समस्तीपुर: अपमान से नहीं रुका सफर, 7 लाख पौधे लगाकर बना बिहार का पर्यावरण योद्धा 

Published by : Purushottam Kumar Updated At : 05 Jun 2026 11:00 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Samastipur News: समस्तीपुर के रोसड़ा निवासी ऑक्सीजन मैन राजेश कुमार सुमन ने पर्यावरण और बेटी बचाओ अभियान के तहत 1 लाख किमी की पदयात्रा कर 7 लाख पौधे लगाए. पीएमओ ने की सराहना. जानिए खबर विस्तार से…

विज्ञापन

Samastipur News: जब आज की आधुनिक दुनिया सुख-सुविधाओं और आराम की जिंदगी की ओर भाग रही है, तब बिहार के समस्तीपुर जिले के एक युवा ने प्रकृति और सांसे बचाने के लिए संघर्ष का एक बेहद अनोखा और कठिन रास्ता चुना है. आज यह शख्स पूरे देश में ‘ऑक्सीजन मैन’ (Oxygen Man) के नाम से प्रसिद्ध हो चुका है. समस्तीपुर जिले के रोसड़ा प्रखंड अंतर्गत ढरहा गांव के रहने वाले राजेश कुमार सुमन ने बेटी बचाओ, वन संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की कड़क चुनौतियों और जल-जंगल-जमीन को बचाने के महान उद्देश्य से एक ऐतिहासिक राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है.

पीठ पर जार और नाक में ऑक्सीजन मास्क

राजेश कुमार सुमन देश के लोगों को यह कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि प्रदूषण के कारण हमारी सांसें लगातार कम हो रही हैं, इसलिए आओ मिलकर पेड़ लगाएं. इस जागरूकता को धरातल पर उतारने के लिए वे अपनी पीठ पर बकायदा एक जार में पौधा रखकर और नाक में ऑक्सीजन मास्क लगाकर देशभर की यात्रा पर निकल पड़े.

कड़े संदेश के साथ नाप दिया देश

उन्होंने भारत के विभिन्न राज्यों के सैकड़ों शहरों और सुदूर गांवों में घूम-घूमकर अब तक पूरे 1 लाख किलोमीटर की लंबी पदयात्रा पूरी करने का एक कड़क रिकॉर्ड बनाया है. इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान उन्होंने देश की 7 लाख से अधिक बेटियों के सम्मान में उनके नाम पर पौधरोपण किया है. राजेश का कड़ाई से मानना है कि बेटी और पेड़ दोनों ही इस धरती पर मानव जीवन के असली आधार हैं, इसलिए दोनों का संरक्षण और सम्मान बेहद आवश्यक है.

अपमान सहकर भी नहीं डिगा हौसला

इस लंबी पदयात्रा के दौरान राजेश कुमार सुमन का पहनावा और उनका अंदाज हर किसी को कड़ाई से आकर्षित करता है. उनके एक हाथ में देश की आन-बान-शान तिरंगा होता है, तो दूसरे हाथ में पर्यावरण संरक्षण के कड़े संदेश लिखी तख्ती होती है. इसके साथ ही उनके सिर की टोपी पर ‘जल बचाओ, जीवन बचाओ’ एवं गले में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे बेहद जरूरी और कड़क संदेश अंकित रहते हैं. राजेश बताते हैं कि इस सफर के दौरान उन्हें कई बार घोर सामाजिक उदासीनता का शिकार होना पड़ा और कई बड़े समारोहों से लोगों ने उन्हें भगा भी दिया.

ग्रीन पाठशाला में गुरु-दक्षिणा के रूप में लेते हैं पौधे

राजेश कुमार सुमन केवल यात्रा ही नहीं कर रहे, बल्कि उनके नेतृत्व में युवाओं की एक समर्पित टीम ‘ग्रीन पाठशाला बीएसएस क्लब’ का सफल संचालन कर रही है. इस अनोखी पाठशाला में ग्रामीण बच्चों और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की कड़क तैयारी भी मुफ्त कराई जाती है. इस शिक्षा के बदले राजेश छात्रों से कोई फीस नहीं लेते, बल्कि गुरु-दक्षिणा के रूप में उनसे अनिवार्य रूप से पौधरोपण कराते हैं.

पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को पीएमओ ने भी सराहा

ऑक्सीजन मैन के इस अभूतपूर्व पर्यावरणीय योगदान को अब राष्ट्रीय स्तर पर एक कड़क पहचान मिली है. उनके इस महान कार्य की सराहना स्वयं देश के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा भी की जा चुकी है. इसके अलावा, राजेश को अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पर्यावरण सांसद, ग्लोबल एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट चेंज लीडर और पर्यावरण योद्धा सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है. बिहार सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री स्वर्गीय सुशील कुमार मोदी, पूर्व पर्यावरण मंत्री सुनील कुमार एवं समस्तीपुर जिला प्रशासन भी उन्हें उनके इस कड़क कार्य के लिए विशेष रूप से सम्मानित कर चुके हैं. राजेश कुमार सुमन ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर मानव जाति को बचाना है, तो धरती पर पौधारोपण ही एकमात्र और सबसे कड़ा विकल्प है.

विज्ञापन
Purushottam Kumar

लेखक के बारे में

By Purushottam Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन