सारण : सरकारी बाजार में अतिक्रमण से जाम, सुबह 8 बजे के बाद कदम रखना मुश्किल, पार्किंग के लिए भी जगह नहीं

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सरकारी बाजार में अतिक्रमण

Chapra Government Market Encroachment : छपरा का सरकारी बाजार, जो नगर निगम को सबसे अधिक राजस्व देता है, अब अतिक्रमण की गंभीर समस्या से जूझ रहा है. सड़क और फुटपाथ पर बढ़ते कब्जे के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, जिससे ग्राहकों और कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है. स्थानीय लोग और दुकानदार सालों से इस समस्या से परेशान हैं, जबकि निगम के अभियान कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं.

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Chapra Government Market Encroachment : छपरा शहर का सरकारी बाजार नगर निगम को सबसे अधिक राजस्व देने वाले प्रमुख बाजारों में शामिल है. यहां थोक किराना, फल, सब्जी, मसाला और कपड़े की बड़ी मंडी है. बाजार में 2000 से अधिक खुदरा विक्रेताओं की दुकानें हैं. लेकिन सुबह आठ बजे के बाद यहां चारपहिया और दोपहिया वाहन लेकर पहुंचना मुश्किल हो जाता है. दिन में जाम की स्थिति इतनी गंभीर रहती है कि पैदल चलना भी चुनौती बन जाता है.

फुटपाथ से लेकर सड़क तक कब्जा

सरकारी बाजार की करीब 42 फीट चौड़ी सड़क के 30 फीट से अधिक हिस्से में अतिक्रमण किए जाने की बात सामने आ रही है. फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले कई दुकानदारों ने भी अपना दायरा सड़क की ओर बढ़ा लिया है. वहीं कुछ स्थायी दुकानदारों ने सड़क पर करीब 10 फीट तक कब्जा जमा लिया है. इससे वाहनों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी होती है.

सड़क के बीच तक लग रही दुकानें

सरकारी बाजार के कुछ हिस्सों में स्थिति और गंभीर है. यहां फुटपाथ की दुकानें सड़क के बीच तक लगायी जा रही हैं. इससे सड़क की चौड़ाई लगातार कम होती जा रही है. बाजार में आने वाले ग्राहकों और दुकानदारों के वाहनों की संख्या बढ़ने के साथ जाम की समस्या भी गंभीर हो जाती है.

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अतिक्रमण से कारोबार पर भी असर

बाजार में अतिक्रमण का असर सिर्फ आवागमन तक सीमित नहीं है. जाम और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण ग्राहक भी परेशान होते हैं. इससे बाजार के कारोबार पर भी असर पड़ने की बात सामने आ रही है. दुकानदारों के साथ खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी दिन के समय काफी परेशानी उठानी पड़ती है.

अभियान के कुछ दिन बाद फिर लौट जाता है अतिक्रमण

नगर निगम की ओर से शहर में हर साल तीन से चार बार अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाता है. हालांकि, शहर की कुछ प्रमुख सड़कों पर लंबे समय से नियमित कार्रवाई नहीं होने की शिकायत है. स्थानीय लोगों के अनुसार कार्रवाई के कुछ दिनों बाद ही कई जगहों पर फिर से अतिक्रमण शुरू हो जाता है.

छह महीने पहले भी हुई थी कार्रवाई

करीब छह महीने पहले पंकज सिनेमा रोड और सलेमपुर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया था. पंकज सिनेमा रोड से रामराज चौक तक सड़क पर स्थायी रूप से किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गयी थी. सलेमपुर में सड़क तक बनाए गए कई सीमेंट के रैंप भी तोड़े गए थे. लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार कार्रवाई के बाद फिर से कई जगहों पर अतिक्रमण कर लिया गया है.

पार्किंग की जगह नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी

अतिक्रमण के कारण बाजार आने वाले लोगों के सामने पार्किंग की समस्या भी बनी हुई है. साहेबगंज, सरकारी बाजार और सलेमपुर में सड़क किनारे खाली जगहों पर दुकानदारों का कब्जा होने के कारण लोग अपने वाहन खड़े नहीं कर पाते हैं. कई लोगों को आसपास के सरकारी कार्यालयों के परिसर में बाइक खड़ी करनी पड़ती है.

पोस्ट ऑफिस और सरकारी कार्यालयों में लगाते हैं वाहन

बाजार में खरीदारी करने आने वाले कई लोग अपनी बाइक पोस्ट ऑफिस परिसर में खड़ी कर देते हैं. वहीं थाना चौक और पंकज सिनेमा रोड की ओर आने वाले लोग समाहरणालय या एसडीओ कार्यालय परिसर में वाहन खड़ा करने को मजबूर होते हैं. इससे सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए भी पार्किंग की समस्या पैदा होती है.

15 अगस्त के बाद फिर चलेगा अभियान

जानकारी के अनुसार 15 अगस्त के बाद छपरा शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी है. इसके लिए नगर निगम स्तर पर शेड्यूल तैयार किया जा रहा है. अभियान के दौरान सरकारी बाजार समेत शहर के प्रमुख इलाकों में सड़क और फुटपाथ पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा सकती है.

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प्रभात किरण हिमांशु

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By प्रभात किरण हिमांशु

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