सारण के सरयू तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुआ श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ

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महायज्ञ की परिक्रमा करते संत और श्रद्धालु

Saran News: छपरा के रिविलगंज के सरयू नदी तट स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महर्षि गौतम-अहल्या उद्धार स्थल, गोदना में आयोजित नौ दिवसीय 11 कुंडीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ भव्य पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया.

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Saran News: (छपरा से विकास कुमार की रिपोर्ट)
छपरा के रिविलगंज के सरयू नदी तट स्थित ऐतिहासिक एवं पौराणिक महर्षि गौतम-अहल्या उद्धार स्थल, गोदना में आयोजित नौ दिवसीय 11 कुंडीय श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ भव्य पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया. यज्ञ के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा क्षेत्र भक्ति, श्रद्धा तथा वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान रहा.

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23 मई को जलभरी यात्रा से हुई थी शुरुआत

महायज्ञ का शुभारंभ 23 मई को भव्य जलभरी यात्रा के साथ हुआ था. इसके बाद लगातार नौ दिनों तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. यज्ञ में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और धार्मिक आयोजनों में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया.

वैदिक मंत्रों के बीच हुआ हवन-पूजन

श्री श्री 1008 गदाधाराचार्य जी महाराज के शिष्य एवं यज्ञाचार्य सह कथावाचक परमेश्वराचार्य महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना, हवन, आरती, भजन-कीर्तन और प्रवचनों में भाग लिया. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.

रामलीला और धार्मिक झांकियों ने श्रद्धालुओं का मन मोहा

महायज्ञ के दौरान आयोजित रामलीला मंचन और विभिन्न धार्मिक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं. प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इन प्रस्तुतियों को देखने पहुंचे. सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया.

शंख-घंटों की गूंज से भक्तिमय बना पूरा इलाका

यज्ञ के दौरान वेदी पूजन, अरणी मंथन, मंडप परिक्रमा, शंखनाद, घंटों की ध्वनि और धार्मिक जयघोष से रिविलगंज सहित आसपास का पूरा क्षेत्र भक्तिरस में डूबा रहा. श्रद्धालु लगातार यज्ञ स्थल की परिक्रमा कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता निभाते रहे.

मेले में बच्चों और युवाओं ने उठाया भरपूर आनंद

यज्ञ स्थल के समीप लगे मेले में भी लोगों की भारी भीड़ रही. विशेषकर बच्चों और युवाओं ने विभिन्न मनोरंजन और खरीदारी का आनंद उठाया. धार्मिक आयोजन के साथ-साथ मेले ने भी लोगों को आकर्षित किया.

अहल्या उद्धार स्थल के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

महायज्ञ में पहुंचे श्रद्धालुओं ने महर्षि गौतम ऋषि मंदिर में स्थापित भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, माता सीता, वीर हनुमान, महर्षि गौतम, माता अहल्या और माता अंजनी के विग्रहों का दर्शन-पूजन किया. इसके अलावा भगवान श्रीराम के चरण चिन्ह और अहल्या उद्धार वाटिका के दर्शन कर श्रद्धालुओं ने स्वयं को धन्य महसूस किया.

यहीं हुआ था माता अहल्या का उद्धार, बोले यज्ञाचार्य

यज्ञाचार्य सह कथावाचक परमेश्वराचार्य महाराज ने बताया कि सरयू तट स्थित महर्षि गौतम ऋषि मंदिर का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष है. उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र स्थल है जहां भगवान श्रीराम स्वयं पधारे थे और माता अहल्या का उद्धार किया था. उन्होंने बताया कि यह स्थान हनुमान जी के ननिहाल के रूप में भी प्रसिद्ध है, जिसका उल्लेख रामचरितमानस सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में मिलता है.

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