कागजों पर प्रैक्टिकल, बंद अलमारी में लाइब्रेरी; सारण के स्कूलों में विज्ञान शिक्षा भगवान भरोसे

Author Sanjay Bhardawaj|Edited by Vikash Jha
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शिक्षा भवन सारण

शिक्षा भवन सारण

सारण जिले के हाई और प्लस टू विद्यालयों में विज्ञान संकाय के छात्रों को प्रयोगशाला और पुस्तकालय की सुविधाएं नगण्य मिल रही हैं. प्रायोगिक कक्षाओं का संचालन न होने से छात्र असुविधा का सामना कर रहे हैं. कागजों पर ही प्रैक्टिकल हो रहे हैं और दीवारों पर लिखे 'लाइब्रेरी' शब्द से छात्र संतोष कर रहे हैं.

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Saran News: सारण जिले के अधिकांश हाई और प्लस टू विद्यालयों में विज्ञान संकाय के छात्रों को प्रयोगशाला तथा पुस्तकालय का कोई लाभ नही मिल रहा है. नियमित प्रायोगिक कक्षा का संचालन नही होने से छात्रों को विज्ञान संकाय की पढ़ाई करने में भारी असुविधा हो रही है. कागजों पर ही प्रैक्टिकल हो रहे हैं और स्कूल की दीवारों पर लिखे हुए लाइब्रेरी शब्द को देखकर छात्र-छात्राएं संतोष कर रहे हैं.

एक भी डेमोंस्ट्रेटर की नियुक्ति नहीं

सारण जिले में कुल 356 हाई और प्लस टू स्कूल संचालित हैं. शहर के एक-दो और ग्रामीण क्षेत्र के दो-तीन स्कूलों को छोड़कर कहीं भी बेहतर लेबोरेटरी और लाइब्रेरी की सुविधा नहीं है. सबसे बड़ी विडंबना यह है कि किसी भी स्कूल में लैब के लिए एक भी डिमोस्टेटर की नियुक्ति नही है. विज्ञान के उपकरण उपलब्ध हैं, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी है.

मूल चीजों की जानकारी नहीं

सारण के कुछ स्कूलों में छात्रों से जब लेबोरेटरी और लाइब्रेरी को लेकर बात की गई, तो कई आश्चर्यजनक तथ्य सामने आए. विद्यालय के अधिकांश छात्रों को अम्ल मूलक और क्षार मूलक में क्या अंतर है, इसकी कोई जानकारी नहीं है. छात्रों को यह भी नहीं पता कि हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के क्रिया करने से क्या बनता है. इसके बावजूद छात्र अपने स्कूलों में ही प्रैक्टिकल परीक्षा पास कर रहे हैं.

हर साल मिलता है ग्रांट

सारण के इन स्कूलों को वार्षिक अनुदान के तहत हर साल 50 हजार रुपये का सरकारी अनुदान मिलता है. इसमें 25 हजार रुपये प्रयोगशाला सुदृढ़ीकरण, 10 हजार रुपये पुस्तकालय और 15 हजार रुपये अन्य गतिविधियों पर खर्च करने का कड़ा प्रावधान है. इस राशि से टीएलएम चार्ट, टेबल, कंकाल, ग्लोब और मॉडल उपलब्ध कराया जाना होता है, लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं हो रहा है.

कमरों की भारी कमी

सारण के हाई स्कूल और प्लस टू स्कूलों में कमरों के अभाव के कारण एक ही कमरे में रसायन शास्त्र, भौतिकी एवं जंतु विज्ञान के प्रैक्टिकल के सामान ठूंस कर रखे गए हैं. स्कूल प्रबंधन चाह कर भी लैब क्लास नहीं चला पा रहा है. विभाग द्वारा मिले कीमती लैब के उपकरणों को अलमीरा में बंद कर रखा गया है. कई स्कूलों में लाइब्रेरी के कमरे में जिम का सामान रखा हुआ है.

सारण में स्कूलों की संख्या

सारण जिले में शिक्षा व्यवस्था और सरकारी विद्यालयों का ढांचा एक नजर में इस प्रकार है:

  • जिले में कुल 1329 प्राइमरी स्कूल संचालित हैं.
  • जिले में कुल 1054 मध्य विद्यालय कार्यरत हैं.
  • जिले में कुल 356 हाई और प्लस टू स्कूल हैं.
  • जिले में कुल 2739 सरकारी विद्यालय स्थापित हैं.
  • जिले में लगभग 50 डिग्री और अन्य कॉलेज हैं.

दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई

सारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण ने इस गंभीर मामले पर संज्ञान लिया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही मैं स्वयं प्रयोगशाला, पुस्तकालय और खेल के लिये मिले आवंटन और उसके सदुपयोग को लेकर विभिन्न स्कूलों का औचक निरीक्षण करूंगा. निरीक्षण के दौरान जहां भी लापरवाही या राशि का दुरुपयोग सामने आयेगा, वहां संबंधित जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई होगी.

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