सारण कृषि विज्ञान केंद्र में खाद लाइसेंस प्रशिक्षण का तीसरा बैच शुरू, 40 प्रशिक्षणार्थियों को मिलेगा वैज्ञानिक प्रशिक्षण
नोट: फोटो नंबर 7 सीएचपी 10 है कैप्सन होगा-कार्यक्रम का उद्घाटन करते अतिथि | Prabhat Khabar Network
कृषि विज्ञान केन्द्र मांझी में उर्वरक लाइसेंस के लिए 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का तीसरा बैच शुरू हुआ, जिसमें 40 किसान वैज्ञानिक खेती सीख रहे हैं।
saran news : कृषि विज्ञान केंद्र में उर्वरक अनुज्ञप्ति (खाद लाइसेंस) के लिए आयोजित 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के तहत समेकित पोषक तत्व प्रबंधन विषय पर तीसरे बैच का शुभारंभ सोमवार को हुआ. प्रशिक्षण में सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे 40 प्रशिक्षणार्थियों को उर्वरक प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी दी जाएगी.
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दीप प्रज्ज्वलित कर किया प्रशिक्षण का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन कृषि विज्ञान केंद्र के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी, कृषि विज्ञान केंद्र सरैया, मुजफ्फरपुर के प्रधान डॉ. रामपाल, उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला, कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा, फसल उत्पादन विशेषज्ञ डॉ. रजनीश सिंह एवं मृदा विशेषज्ञ डॉ. विजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
संतुलित उर्वरक उपयोग की जानकारी जरूरी
उद्घाटन सत्र में डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी ने प्रशिक्षणार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि किसानों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग की सही जानकारी देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. उन्होंने मिट्टी, जल, वायु, अग्नि और आकाश रूपी पंचतत्व का जिक्र करते हुए मृदा स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सूक्ष्म पोषक तत्वों के सही प्रबंधन और मृदा परीक्षण से ही टिकाऊ एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन संभव है.
15 दिनों में 44 विषयों पर होगा प्रशिक्षण
डॉ. रामपाल ने उर्वरक प्रबंधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता बताई. वहीं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चन्दोला ने बताया कि 15 दिनों के इस आवासीय प्रशिक्षण में कुल 44 विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा. केवीके, विश्वविद्यालय और सारण जिले के कृषि विभाग के विशेषज्ञ प्रशिक्षणार्थियों को तकनीकी जानकारी देंगे.
कम्पोस्ट और हरी खाद की बतायी विधि
प्रशिक्षण के तकनीकी सत्र में डॉ. रामपाल ने पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्वों की भूमिका के बारे में जानकारी दी. वहीं डॉ. रजनीश सिंह ने कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि और हरी खाद के उपयोग पर विस्तार से बताया.
33 पुरुष और 7 महिलाएं प्रशिक्षण में शामिल
इस बैच में सारण जिले के 16 प्रखंडों से कुल 40 प्रशिक्षणार्थी भाग ले रहे हैं. इनमें 33 पुरुष और 7 महिलाएं शामिल हैं. प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों को उर्वरकों के वैज्ञानिक उपयोग, मृदा स्वास्थ्य और पोषक तत्व प्रबंधन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी.
आयोजन में इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अमितेश कुमार गौरव, राकेश कुमार, उमाशंकर कुमार और अवनीश पांडेय का सराहनीय सहयोग रहा.
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