रोहतास: शिवसागर में बारिश बनी किसानों के लिए आफत, बम्हौर-गिरधरिया में जलजमाव से 200 बीघा धान की फसल प्रभावित
बम्हौर के सिवान में जलमग्न धान के खेत| Prabhat Khabar Network
रोहतास जिले के शिवसागर प्रखंड में बारिश के पानी की निकासी न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई है. NH-19 निर्माण के दौरान जल निकासी मार्ग बंद करने और मुख्य नाले के अवरुद्ध होने से स्थिति गंभीर बनी हुई है.
Rohtas News: जिले के शिवसागर प्रखंड अंतर्गत बम्हौर और गिरधरिया-किरहिंडी सिवान में बारिश के पानी की निकासी नहीं होने से किसानों के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है. खेतों में समुचित ड्रेनेज व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों बीघा में लहलहाती धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है. कई खेतों में कई फीट पानी जमा होने से वे तालाब में तब्दील हो चुके हैं, जिससे किसानों की मेहनत और पूंजी डूबने की कगार पर है. इतना ही नहीं, जलजमाव का पानी शिवसागर स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर भी बह रहा है, जिससे राहगीरों और ग्रामीणों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है.
आपके शहर में
NH-19 निर्माण में करहा (बाहा) बंद करने का आरोप
बम्हौर गांव में जीटी रोड (NH-19) के उत्तर स्थित खेतों में जलभराव को लेकर स्थानीय किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं:
- पारंपरिक बहाव बंद: किसानों का कहना है कि सिक्स लेन सड़क निर्माण के दौरान खेतों की सिंचाई और जल निकासी के लिए वर्षों से मौजूद करहा (बाहा) को मिट्टी डालकर भर दिया गया.
- ड्रेनेज का अभाव: सड़क चौड़ीकरण के समय पानी की निर्बाध निकासी के लिए समुचित पुलिया या कंक्रीट ड्रेनेज का निर्माण नहीं कराया गया.
- हर साल की मार: बारिश होते ही पानी खेतों में भर जाता है. इस संबंध में NHAI के अधिकारियों, स्थानीय अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) से बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया.
गिरधरिया-किरहिंडी में मुख्य नाला बंद होने से 200 बीघा फसल प्रभावित
गिरधरिया गांव निवासी ब्रजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि गिरधरिया-किरहिंडी सिवान का मुख्य नाला कुशही सिवान की ओर जाता था, जिससे पूरे इलाके का पानी प्राकृतिक रूप से निकल जाता था. इस मुख्य नाले का मुहाना अवरुद्ध हो जाने से अकेले इस क्षेत्र की लगभग 200 बीघा धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है.

किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
किसान सचितानंद सिंह कुशवाहा, प्रमोद सिंह, दीनानाथ सिंह, ओमप्रकाश कुशवाहा, उदय सिंह कुशवाहा और उमाशंकर सिंह सहित दर्जनों किसानों ने जिला प्रशासन से अविलंब स्थलीय निरीक्षण कर जल निकासी का वैकल्पिक प्रबंध कराने की मांग की है. किसानों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया, तो वे जीटी रोड पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
(नोट: मामले पर एनएचएआई का पक्ष जानने के लिए प्रोजेक्ट डायरेक्टर रंजीत कुमार वर्मा से दूरभाष पर संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं होने से उनका पक्ष नहीं मिल सका.)
Also Read: सासाराम: कोचस में BJP की बैठक, बूथ स्तर पर कमेटी मजबूत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए