सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ा भरोसा, छपरा सदर अस्पताल में 3 महीने में 286 सिजेरियन और 92 जटिल प्रसव का सफल प्रबंधन
फोटो, छपरा सदर अस्पताल
Government Health Services: सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत बन रहा है. छपरा सदर अस्पताल में प्रसव, सिजेरियन और जटिल प्रसव प्रबंधन से महिलाओं को निजी अस्पतालों पर निर्भरता कम हुई है. तीन माह में 1321 संस्थागत प्रसव, 286 सिजेरियन और 92 जटिल प्रसव का सफल प्रबंधन हुआ है.
Government Health Services: आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार बड़ी राहत बन रहा है. छपरा सदर अस्पताल में प्रसव से लेकर सिजेरियन और जटिल प्रसव के प्रबंधन तक की सुविधाएं उपलब्ध होने से महिलाओं को इलाज के लिए निजी अस्पतालों का रुख कम करना पड़ रहा है. चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की उपलब्धता तथा जटिल प्रसव के बेहतर प्रबंधन से संस्थागत प्रसव की संख्या में भी वृद्धि हुई है.
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मई से जुलाई तक तीन माह में सदर अस्पताल में 1321 महिलाओं का संस्थागत प्रसव कराया गया, जबकि 286 महिलाओं को सिजेरियन प्रसव की सुविधा मिली. वहीं, 92 जटिल प्रसव के मामलों का अस्पताल में ही बेहतर प्रबंधन कर सुरक्षित प्रसव कराया गया. सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों को प्रसव संबंधी आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध करायी जाती हैं. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को निजी अस्पतालों में होने वाले खर्च से राहत मिलती है.
जुलाई में 549 महिलाओं का संस्थागत प्रसव
तीन माह के आंकड़ों पर गौर करें तो जुलाई में सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव की संख्या सबसे अधिक रही. मई में 384 महिलाओं का प्रसव हुआ था, जो जून में बढ़कर 388 और जुलाई में 549 तक पहुंच गया. यानी मई की तुलना में जुलाई में 165 अधिक महिलाओं ने सदर अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराया.
सिजेरियन प्रसव के मामलों में भी लगातार वृद्धि दर्ज की गयी. मई में 70, जून में 90 और जुलाई में 126 महिलाओं का सिजेरियन प्रसव कराया गया. इस तरह तीन माह में कुल 286 महिलाओं को सिजेरियन की सुविधा मिली.
3681 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच के लिए रजिस्ट्रेशन
सदर अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसव पूर्व जांच पर भी जोर दिया जा रहा है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 3681 गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच के लिए रजिस्ट्रेशन किया गया, जबकि 1955 गर्भवती महिलाओं को चार प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) की सुविधा मिली.
गर्भावस्था के दौरान नियमित जांच से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान समय रहते करने में मदद मिलती है. इसके अलावा अस्पताल में सुरक्षित गर्भपात की सुविधा भी उपलब्ध है. प्रसव के 48 घंटे के भीतर 256 महिलाओं को पोस्टपार्टम आईयूसीडी लगाया गया, जिससे प्रसव के बाद परिवार नियोजन की सुविधा भी अस्पताल में ही उपलब्ध हो रही है.
जटिल प्रसव के बेहतर प्रबंधन से रेफरल में कमी
प्रसव के दौरान जटिल स्थिति उत्पन्न होने पर कई बार महिलाओं को उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना पड़ता है. सदर अस्पताल में जटिल प्रसव के प्रबंधन की क्षमता मजबूत किये जाने से ऐसे मामलों में रेफरल की आवश्यकता कम हुई है.
मई से जुलाई के बीच 92 जटिल प्रसव वाली महिलाओं का अस्पताल में ही विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रशिक्षित नर्सिंग टीम की निगरानी में प्रबंधन किया गया. इससे महिलाओं और उनके परिजनों को दूसरे अस्पतालों की दौड़ लगाने से राहत मिली है. समय पर उपचार और प्रसव की सुविधा मिलने से मां और नवजात दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है.
तीन सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन की सुविधा
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने बताया कि सदर अस्पताल के अलावा दरियापुर सीएचसी और सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में भी सिजेरियन प्रसव की सुविधा उपलब्ध है. इसका उद्देश्य प्रखंड और अनुमंडल स्तर पर ही जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को आवश्यक प्रसूति सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को अनावश्यक रूप से दूर नहीं जाना पड़े.
उन्होंने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सुविधाओं के विस्तार से लोगों का भरोसा बढ़ रहा है. प्रसव और सिजेरियन जैसी सेवाएं सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को विशेष लाभ मिल रहा है.
गर्भाशय कैंसर की जांच के लिए कोलपोस्कोपी सुविधा
सदर अस्पताल में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं को भी मजबूत किया गया है. यहां गर्भाशय के मुंह (सर्विक्स) में कैंसर की आशंका की जांच के लिए कोलपोस्कोपी की सुविधा उपलब्ध है.
इससे संदिग्ध मामलों की समय रहते पहचान और आगे की जांच एवं उपचार के लिए आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है. महिलाओं को एक ही सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में मातृ स्वास्थ्य के साथ अन्य जरूरी स्त्री रोग संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है.
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