुले में शौचमुक्त यानी ODF घोषित किया गया था. सभी पंचायतों में कार्यक्रम आयोजित कर इसकी घोषणा की गयी और प्रखंड की सीमाओं पर ODF के बोर्ड भी लगाए गए. इसके बावजूद आज प्रखंड की कई सड़कों पर खुले में शौच की गंदगी स्वच्छ करगहर की तस्वीर पर सवाल खड़े कर रही है.

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शौचालय निर्माण के बाद भी खुले में शौच

जानकारी के अनुसार, प्रखंड में अब भी सैकड़ों ऐसे लोग हैं, जिन्होंने सरकार से प्रोत्साहन राशि लेने के बाद भी अपने घरों में शौचालय का निर्माण पूरा नहीं कराया है. कई जगह शौचालय आधे-अधूरे हैं. कहीं दरवाजा नहीं लगा है, तो कहीं छत या शेड का अभाव है. इसके कारण महिला और पुरुष सड़क किनारे खुले में शौच करने को मजबूर हैं.

प्रखंड के एक गांव में प्रोत्साहन राशि से निर्मित किया गया शौचालय | Prabhat Khabar Network
प्रखंड के एक गांव में प्रोत्साहन राशि से निर्मित किया गया शौचालय | Prabhat Khabar Network

करोड़ों रुपये खर्च, फिर भी नहीं बदली तस्वीर

शौचालय निर्माण और स्वच्छता जागरूकता अभियान पर सरकार की ओर से करोड़ों रुपये खर्च किए गए. अभियान के दौरान डीएम और जिले के वरीय अधिकारियों के नेतृत्व में घर-घर जाकर लोगों को शौचालय निर्माण और उसके इस्तेमाल के लिए जागरूक किया गया. खुले में शौच रोकने के लिए मॉर्निंग और इवनिंग फॉलोअप अभियान भी चलाया गया तथा कुछ लोगों पर जुर्माना भी लगाया गया.

सड़कों से गुजरते समय नाक पर रखना पड़ता है रुमाल

करगहर प्रखंड की सासाराम-चौसा पथ, करगहर-बड़हरी पथ, करगहर-बभनी पथ, खडारी-कुदरा पथ और डुमरा-अगरेर पथ समेत कई संपर्क सड़कों पर गंदगी और दुर्गंध से लोगों को परेशानी हो रही है. खासकर करगहर प्रखंड मुख्यालय के दक्षिणी छोर और निमडिहरा रोड पर सुबह-शाम सड़क किनारे खुले में शौच करने वालों की संख्या दिखाई देती है. राहगीरों को दुर्गंध से बचने के लिए नाक पर रुमाल रखकर गुजरना पड़ता है.

स्वच्छता कर्मियों के फॉलोअप पर उठे सवाल

इस संबंध में बीडीओ अजीत कुमार ने कहा कि पिछले दो वर्षों से पंचायतों में कार्यरत स्वच्छता कर्मी मॉर्निंग और इवनिंग फॉलोअप का काम नहीं कर रहे हैं. इसके कारण खुले में शौच करने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है. ऐसे में नियमित निगरानी और फॉलोअप की जरूरत है.

शौचालय राशि को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाया आरोप

प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष धनंजय पांडेय ने शौचालय निर्माण में अनियमितता का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रखंड कार्यालय में शौचालय की प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर लाभुकों से कथित तौर पर दो हजार रुपये अग्रिम लिये जा रहे हैं. उनका आरोप है कि राशि मिलने के बाद भी शौचालय निर्माण की भौतिक जांच सही तरीके से नहीं होती, जिससे अधूरे शौचालयों की संख्या बढ़ रही है.

जांच और निगरानी से ही सुधरेगी व्यवस्था

करगहर में ODF घोषित होने के बावजूद सड़कों पर खुले में शौच की स्थिति स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है. जरूरत है कि अधूरे शौचालयों की जांच कर उन्हें पूरा कराया जाए, स्वच्छता कर्मियों का नियमित फॉलोअप शुरू हो और खुले में शौच करने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाए. इससे करगहर को वास्तविक रूप से स्वच्छ और खुले में शौचमुक्त बनाने की दिशा में कदम आगे बढ़ सकेगा.


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