"पैनिक न करें, अफवाहों से बचें": सारण में गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच DM की अपील, तटबंधों पर 24 घंटे नजर
पदाधिकारीयों के साथ बैठक करते डीएम व एसएसपी
नेपाल से आई बाढ़ की चेतावनी ने बिहार के सारण जिले में चिंता बढ़ा दी है. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने अधिकारियों को पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रहने और गंडक तटीय इलाकों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं. आम लोगों से पैनिक न करने और सही सूचनाओं पर भरोसा रखने की अपील की गई है.
Gandak Water Level: नेपाल के रसुवा में तिब्बत क्षेत्र से आयी बाढ़ ने बिहार सरकार की चिंता बढ़ा दी है. नेपाल से सटे बिहार के कई जिलों में बाढ़ का असर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है, जिसमें सारण भी शामिल है. बिहार सरकार से दिशा-निर्देश मिलने के बाद जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने जिले के सभी संबंधित अधिकारियों की बैठक बुलाकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये. इसके बाद उन्होंने खुद सारण के गंडक तटीय इलाकों का दौरा किया और कई प्रखंडों में स्थिति का जायजा लिया.
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जिलाधिकारी ने अधिकारियों को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है. संभावित बाढ़ को देखते हुए सदर, मढ़ौरा और सोनपुर अनुमंडल क्षेत्र के अधिकारियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैनात किया गया है. बताया जा रहा है कि गंडक में करीब तीन मीटर ऊंची बाढ़ की लहर आने की संभावना है. हालांकि, प्रशासन का कहना है कि सारण तक पानी पहुंचने में जलस्तर और रफ्तार में कमी आने की संभावना है. इसके बावजूद प्रशासन ने अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं रखने का निर्देश दिया है.
सभी संबंधित अधिकारियों को मिला टास्क
बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारी प्रत्यक्ष रूप से अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े. इसमें सिविल सर्जन, कमांडेंट होमगार्ड, जिला पशुपालन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी, जल संसाधन विभाग, बाढ़ नियंत्रण, पथ निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए.
जिला पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित दायित्वों का पूरी तत्परता से निर्वहन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है.
डीएम ने आम लोगों से की अपील
जिलाधिकारी ने लोगों से किसी तरह का पैनिक नहीं करने की अपील की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों तक समय पर सही सूचनाएं पहुंचायी जाएं. पूर्व से तैयार कम्युनिकेशन प्लान के अनुसार सूचना प्रसारित करने और अफवाहों पर नजर रखने को कहा गया.
सामुदायिक किचन और सुरक्षित स्थलों की तैयारी
सभी प्रखंडों में संभावित सामुदायिक किचन, राहत केंद्र तथा ऊंचे और सुरक्षित स्थलों को पहले से चिन्हित करने का निर्देश दिया गया. इन स्थानों पर सामुदायिक किचन संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध रखने को कहा गया.
वेंडरों से समन्वय कर सूखा राशन और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा वैकल्पिक वेंडरों को भी चिन्हित करने का निर्देश दिया गया. सभी बीडीओ को टेंट-पंडाल वेंडरों से समन्वय कर जनरेटर सेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया.
तटबंधों की सुरक्षा पर विशेष निगरानी
जिलाधिकारी ने तटबंधों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया. जिन स्थानों पर तटबंध टूटने की आशंका है, वहां लगातार निगरानी रखने को कहा गया. संबंधित स्थानों पर बालू, बोरा, गैबियन और अन्य जरूरी सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने का निर्देश दिया गया.
सभी अभियंताओं को तटबंधों के निरीक्षण में लगाया गया है. एसडीओ को स्थानीय पदाधिकारियों के माध्यम से तटबंधों की निगरानी सुनिश्चित करने और स्वयं भी इसका सत्यापन करने को कहा गया.
नाव परिचालन में सुरक्षा का रखें ध्यान
जिला पदाधिकारी ने नाव परिचालन को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किये. अंधेरे में नाव का परिचालन नहीं करने और नावों पर क्षमता से अधिक लोगों को नहीं बैठाने को कहा गया. नावों पर लाइफ जैकेट सहित जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रखने का निर्देश दिया गया.
राहत और बचाव सामग्री रखने का निर्देश
सभी प्रखंडों में पॉलीथिन शीट, लाइफ जैकेट, महाजाल सहित अन्य राहत और बचाव सामग्री पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया. मत्स्य संसाधन विभाग को पर्याप्त पॉलीथिन शीट उपलब्ध रखने तथा आकस्मिक जरूरत पड़ने पर 24 घंटे के भीतर अतिरिक्त सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
सड़क क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल होगी कार्रवाई
पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को पर्याप्त संख्या में तैयार रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि बाढ़ या जलजमाव से सड़क क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल मौके पर पहुंचकर मरम्मत और सड़क को मोटरेबल बनाने की कार्रवाई की जा सके.
