सारण के 20 प्रखंडों में सहयोग शिविर, 17 हजार से अधिक आवेदन, 95 फीसदी से ज्यादा मामलों का निष्पादन
चैनपुर में सहयोग शिविर का उद्घाटन विधायक, प्रमुख प्रतिनिधि, मुखिया व अन्य
Saran Sahyog Shivir: सारण जिले में चलाए जा रहे सहयोग शिविरों में आम लोगों की समस्याओं का पंचायत स्तर पर समाधान किया जा रहा है. 17,561 आवेदनों में से 16,252 का निष्पादन हो चुका है, जो 95.1% की दर है. जमीन, राशन कार्ड और नल-जल योजना से जुड़े मामले प्रमुख रहे.
Saran Sahyog Shivir: सारण जिले में सरकार की ओर से चलाये जा रहे सहयोग शिविर के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं और सरकारी योजनाओं से जुड़े आवेदनों का पंचायत स्तर पर समाधान किया जा रहा है. जिले के 20 प्रखंडों की 318 पंचायतों में आयोजित सहयोग शिविरों में अब तक 17,561 आवेदन प्राप्त हुए हैं. इनमें 16,252 आवेदनों का निष्पादन किया जा चुका है. 868 आवेदन लंबित हैं, जबकि 441 आवेदन विभिन्न कारणों से अस्वीकृत किये गये हैं. इस तरह आवेदन निष्पादन की दर 95.1 प्रतिशत रही है.
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तरैया के चैनपुर में 16 आवेदन, छह का मौके पर निष्पादन
तरैया प्रखंड की चैनपुर पंचायत के पंचायत भवन सह निरीक्षण भवन परिसर में मंगलवार को सहयोग शिविर लगाया गया. शिविर का उद्घाटन बिहार विधानसभा याचिका समिति के सभापति सह तरैया विधायक जनक सिंह, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि धनवीर कुमार सिंह विक्कू, मुखिया जयश्री देवी समेत अन्य पदाधिकारियों ने किया.
शिविर में राशन कार्ड, बिजली बिल में सुधार, दाखिल-खारिज, नल-जल योजना समेत विभिन्न मामलों से संबंधित 16 आवेदन प्राप्त हुए. इनमें छह मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जबकि 10 आवेदन प्रक्रियाधीन हैं.
जमीन और राजस्व से जुड़े सबसे अधिक आवेदन
सारण में सहयोग शिविरों के माध्यम से सबसे अधिक मामले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े सामने आये. इस विभाग से संबंधित 4,170 आवेदन प्राप्त हुए थे. ग्रामीण विकास विभाग के 3,350 और खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के 2,375 आवेदन रहे. समाज कल्याण से 1,440 तथा ऊर्जा विभाग से 1,150 आवेदन प्राप्त हुए थे.
इसके अलावा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से 672, पंचायती राज से 606, योजना एवं विकास से 576, नगर विकास एवं आवास से 565 तथा शिक्षा विभाग से 562 आवेदन प्राप्त हुए थे.

राशन कार्ड और शौचालय से जुड़े मामले भी बड़ी संख्या में
आवेदनों के प्रकार की बात करें तो राशन कार्ड से जुड़े मामले 11.54 प्रतिशत रहे. शौचालय और स्वच्छता से संबंधित आवेदन 11.29 प्रतिशत तथा भूमि और राजस्व विवाद से जुड़े आवेदन 10.01 प्रतिशत रहे. बिजली से संबंधित 3.80 प्रतिशत और पानी तथा नल-जल से जुड़े 4.10 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए थे.

कई पंचायतों में 99 फीसदी से अधिक आवेदनों का निष्पादन
जिला स्तर के उपलब्ध आंकड़ों में कई पंचायतों ने आवेदनों के निष्पादन में बेहतर प्रदर्शन किया है. झौवा पंचायत में 267 आवेदनों में 99.63 प्रतिशत, ककरहाट में 242 में 99.59 प्रतिशत और महम्मदपुर में 207 में 99.52 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन हुआ. रामपुर आमी में 198 और धरमपुरा जाफर में 179 आवेदनों का 100 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया.
मांझी नगर पंचायत में 520 आवेदनों का 100 प्रतिशत निष्पादन दर्ज किया गया, जबकि छपरा नगर परिषद क्षेत्र में 486 आवेदनों में 90 प्रतिशत का निष्पादन हुआ.

पंचायत और प्रखंड स्तर पर ही समाधान का निर्देश
जिला प्रशासन की ओर से सहयोग शिविर में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है. जून की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि अधिकतर समस्याओं का समाधान पंचायत और प्रखंड स्तर पर ही किया जाए तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित हो.
सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की अपील
सहयोग शिविरों में राजस्व, राशन कार्ड, बिजली, नल-जल, सामाजिक सुरक्षा, आवास, स्वच्छता समेत विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं से संबंधित आवेदन लिये जा रहे हैं. प्रशासन का उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने से बचाना और स्थानीय स्तर पर ही उनकी समस्याओं का समाधान करना है.
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