सारण में निजी क्लीनिक में महिला की मौत, डॉक्टर के बिना इलाज का आरोप; विरोध पर परिजनों को गोली मारने की धमकी

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घटना के बाद जांच करने पहुंची पुलिस | Prabhat Khabar Network

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सारण जिले के एकमा में एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान महिला की संदिग्ध मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की अनुपस्थिति में कर्मियों द्वारा इलाज किया गया और विरोध करने पर उन्हें धमकाया गया.

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Saran News : एकमा थाना क्षेत्र के ब्लॉक रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गयी. मृतका के परिजनों ने क्लीनिक संचालक और कर्मियों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है. परिजनों का कहना है कि क्लीनिक में डॉक्टर मौजूद नहीं थे और कर्मी ही मरीज का इलाज कर रहे थे. महिला की मौत के बाद परिजनों ने विरोध किया, तो उन्हें कथित तौर पर पिस्तौल से गोली मारने की धमकी दी गयी. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है.

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तबीयत बिगड़ने पर निजी क्लीनिक में कराया था भर्ती

मृतका की पहचान बनियापुर थाना क्षेत्र के भूमिहारा गांव निवासी पवन कुमार की पत्नी आरती कुमारी के रूप में हुई है. बताया जाता है कि आरती कुमारी अपने मायके सलीमपट्टी, मांझी थाना क्षेत्र से आयी हुई थीं. 20 सितंबर को तबीयत बिगड़ने के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए एकमा ब्लॉक रोड स्थित एक निजी क्लीनिक में लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कराया गया.

महिला के पति पवन कुमार के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के बाद उन्होंने वहां मौजूद कर्मियों से डॉक्टर के बारे में जानकारी मांगी. आरोप है कि इस पर कर्मियों ने कहा कि वे लोग ही डॉक्टर हैं और वही इलाज करते हैं. इसके बाद महिला का इलाज शुरू किया गया. परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान आरती कुमारी की हालत लगातार बिगड़ती गयी और अंत में उनकी मौत हो गयी.

विरोध करने पर पिस्तौल से गोली मारने की धमकी का आरोप

महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का विरोध किया. मृतका के परिजनों का आरोप है कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन से जुड़े गुड्डू सिंह, प्रमोद सिंह और मंटू सिंह ने उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया. परिजनों का दावा है कि आरोपितों ने मरीज को वहां से ले जाने के लिए कहा और विरोध करने पर पिस्तौल से गोली मारने की धमकी दी.

परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल कर्मियों ने मरीज का पर्चा और दवा जबरन अपने कब्जे में ले लिया तथा उनके साथ मारपीट करने की कोशिश की.

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति

घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीपीओ-2 प्रेमचंद सिंह और एकमा थानाध्यक्ष रामबालक यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझाकर शांत कराया. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेजा गया.

मृतका के पति पवन कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर एकमा थाने में निजी क्लीनिक के प्रबंधन और नामजद आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

सदर एसडीपीओ प्रेमचंद सिंह ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद महिला की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी. रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

निजी क्लीनिकों की व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद एकमा और आसपास के इलाके में निजी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई ऐसे निजी क्लीनिक संचालित हो रहे हैं, जहां पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था नहीं है. लोगों ने स्वास्थ्य विभाग से ऐसे क्लीनिकों की जांच कराने और नियमों का पालन नहीं करने वाले संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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