स्वास्थ्य व्यवस्था भी रहेगी अलर्ट
सिविल सर्जन को सभी मेडिकल टीम, बीएचएम, हेल्थ मैनेजर और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों को अलर्ट रखने का निर्देश दिया गया. सभी प्रखंडों में एंटी-वेनम सहित जरूरी जीवनरक्षक दवाएं और चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया.
एसडीओ और बीडीओ को अपने क्षेत्र के अस्पतालों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सुविधाओं, दवाओं और अन्य संसाधनों की उपलब्धता का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया. साथ ही क्लोरीन टैबलेट और ब्लीचिंग पाउडर भी पर्याप्त मात्रा में रखने को कहा गया.
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों को किया अलर्ट
बैठक के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को संभावित बाढ़ की स्थिति में पूरी तरह अलर्ट रहने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना प्रभारी को अपने क्षेत्र में सामुदायिक किचन, ऊंचे और सुरक्षित स्थल, मेडिकल सुविधाओं तथा राहत और बचाव संसाधनों की पूरी जानकारी होनी चाहिए.
सभी चौकीदारों को सक्रिय कर क्षेत्र में मुस्तैद रखने का निर्देश दिया गया. वायरलेस, मोबाइल और व्हाट्सऐप ग्रुप सहित सभी संचार माध्यमों को सक्रिय रखने को कहा गया, ताकि किसी भी सूचना का त्वरित आदान-प्रदान हो सके.
सोशल मीडिया की सूचनाओं की होगी तथ्य-जांच
जिला पदाधिकारी ने मीडिया और सोशल मीडिया पर संभावित बाढ़ से संबंधित खबरों और सूचनाओं की तत्काल तथ्य-जांच करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि किसी भी भ्रामक, अपुष्ट या गलत सूचना के प्रसारित होने पर संबंधित अधिकारी तत्काल फैक्ट चेक कर वास्तविक स्थिति की जानकारी लें और सही सूचना आम लोगों तक पहुंचाएं.
बुधवार को सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी
बाढ़ नियंत्रण विभाग की 26 अगस्त की रिपोर्ट के अनुसार सारण में बुधवार की सुबह गंगा, गंडक और घाघरा समेत सभी प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी दर्ज की गयी. गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.41 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 48.60 मीटर से ऊपर है. यहां 13 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी.
गंडक हाजीपुर में खतरे का निशान 50.32 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 49.49 मीटर है. यहां 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी. गंडक रेवा में खतरे का निशान 54.41 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 53.47 मीटर दर्ज किया गया. यहां 16 सेंटीमीटर की कमी हुई है.
सरयू-घाघरा सिसवन में खतरे का निशान 57.04 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 56.49 मीटर है. यहां 14 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी. वहीं घाघरा छपरा में खतरे का निशान 53.68 मीटर है और वर्तमान जलस्तर 51.72 मीटर दर्ज किया गया. यहां 13 सेंटीमीटर की कमी हुई है.
सारण में नदियों का वर्तमान जलस्तर
| नदी | खतरे का निशान | वर्तमान जलस्तर | स्थिति |
| गंगा, गांधी घाट | 48.60 मीटर | 49.41 मीटर | 13 सेंटीमीटर कमी |
| गंडक, हाजीपुर | 50.32 मीटर | 49.49 मीटर | 10 सेंटीमीटर कमी |
| गंडक, रेवा | 54.41 मीटर | 53.47 मीटर | 16 सेंटीमीटर कमी |
| सरयू/घाघरा, सिसवन | 57.04 मीटर | 56.49 मीटर | 14 सेंटीमीटर कमी |
| घाघरा, छपरा | 53.68 मीटर | 51.72 मीटर | 13 सेंटीमीटर कमी |
गंडक के जलस्तर से सारण के ग्रामीण इलाकों में पानापुर, मकेर, अमनौर, तरैया, दरियापुर और सोनपुर समेत कई प्रखंड प्रभावित हो सकते हैं.
क्या बोले अधिकारी
बाढ़ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता संतोष प्रभाकर ने बताया कि नेपाल में आयी बाढ़ को लेकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है. जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश जारी किये हैं और उनका अनुपालन किया जा रहा है. रेवा घाट पर गंडक नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी, लेकिन बुधवार को 16 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गयी है. फिलहाल चिंता की स्थिति नहीं है और दो-तीन दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है. रात्रि पेट्रोलिंग जारी है. गंगा के जलस्तर में भी तेजी से कमी हो रही है और अन्य नदियों के जलस्तर में भी गिरावट दर्ज की गयी है.
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