रोहतास के सभी प्रारंभिक स्कूलों में 26 सितंबर को होगी पीटीएम, ‘पैरेंट ऑफ द मंथ’ और ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ का होगा चयन
प्रखंड संसाधन केंद्र सासाराम| Prabhat Khabar Network
Sasaram News : रोहतास जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 26 सितंबर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन होगा. 'निपुण पथ' के तहत बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और स्वच्छता पर चर्चा की जाएगी. सर्वश्रेष्ठ अभिभावक और छात्र को 'ऑफ द मंथ' सम्मान मिलेगा.
Sasaram News : रोहतास जिले के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में 26 सितंबर को अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) का आयोजन किया जाएगा. जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान की ओर से इस संबंध में पत्र जारी कर सभी प्रधानाध्यापकों एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को संगोष्ठी आयोजित करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
पहले यह संगोष्ठी 22 सितंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन अपरिहार्य कारणों से प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक ने इसे स्थगित कर दिया. इसके बाद 26 सितंबर की नई तिथि निर्धारित की गयी है.
‘निपुण पथ’ के तहत पढ़ने, लिखने और गणना पर होगा संवाद
जारी पत्र के अनुसार, संगोष्ठी का विषय ‘निपुण पथ : पढ़ना, लिखना एवं गणना’ रहेगा. इसमें छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति के साथ स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता जैसे विषयों पर अभिभावकों से सीधा संवाद किया जाएगा. स्कूलों को अधिक से अधिक अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि बच्चों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हो सके.
संगोष्ठी के दौरान छात्र-छात्राओं की उपलब्धियों, प्रतिभाओं और प्रेरक उदाहरणों को भी अभिभावकों के साथ साझा करना होगा. स्कूल शिक्षा समिति के सदस्यों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा.
नियमित उपस्थिति और घर पर पढ़ाई के माहौल को लेकर जागरूक होंगे अभिभावक
अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा में उनकी भूमिका, नियमित स्कूल उपस्थिति तथा घर पर पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने को लेकर जागरूक किया जाएगा. संगोष्ठी में वर्गवार एक अभिभावक को ‘पैरेंट ऑफ द मंथ’ और एक छात्र या छात्रा को ‘स्टूडेंट ऑफ द मंथ’ के रूप में सम्मानित करना अनिवार्य होगा.
कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सएप समूह, माइकिंग, टोला संपर्क तथा बाल संसद और मीना मंच का सहयोग लिया जाएगा. अभिभावकों को कार्यक्रम की पूर्व सूचना देना भी अनिवार्य बताया गया है.
संगोष्ठी से पहले स्कूलों को बनानी होगी कार्ययोजना
जारी मार्गदर्शिका के अनुसार, संगोष्ठी से पहले प्रत्येक स्कूल को कार्ययोजना तैयार करनी होगी. इसके साथ ही शिक्षकों, बाल संसद, मीना मंच और स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के साथ पूर्व बैठक करनी होगी. अनियमित, ड्रॉपआउट तथा विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के परिवारों से व्यक्तिगत संपर्क करने का भी निर्देश दिया गया है.
संगोष्ठी के दिन अभिभावकों का स्वागत किया जाएगा और वर्गवार गतिविधियां समयबद्ध तरीके से संचालित होंगी. अभिभावकों के सुझाव एवं शिकायत दर्ज करने के लिए पंजी भी संधारित की जाएगी.
Also Read : कोचस प्रखंड समिति की बैठक में छाया भ्रष्टाचार और योजनाओं की बदहाल स्थिति का मुद्दा
बेहतर आयोजन करने वाले स्कूल को सीआरसी स्तर पर मिलेगा सम्मान
जिला स्तर पर पर्यवेक्षण दल का गठन किया जाएगा, जो अधिकारियों एवं सीएसओ के माध्यम से संगोष्ठी का अवलोकन करेगा. सीआरसी क्षेत्र के दो स्कूलों का भ्रमण कर बेहतर आयोजन करने वाले एक स्कूल को सीआरसी स्तर पर सम्मानित करने की भी योजना है.
26 सितंबर को ही गूगल फॉर्म पर अपलोड करना होगा प्रतिवेदन
निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि संगोष्ठी के बाद उसी दिन यानी 26 सितंबर को ही इससे संबंधित प्रतिवेदन गूगल फॉर्म पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. निर्धारित समय पर रिपोर्ट अपलोड नहीं होने की स्थिति में संबंधित स्कूल की जवाबदेही तय की जाएगी.
Also Read : सासाराम में नगर परिषद कार्यालय की सुरक्षा बढ़ी, पांच सशस्त्र गृहरक्षकों की हुई तैनाती
आपके शहर में
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए