छपरा में अस्पतालों की रोज होगी ऑनलाइन निगरानी, बैठक में DM वैभव श्रीवास्तव ने अफसरों को MCD स्क्रीनिंग से दवाओं तक जारी किया नया फरमान

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DM वैभव श्रीवास्तव

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छपरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए DM वैभव श्रीवास्तव ने कड़े निर्देश जारी किए हैं. अस्पतालों में दवाओं की रोज निगरानी होगी और MCD स्क्रीनिंग को सार्वजनिक जगहों तक पहुंचाया जाएगा. रेफरल मरीजों की ऑनलाइन एंट्री अनिवार्य की गई है.

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DM Vaibhav Srivastava : छपरा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जरूरी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रखंडवार स्थिति की समीक्षा कर कम प्रगति वाले क्षेत्रों में सुधार के निर्देश दिए गए हैं.

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स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में खास तौर पर MCD स्क्रीनिंग, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और रेफरल मरीजों की ऑनलाइन एंट्री को लेकर स्थिति सामने आयी. जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन सभी बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई.

बैठक में MCD स्क्रीनिंग की प्रगति असंतोष जनक

समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने MCD स्क्रीनिंग की प्रगति पर असंतोष जताया. उन्होंने स्क्रीनिंग के लक्ष्य को पुनरीक्षित करने और 15 सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

सार्वजनिक जगहों तक पहुंचाने का निर्देश

जिला पदाधिकारी ने कहा कि स्क्रीनिंग अभियान को केवल सरकारी परिसरों तक सीमित न रखा जाए. इसे बाजार क्षेत्रों और अन्य सार्वजनिक स्थलों तक भी पहुंचाया जाए. लोगों की चार प्रमुख स्वास्थ्य मानकों पर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.

उन्होंने खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में स्क्रीनिंग टीमों को सुबह के समय क्षेत्र में भेजने को कहा. इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग अपने दैनिक काम और खेती-किसानी के लिए निकलने से पहले स्वास्थ्य जांच करा सकेंगे. उन्होंने क्षेत्र आधारित और समयबद्ध अभियान चलाकर स्क्रीनिंग की उपलब्धि में सुधार करने पर जोर दिया.

अस्पतालों में दवाओं की रोज होगी निगरानी

बैठक में प्रखंडवार अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और निर्धारित स्वास्थ्य सुविधाओं के बेंचमार्क की भी समीक्षा की गई. दवाओं की उपलब्धता की स्थिति पर जिला पदाधिकारी ने असंतोष जताया.

उन्होंने निर्देश दिया कि दवाओं की उपलब्धता में होने वाले गैप की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए. प्रत्येक अस्पताल में जरूरी दवाओं की वास्तविक उपलब्धता की रोज समीक्षा हो और जहां भी कमी मिले, उसे तत्काल दूर किया जाए.

हर रेफरल केस की ऑनलाइन एंट्री जरूरी

रेफरल केस की ऑनलाइन एंट्री की प्रखंडवार समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने डीपीएम को ऑनलाइन दर्ज आंकड़ों का संबंधित रजिस्टर से नियमित मिलान कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन आंकड़ों में पूरी समानता होनी चाहिए.

बैठक में रेफरल के कारणों की भी समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने यह जानकारी ली कि मरीजों को किन परिस्थितियों में दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है. उन्होंने सभी एमओआईसी और डीसीएम को प्रत्येक रेफरल केस की अनिवार्य रूप से ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. डीपीएम और संबंधित पदाधिकारियों को सभी संबंधित कर्मियों के साथ बैठक कर रेफरल एंट्री का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया.

संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में सुधार पर जोर

बैठक में संस्थागत प्रसव और ऑनलाइन कंसल्टेशन समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य महत्वपूर्ण मानकों की भी प्रखंडवार समीक्षा की गई. जिला पदाधिकारी ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रभावी इस्तेमाल होना चाहिए और संस्थागत प्रसव में अपेक्षित वृद्धि दर्ज की जानी चाहिए.

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली समीक्षा बैठक तक संस्थागत प्रसव के आंकड़ों में स्पष्ट और संतोषजनक वृद्धि दिखाई देनी चाहिए.

नियमित मॉनिटरिंग समेत आंकड़ों की शुद्धता का दिया गया निर्देश

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया. साथ ही आंकड़ों की शुद्धता, अस्पतालों में दवाओं और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता तथा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया.

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