छपरा के कई रिहायशी इलाकों में वर्षों से जलजमाव, 10 से 22 साल से सड़ रहा पानी, 50 हजार आबादी प्रभावित

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लोकमान्य स्कूल के पास सड़कर काला हुआ पानी

Chapra Waterlogging : छपरा शहर के कई इलाकों में सालों से जमा गंदा पानी लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। जलजमाव से डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

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Chapra Waterlogging : छपरा शहर के कई रिहायशी इलाकों में वर्षों से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बरसात और नालों का पानी खाली जमीनों में जमा है. स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से जमा पानी अब सड़ चुका है, जिससे बदबू, मच्छरों का प्रकोप और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.

वर्षों से जलजमाव बना बड़ी समस्या

छपरा शहर के तेलपा, रामलीला मठिया, भगवान बाजार, मोहन नगर और अन्य कई रिहायशी इलाकों में वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, नालों और बरसात का पानी खाली जमीनों में जमा होकर सड़ चुका है. इससे आसपास का वातावरण प्रभावित हो रहा है और लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है.

50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित

स्थानीय लोगों का कहना है कि इन इलाकों में करीब 50 हजार से अधिक लोग जलजमाव की समस्या से प्रभावित हैं. तेलपा मोहल्ले में छोटा तकिया के पास स्थित एक खाली मैदान में लगभग 10 वर्षों से पानी जमा है, जबकि रामलीला मठिया के पास एक स्थान पर करीब 22 वर्षों से जलभराव की स्थिति बनी हुई है.

डेंगू और मलेरिया का बढ़ा खतरा

नागरिकों का कहना है कि लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रजनन बढ़ता है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है. जेल के उत्तर स्थित इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले वर्ष उनके मोहल्ले में कई लोग डेंगू से संक्रमित हुए थे. कुछ मरीजों का इलाज दूसरे शहरों में भी कराया गया था.

दूषित हो रहा भूजल, पीने के पानी की भी चिंता

स्थानीय लोगों का दावा है कि लंबे समय से जलजमाव रहने के कारण आसपास के भूजल की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है. उनका कहना है कि लगभग 150 फीट गहराई तक बोरिंग करने के बावजूद स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है. कई परिवार पीने के लिए बाहर से पानी खरीदने को मजबूर हैं.

स्कूलों के पास भी जलभराव से परेशानी

पुलिस लाइन रोड स्थित लोकमान्य प्लस टू स्कूल के समीप भी एक खाली भूखंड में लंबे समय से पानी जमा होने की बात सामने आई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि वहां से उठने वाली दुर्गंध का असर आसपास के विद्यार्थियों और लोगों पर पड़ता है.

इन इलाकों में जलजमाव की समस्या

स्थानीय लोगों के अनुसार इन स्थानों पर लंबे समय से जलभराव बना हुआ है.

  • तेलपा (छोटा तकिया के पास).
  • रामलीला मठिया के पास.
  • जेल के उत्तर पुराने चिराई घर के पास.
  • काशी बाजार चौक के पास.
  • भगवान बाजार.
  • मोहन नगर.

मेयर ने क्या कहा

छपरा नगर निगम के मेयर लक्ष्मी नारायण गुप्ता ने कहा कि जिन क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है, वहां चरणबद्ध तरीके से नाला निर्माण कराया जाएगा. उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर नाला निर्माण का कार्य पहले ही पूरा हो चुका है. जहां वर्षों से पानी जमा है, वहां मशीनों से जलनिकासी कराई जा रही है. साथ ही डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग और छिड़काव भी कराया जा रहा है.

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प्रभात किरण हिमांशु

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By प्रभात किरण हिमांशु

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