सारण के धर्मपुरा गांव में सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, बरसात में पूरी तरह ठप हो जाता है आवागमन
नोट: फोटो नंबर 9 सीएचपी 11 है कैप्सन होगा- जर्जर सड़क | Prabhat Khabar Network
दाउदपुर के आदर्श ग्राम बरेजा की मुख्य सड़क वर्षों से जर्जर है। बरसात में आवागमन ठप होने से ग्रामीण परेशान, प्रशासन से पक्की सड़क बनाने की मांग की गई है।
Saran News : वर्षो से पक्की सड़क की आस लगाये धर्मपुरा गांव के ग्रामीण आज भी जर्जर रास्ते से आवागमन करने को मजबूर हैं. आदर्श ग्राम बरेजा के धर्मपुरा गांव की मुख्य सड़क वर्षों से बदहाल है. एनएच-531 और दाउदपुर रेलवे स्टेशन से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित इस गांव के लोगों को घिसी-पिटी ईंटों और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है. चुनाव के दौरान कई जनप्रतिनिधियों ने सड़क निर्माण का भरोसा दिया, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अब तक आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला.
बरसात में पूरी तरह बंद हो जाता है रास्ता
सड़क पर जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों को ग्रामीणों ने खुद राबिस डालकर किसी तरह चलने लायक बनाया है. लेकिन बारिश शुरू होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है. जलजमाव के कारण रास्ता लगभग पूरी तरह बंद हो जाता है. ऐसे में ग्रामीणों को दाउदपुर और अन्य स्थानों तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है.
झाड़ियों के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा
सड़क के दोनों किनारों पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आयी हैं. इससे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों का कहना है कि शाम के बाद इस रास्ते से पैदल गुजरना भी मुश्किल और जोखिम भरा हो जाता है. खराब सड़क और अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.
सैनिकों के गांव को भी नहीं मिली पक्की सड़क
धर्मपुरा गांव ने देश की सेवा के लिए सैकड़ों युवा सैनिक दिये हैं, लेकिन इसके बावजूद गांव की मुख्य सड़क आज तक पक्की नहीं हो सकी है. ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर एनएच-531 और दूसरी ओर मांझी-बरौली पथ होने के बावजूद गांव तक बेहतर सड़क नहीं पहुंच पायी है. इसे लेकर लोगों में जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ रही है.
सांसद से स्वीकृति मिलने के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम
ग्रामीणों के प्रयास से महाराजगंज सांसद जनार्दन सिंह सीग्रीवाल द्वारा इस सड़क के निर्माण की स्वीकृति दिलाये जाने की बात कही गयी है. हालांकि, ग्रामीणों के अनुसार किन्हीं कारणों से यह योजना भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी है. इससे लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है.
पांच हजार की आबादी पर भारी पड़ रही सड़क की बदहाली
करीब पांच हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में जर्जर सड़क का असर आम जनजीवन पर पड़ रहा है. गर्भवती महिलाओं, बीमार मरीजों और स्कूली बच्चों को इस रास्ते से गुजरने में काफी परेशानी होती है. रात के समय दाउदपुर स्टेशन और एनएच मार्ग से आने-जाने वाले पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए भी यह रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है.
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से लगायी गुहार
लगातार उपेक्षा से निराश ग्रामीणों ने बिहार सरकार के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से चिर-लंबित सड़क निर्माण की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का निर्माण होने से आवागमन आसान होगा और बच्चों व युवाओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. लोगों ने जल्द से जल्द सड़क निर्माण की दिशा में ठोस पहल करने की मांग की है.
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