सारण: बनियापुर के किसान ने अपनायी बहुस्तरीय खेती, सीमित जमीन में बढ़ाया उत्पादन

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बनियापुर के प्रगतिशील किसान ललित नारायण आधुनिक तकनीकों और बहुस्तरीय खेती के जरिए सीमित भूमि से ले रहे हैं बंपर उत्पादन। जानिए उनकी सफलता की कहानी।

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Saran News : छपरा जिले के बनियापुर प्रखंड के हरपुर छतवा गांव निवासी प्रगतिशील किसान ललित नारायण प्रसाद आधुनिक और वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाकर सीमित भूमि में अधिक उत्पादन का उदाहरण पेश कर रहे हैं. पंचायत मानिकपुरा निवासी ललित नारायण प्रसाद ने कृषि विभाग एवं आत्मा के सहयोग से भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी में सब्जी उत्पादन का प्रशिक्षण लिया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने वैज्ञानिक तकनीकों को खेतों में अपनाते हुए पारंपरिक धान और गेहूं की खेती के साथ सब्जी उत्पादन को भी बढ़ावा दिया.

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एक ही खेत में कई स्तरों पर हो रहा फसल उत्पादन

ललित नारायण प्रसाद की खेती की खासियत बहुस्तरीय खेती है. एक ही भूमि पर अलग-अलग स्तरों पर विभिन्न फसलों का उत्पादन किया जा रहा है. खेत के एक हिस्से में नीचे हल्दी की खेती की गयी है, जबकि उसके ऊपर अलाना बनाकर लौकी उगायी जा रही है. इसी तरह कुछ खेतों में नीचे खीरा और उसके ऊपर अलाना पर करेला की खेती की जा रही है.

कृषि योजनाओं का लाभ लेकर अपनायी आधुनिक तकनीक

किसान ने कृषि विभाग की योजनाओं के तहत अनुदानित दर पर कृषि यंत्र बैंक का लाभ लिया है. वहीं उद्यान विभाग की योजना से अनुदानित दर पर ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग की सुविधा का उपयोग कर आधुनिक तरीके से सब्जियों की खेती कर रहे हैं.

वर्टिकल और रेज्ड बेड फार्मिंग पर भी जोर

भूमि का अधिकतम और दक्षतापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के लिए किसान अब वर्टिकल फार्मिंग और रेज्ड बेड फार्मिंग को भी अपना रहे हैं. बहुस्तरीय खेती के जरिये एक ही भूमि क्षेत्र से अलग-अलग फसलों का उत्पादन लेकर भूमि की उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है.

ड्रिप सिंचाई से पानी की हो रही बचत

सिंचाई के लिए ड्रिप प्रणाली का इस्तेमाल किया जा रहा है. इससे पानी की बर्बादी कम होती है और फसलों की जरूरत के अनुसार सीधे पानी उपलब्ध कराया जाता है. इस तकनीक से जल संरक्षण के साथ फसल उत्पादन में भी दक्षता बढ़ाने में मदद मिल रही है.

खेत की मेड़ पर लगाये नारियल के पौधे

खेत की मेड़ पर भी भूमि का उपयोग करते हुए उद्यान विभाग की योजना के तहत अनुदानित दर पर नारियल के पौधे लगाये गये हैं. इस तरह किसान खेती के साथ-साथ उपलब्ध भूमि के हर हिस्से का बेहतर इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.

पालीहाउस में शिमला मिर्च की तैयारी

ललित नारायण प्रसाद अब पालीहाउस में शिमला मिर्च की खेती की तैयारी भी कर रहे हैं. इसके अलावा मौसम के अनुसार फसल विविधीकरण को अपनाते हुए रबी मौसम में फ्रेंच बीन्स और गरमा मौसम में तरबूज की खेती भी करते हैं. इससे वर्षभर अलग-अलग फसलों का उत्पादन लेकर लगातार आय अर्जित करने का प्रयास किया जा रहा है.

कृषि पदाधिकारी ने मॉडल खेती की सराहना की

जिला कृषि पदाधिकारी मधुरेन्द्र कुमार सिंह ने बुधवार को किसान के खेत का निरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि ललित नारायण प्रसाद द्वारा अपनायी गयी बहुस्तरीय खेती, फसल विविधीकरण, आधुनिक सिंचाई तकनीक और वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां सीमित भूमि एवं जल संसाधनों के अधिकतम उपयोग का बेहतर उदाहरण हैं. उनका प्रयास किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायक है और क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करता है.

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